शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

राजभाषा हिंदी के विकास के लिए सक्रिय : डा. दलसिंगार यादव

डॉ.दलसिंगार यादव का नाम ब्लागिंग के लिए अ-परिचित नहीं है. अपने ब्लॉग 'राजभाषा विकास परिषद्' के माध्यम से वे लगातार सक्रिय हैं. एक तरफ इस पर वे समसामयिक विषयों पर लिख रहे हैं, वहीँ हिंदी और उसके तकनीकी पक्ष को लेकर भी ब्लॉग के माध्यम से उन्होंने एक अनूठी पहल छेड़ रखी है. डॉ. दलसिंगार यादव का जन्म आज़मगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ और प्रारंभिक शिक्षा गांव व आज़मगढ़ में, बी.ए. व एम.ए. बी.एच.यू. वाराणसी, एलएल. बी. व पीएच. डी. पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, कंप्यूटर शिक्षा पुणे, कानपुर से। बी.ए. की पढ़ाई के दौरान 1967 में हिंदी आंदोलन में भाग लिया।

उन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक से उप महाप्रबंधक (राजभाषा)के पद से सेवा निवृत्त होकर राजभाषा विकास परिषद की स्थापना की और सम्प्रति इसके संस्थापक निदेशक के रूप में कार्यरत हैं. इन्होंने सेवा काल में 9 पुस्तकें, बैंकिंग व भाषा तथा पशुपालन पर लिखीं। एक पुस्तक इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित। फ़िलहाल नागपुर हाई कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस कर रहे डा. यादव सामाजिक तौर पर भी काफी सक्रिय हैं।


आज डा. दलसिंगार यादव जी का जन्म-दिवस है और इस अवसर पर यदुकुल परिवार की तरफ से उन्हें ढेरों शुभकामनायें. आप यूँ ही उन्नति के पथ पर प्रशस्त हों और समाज को नए आयाम दें !!

5 टिप्‍पणियां:

KK Yadav ने कहा…

डा. दलसिंगार जी का कार्य वाकई सराहनीय है. जन्मदिन पर बधाइयाँ.

Ram Avtar Yadav ने कहा…

डा. दलसिंगार यादव ने राजभाषा के विकास तथा समाज के उत्थान के लिए सचमुच सराहनीय कार्य किया है. व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक व्यस्तता के बावजूद यादव समाज के प्रति उनका समर्पण प्रशंसनीय है. डा. यादव को जन्म दिन पर ढेरो बधाइयाँ.

Bhanwar Singh ने कहा…

डा. दलसिंगार यादव के बारे में जानकर अच्छा लगा.

Bhanwar Singh ने कहा…

आप 'यदुकुल' के माध्यम से ऐसी छुपी प्रतिभाओं से परिचय करा रहे हैं..स्तुत्य प्रयास.

Vijai Mathur ने कहा…

हम डा.दल सिंगार जी के उज्जवल एवं समृद्ध भविष्य की कामना करते हैं.