यूँ तो व्यक्ति का जन्म एक ही दिन होता है। अतः उसका जन्मदिन भी साल में एक बार ही पड़ता है। इंसान बुलंदियों पर होता है तो उसका जन्मदिन उत्सव के रूप में कई-कई दिनों तक चलता रहता है। अब यही चर्चित साहित्यकार राजेंद्र यादव जी के साथ हो रहा है. साहित्याकाश के वह चमकते सितारे हैं। जिसकी कथा उन्होंने ’हंस‘ में छाप दी, वह भी रातोंरात स्टार बन जाता है। तो जनाब इसी शख्सियत का 80वां जन्मदिन आज 28 अगस्त (1929 में जन्म) को है लेकिन उनके चाहने वालों ने इस बार उनका जन्मदिनोंत्सव दो दिन मनाने का फैसला किया है। एक दिन का जिम्मा ख्यात साहित्यकार अशोक वाजपेयी ने अपने कंधे पर उठा रखा है तो दूसरे दिन की जिम्मेदारी स्वयं राजेंद्र यादव की नृत्यांगना बिटिया रचना यादव पर है। अब बिटिया की बात तो समझ में आती है लेकिन अशोक वाजपेयी के ‘होस्ट‘ बनने का कारण क्या है? इस बारे में पत्र-पत्रिकाओं में तरह-तरह की बातें हो रही हैं, लेकिन सुना यह भी जा रहा है कि जबसे एक मंच से नामवर सिंह ने राजेंद्र यादव की खिंचाई की है, अशोक वाजपेयी राजेंद्र यादव जी के और करीब सरक आए हैं। अब यह तो सभी जानते हैं कि नामवर सिंह और अशोक वाजपेयी के साहित्य जगत में परस्पर रिश्ते कैसे हैं? इसलिए यह बताने की जरूरत भी नहीं कि अशोक वाजपेयी दावत क्यों दे रहे हैं....! खैर, हम तो यही कहेंगे हैप्पी बर्थ-डे टू राजेंद्र यादव जी. आप दीर्घायु हों...आपकी साहित्यिक उम्र दीर्घायु हो...आखिरकार आप साहित्य जगत के साथ-साथ यदुवंशियों के भी सिरमौर हैं.यदुवंशियों पर केन्द्रित प्रथम हिंदी ब्लॉग पर आपका स्वागत है. कृपया इस ब्लॉग की कोई भी पोस्ट बिना पूर्व अनुमति किसी पत्र-पत्रिका या अन्य माध्यमों पर न प्रकाशित करें. यदि ऐसा करना बहुत जरुरी ही है तो साभार ही प्रकाशित करें और तदनुसार सामग्री का विवरण हमें भी प्रेषित करें.'यदुकुल' में प्रकाशनार्थ या अन्य किसी भी जानकारी हेतु rsmyadav1943@gmail.com पर संपर्क करें !!
शुक्रवार, 28 अगस्त 2009
80 साल के हुए राजेंद्र यादव
यूँ तो व्यक्ति का जन्म एक ही दिन होता है। अतः उसका जन्मदिन भी साल में एक बार ही पड़ता है। इंसान बुलंदियों पर होता है तो उसका जन्मदिन उत्सव के रूप में कई-कई दिनों तक चलता रहता है। अब यही चर्चित साहित्यकार राजेंद्र यादव जी के साथ हो रहा है. साहित्याकाश के वह चमकते सितारे हैं। जिसकी कथा उन्होंने ’हंस‘ में छाप दी, वह भी रातोंरात स्टार बन जाता है। तो जनाब इसी शख्सियत का 80वां जन्मदिन आज 28 अगस्त (1929 में जन्म) को है लेकिन उनके चाहने वालों ने इस बार उनका जन्मदिनोंत्सव दो दिन मनाने का फैसला किया है। एक दिन का जिम्मा ख्यात साहित्यकार अशोक वाजपेयी ने अपने कंधे पर उठा रखा है तो दूसरे दिन की जिम्मेदारी स्वयं राजेंद्र यादव की नृत्यांगना बिटिया रचना यादव पर है। अब बिटिया की बात तो समझ में आती है लेकिन अशोक वाजपेयी के ‘होस्ट‘ बनने का कारण क्या है? इस बारे में पत्र-पत्रिकाओं में तरह-तरह की बातें हो रही हैं, लेकिन सुना यह भी जा रहा है कि जबसे एक मंच से नामवर सिंह ने राजेंद्र यादव की खिंचाई की है, अशोक वाजपेयी राजेंद्र यादव जी के और करीब सरक आए हैं। अब यह तो सभी जानते हैं कि नामवर सिंह और अशोक वाजपेयी के साहित्य जगत में परस्पर रिश्ते कैसे हैं? इसलिए यह बताने की जरूरत भी नहीं कि अशोक वाजपेयी दावत क्यों दे रहे हैं....! खैर, हम तो यही कहेंगे हैप्पी बर्थ-डे टू राजेंद्र यादव जी. आप दीर्घायु हों...आपकी साहित्यिक उम्र दीर्घायु हो...आखिरकार आप साहित्य जगत के साथ-साथ यदुवंशियों के भी सिरमौर हैं.
राजेंद्र यादव जी को जन्म-दिन की बधाई.
जवाब देंहटाएंराजेंद्र यादव वाकई हिंदी-साहित्य के ग्रेट शो मैन हैं...उनका जन्मदिन भी भव्य होना चाहिए...बधाइयाँ .
जवाब देंहटाएंबिंदास राजेंद्र जी. आप खूब जियो और चर्चा में रहो आप.
जवाब देंहटाएंBelated Happy Birthday to Great personality Rajendra yadav ji.
जवाब देंहटाएंWishing great Succes & Fame to Rajendra Yadav on his Birthday.
जवाब देंहटाएंभंवर सिंह यादव
संपादक-यादव साम्राज्य
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जवाब देंहटाएंहिंदी-साहित्य के चाणक्य राजेंद्र यादव को जन्म दिन की ढेरों बधाई. वैसे भी मैं "हंस" का नियमित पाठक हूँ.
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