रविवार, 7 अगस्त 2011

मंडल कमीशन के 21 वर्ष...

मंडल कमीशन की रिपोर्ट के लागू होने के आज 21 वर्ष पूरे हो गए. भारतीय राजनीति को नई दिशा देने में मंडल-कमीशन की अहम् भूमिका रही है. इसी के बाद से भारतीय राजनीति और समाज व प्रशासन का चेहरा बदलना शुरू हुआ. आरक्षण के माध्यम से जहाँ पिछड़ों को उनका हक़ मिला, वहीँ भागीदारी भी. सामाजिक न्याय के पैरोकार रूप में बी. पी. मंडल की भूमिका आज भी उतने ही प्रासंगिक है।


स्वतन्त्रता पश्चात यादव कुल के जिन लोगों ने प्रतिष्ठित कार्य किये, उनमें बी0पी0 मंडल का नाम प्रमुख है। बिहार के मधेपुरा जिले के मुरहो गाँव में पैदा हुए बी0पी0 मंडल 1968 में बिहार के मुख्यमंत्री बने। 1978 में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रूप में 31 दिसम्बर 1980 को मंडल कमीशन के अध्यक्ष रूप में इसके प्रस्तावों को राष्ट्र के समक्ष उन्होंने पेश किया। यद्यपि मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने में एक दशक का समय लग गया पर इसकी सिफारिशों ने देश के समाजिक व राजनैतिक वातावरण में काफी दूरगामी परिवर्तन किए। कहना गलत न होगा कि मंडल कमीशन ने देश की भावी राजनीति के समीकरणांे की नींव रख दी।


बहुत कम ही लोगों को पता होगा कि बी0 पी0 मंडल के पिता रास बिहारी मंडल जो कि मुरहो एस्टेट के जमींदार व कांग्रेसी थे, ने ‘‘अखिल भारतीय गोप जाति महासभा’’ की स्थापना की और सर्वप्रथम माण्टेग्यू चेम्सफोर्ड समिति के सामने 1917 में यादवों को प्रशासनिक सेवा में आरक्षण देने की माँग की। यद्यपि मंडल परिवार रईस किस्म का था और जब बी0पी0 मंडल का प्रवेश दरभंगा महाराज (उस वक्त दरभंगा महाराज देश के सबसे बडे़ जमींदार माने जाते थे) हाई स्कूल में कराया गया तो उनके साथ हाॅस्टल में दो रसोईये व एक खवास (नौकर) को भी भेजा गया। पर इसके बावजूद मंडल परिवार ने सदैव सामाजिक न्याय की पैरोकारी की, जिसके चलते अपने हलवाहे किराय मुसहर को इस परिवार ने पचास के दशक के उत्तरार्द्ध में यादव बहुल मधेपुरा से सांसद बनाकर भेजा। राष्ट्र के प्रति बी0पी0 मंडल के अप्रतिम योगदान पर 1 जून 2001 को उन पर डाक टिकट जारी किया गया।


इतिहास में मील का पत्त्थर माने जाने वाले मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू हुए आज 21 साल पूरे हो गए..पर अभी भी लड़ाई जारी है, अपने हकों की.

6 टिप्‍पणियां:

Vijai Mathur ने कहा…

स्व.बिनदेशवरी प्रसाद मण्डल का विस्तृत परिचय प्राप्त हुआ। मण्डल कमीशन की सिफ़ारिशें लागू होने के 21 वर्षों के अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

ये लडाई तो चलती ही रहेगी।

------
ब्‍लॉगसमीक्षा की 27वीं कड़ी!
आखिर इस दर्द की दवा क्‍या है ?

Ratnesh Kr. Maurya ने कहा…

इस विषय पर बहुत कम ब्लागर्स ने कलम चलाई है. सामाजिक न्याय का सवाल आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है..शानदार पोस्ट..आभार.

Ratnesh Kr. Maurya ने कहा…

मण्डल कमीशन की सिफ़ारिशें लागू होने के 21 वर्षों के अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें।

डा० व्योम ने कहा…

यदुकुल पर बहुत महत्वपूर्ण सामग्री दे रहें हैं।

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

काफी महत्वपूर्ण जानकारी. आपकी शोधपरक क्षमता को नमन. यदुकुल ब्लॉग ने ने अल्प समय में ही काफी अच्छा काम किया है और नाम भी कमाया है. इससे जुड़े विद्वत-जनों की रचनाधर्मिता का कायल हूँ. शुभकामनाओं सहित.