राजकुमार यादव लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
राजकुमार यादव लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 22 मार्च 2013

'काय पो छे' में अभिनय का जलवा बिखेरते राजकुमार यादव

पिछले दिनों रिलीज़ हुई फिल्म 'काय पो छे' में गोविंद के किरदार के लिए तारीफ बटोरने वाले राजकुमार यादव को हीरो शब्द से ख़ासी परेशानी है.
दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजकुमार मानते हैं कि फिल्म लाइन में हीरो नहीं होते हैं. हीरो तो असल जीवन में होते हैं.
 
राजकुमार कहते हैं "बॉर्डर पर और समाज में हीरो होते हैं. हमारी फिल्मों में तो किरदार और कलाकार होते हैं. जब कोई कहता है कि तुम हमारी फिल्म के हीरो हो तो मैं कहता हूं नहीं, मैं आपकी फिल्म का एक्टर हूं."
परंपरागत हीरो की छवि से अलग दिखने वाले राजकुमार के मुताबिक "संघर्षों के दिनों में हर जगह से एक ही जवाब मिलता था कि नहीं थोड़ा और लंबा चाहिए, थोड़ा और गोरा चाहिए. मैं तो जैसा हूं अपने आपको वैसे ही पेश करता हूं. किरदार की डिमांड है तो मैं औऱ बदसूरत दिखूंगा और अगर अच्छा दिखना है तो जिम में काम करूंगा."
रोल की तैयारी के बारे में राजुकमार ने बताया कि काय पो छे में एक ठेठ गुजराती लड़के का रोल निभाने के लिए उन्होंने गुजराती भाषा सीखने के साथ साथ अपनी तरफ से किरदार को और उसके परिवेश को समझने की कोशिश भी की.

जेब में सत्रह रुपए

दिल्ली के पास गुड़गांव के रहने वाले राजुकमार ने पुणे स्थित एफटीआईआई से पढ़ाई करने के बाद मुंबई में लगभग ढाई साल संघर्ष किया और फिर उन्हें फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' में ब्रेक मिला.
 
अपने संघर्षों को याद करते हुए राजकुमार कहते हैं "एक समय था जब मेरे पास जेब में सत्रह रुपए थे और मेरे दोस्त के पास बारह रुपए और हमने सोचा कि आज हम खाना कैसे खाएंगे. लेकिन फिर ऐसे संघर्षों का भी अपना ही मज़ा है."
दिबाकर की फिल्म लव सेक्स और धोखा में ऑडिशन के बारे में राजकुमार बताते हैं कि किस तरह वो गलत कपड़े पहनकर चले गए थे जिसके लिए उन्हें अच्छी डांट भी पड़ी थी लेकिन दिबाकर को उनका काम इतना पसंद आया कि उन्हें फिल्म में रोल मिल गया.

काय पो छे के बाद...

रागिनी एमएमएस और गैंग्स ऑफ वासेपुर में अपने अभिनय से ध्यान बटोरने वाले राजकुमार ने बताया "काय पो छे देखने के बाद एक बहुत बड़े समीक्षक ने कहा कि पिछले कई सालों से बॉलीवुड में आए कलाकारों में तुम सबसे बेहतरीन हो."
अपने बदले वक्त की बात करते हुए राजकुमार ने कहा "लोग अब मुझे मेरे नाम से पहचानते हैं. पहले बोलते थे कि रागिनी वाला लड़का है या तलाश वाला लड़का है. अब लोग पहचानने लगे हैं. अब बड़े निर्देशक भी साथ में मिलकर काम करना चाहते हैं."
राजकुमार की आने वाली फिल्म 'शाहिद' है जो 26/11 मुंबई हमलों के एक अभियुक्त की ओर से केस लड़ने वाले वकील शाहिद आज़मी के जीवन पर आधारित है.
फेस्टिवल में दिखाई गई इस फिल्म में राजकुमार ने शाहिद का रोल निभाया है जिन्हें समीक्षकों द्वारा काफी पसंद भी किया जा रहा है.

रविवार, 21 मार्च 2010

राजकुमार यादव अभिनय के क्षेत्र में

आजकल हिंदी-सिनेमा में भी यदुवंशी दिखने लगे हैं। राजपाल यादव व रघुवीर यादव पहले से ही अभिनय के क्षेत्र में हैं तो हाल ही में लीना यादव की "तीन पत्ती" काफी चर्चा में रही. अब इस कड़ी में एक नया नाम जुड़ गया है- राजकुमार यादव, जो 'लव, सैक्स और धोखा' फिल्म के माध्यम से आपने जौहर दिखने को तैयार हैं. रंगमंच की दुनिया से फिल्मों में प्रवेश करने वाले गुड़गांव के राजकुमार यादव की पहली फीचर फिल्म 'लव, सैक्स और धोखा' शुक्रवार को देश भर में रिलीज हो गई . राजकुमार यादव की दूसरी फिल्म भी तैयार है और जो जुलाई में रिलीज होगी।दिवाकर बनर्जी द्वारा निर्देशित लव, सेक्स और धोखा मुख्य रूप आज के सामाजिक परिवेश पर आधारित है, जिसमें लोग अपनी से ज्यादा दूसरों की जिंदगी में ताकझांक करने में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं।

गुड़गांव के सिद्धेश्वर व ब्लू बेल्स स्कूल में पढ़े राजकुमार यादव काफी समय तक थियेटर में हस्ती माने जाने वाले गुड़गांव के महेश वरिष्ठ व अरुण मारवाह के साथ रंगमंच से जुडे़ रहे हैं। दिल्ली के आत्माराम कालेज से ग्रेजुएट राजकुमार ने तीन साल दिल्ली में थियेटर करने के बाद पूना के फिल्म इंस्टीट्यूट से अभिनय में दो साल का प्रशिक्षण लिया है। आमिर खान व इरफान खान से प्रभावित राजकुमार यादव इस फिल्म में लीड रोल की भूमिका निभा रहे हैं. इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे बेरोजगार युवक की भूमिका निभाई है जो जैसे तैसे अपनी जिदंगी गुजार रहा है और कर्जदार भी हो गया। कर्ज चुकाने के लिए भी उसे कई तरह के पापड़ बेलने पड़ते है। इस फिल्म में उनके साथ नेहा चौहान मुख्य भूमिका में है।
इस यदुवंशी के साथ हमारी शुभकामनायें साथ हैं !!