रविवार, 27 अगस्त 2017
नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव (पाखी) की पेंटिंग
मंगलवार, 24 मई 2016
मध्य प्रदेश बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा में दिव्या यादव ने किया टॉप
Girl student from rural area, Divya Yadav outshined in the state merit list of class X examination, 2016, by securing 589 marks out of 600. Madhya Pradesh Board of Secondary Education (MPBSE), declared the result of High School, 2016, on Monday.
Divya Yadav, student of Tanya Convent Higher Secondary School, Patan, brought laurel to the name of State, district and school by securing first position with 98.16 percent in Madhya Pradesh state merit list in the Class X, Madhya Pradesh Board of Secondary Education, 2016.
On this achievement, Divya Yadav said “This is the biggest moment for me and for my parents and school too. All this possible with the support of my parents and school teachers who were always present for me, always providing their guidance whenever I needed. My father is a farmer and mother is housewife.
I always wanted that my parents should feel proud of me and today, I have fulfilled their dreams. I always gave 6 to 7 hours for the studies, and I had never taken any kind of coaching. My teachers were always there for me, for clearing my doubts. I thank all my teachers and Principal. I have secured 100 marks in Sanskrit, 99 in Mathematics and Science. I want to take Maths Science group and after XII, I want to serve the nation and I will have to work hard for preparation of IAS examination.
Ram Shiv Murti Yadav @ http://yadukul.blogspot.in/
राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल
शनिवार, 30 मई 2015
नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) को "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान"
बुधवार, 20 मई 2015
नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) को मिलेगा कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान
गुरुवार, 25 सितंबर 2014
नन्ही ब्लाॅगर अक्षिता (पाखी) की बड़ी कामयाबी
शनिवार, 6 अप्रैल 2013
नन्ही ब्लागर अक्षिता (पाखी) यादव को शबाना आज़मी व डिम्पल यादव ने किया सम्मानित
मंगलवार, 13 नवंबर 2012
अरुण कुमार यादव बने 'डूडल फार गूगल' कांटेस्ट के विजेता
इस साल के कंपीटीशन का थीम एकता में अनेकता था जिसमें दो लाख के करीब एंट्रीज मिली थी। कंपनी ने गुगल लोगो पर 5 से 16 साल के बच्चों को डुडलिंग के जरिए अपनी सृजन क्षमता दिखाने के लिए आमंत्रित किया था। प्रतियोगिता को तीन अलग -अलग कैटेगरीज में बांटा गया था। पहली कैटेगरी पहली से तीसरी क्लास , दूसरी में चौथी से छठी क्लास के और तीसरी कैटेगरी में 7वीं से 10वीं कक्षा के बच्चों को शामिल किया गया था। यादव के अलावा पहली से तीसरी क्लास की कैटेगरी में श्री अरबिंदो स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन की सौभाग्य कालिया शामिल है। जबकि गुडग़ांव की अदिति तिवारी को चौथी से छठी क्लास वाली कैटेगरी में अंतिम तेरह में शामिल किया गया है। 'यदुकुल' की तरफ से अरुण कुमार यादव को हार्दिक बधाइयाँ !!
More than 100 million people across India will have a look at his doodle on the search engine's homepage on Children's Day (November 14)
-Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com
रविवार, 25 मार्च 2012
नन्हीं ब्लागर अक्षिता (पाखी) यादव को जन्मदिन पर बधाई
तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार !!
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नाम-अक्षिता (पाखी)
जन्म- 25 मार्च, 2007 (कानपुर)
मूल निवास - तहबरपुर, आजमगढ़ (यू.पी.)
मम्मी-पापा - श्रीमती आकांक्षा – श्री कृष्ण कुमार यादव
अध्ययनरत - के. जी.-II,
रुचियाँ- ड्राइंग, डांसिंग, प्लेयिंग.
प्रकाशन- इंटरनेट पर ब्लागोत्सव-2010, बाल-दुनिया, नन्हा-मन, सरस पायस, ताऊजी डाट काम, युवा-मन इत्यादि एवं चकमक, टाबर टोली, अनंता, सांवली इत्यादि पत्र-पत्रिकाओं में ड्राइंग/रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रकाशन.
प्रसारण- आकाशवाणी पोर्टब्लेयर से ‘बाल-जगत’ कार्यक्रम में प्रसारण.
ब्लॉग :‘पाखी की दुनिया’ का 24 जून, 2009 को आरंभ. इसमें अक्षिता (पाखी) की ड्राइंग, क्रिएटिविटी, फोटो, परिवार और स्कूल की बातें, घूमना-फिरना, बाल-गीत सहित बहुत कुछ शामिल है. 82 से ज्यादा देशों में अब तक देखे/पढ़े जाने वाली ‘पाखी की दुनिया’ का 200 से ज्यादा लोग अनुसरण करते हैं. 235 से ज्यादा प्रविष्टियों से सुसज्जित इस ब्लॉग को 36,500 से ज्यादा लोगों ने पढ़ा/देखा है. दिल्ली से प्रकाशित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हिंदी दैनिक ‘हिन्दुस्तान‘ के अनुसार-‘अक्षिता की उम्र तो बेहद कम है, लेकिन हिन्दी ब्लागिंग में वो एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी है। अक्षिता का ब्लाग बेहद पापुलर है और फिलहाल हिन्दी के टाॅप 100 ब्लॉगों में से एक है।'
विशेष -राजस्थान के वरिष्ठ बाल-साहित्यकार दीन दयाल शर्मा द्वारा अपनी पुस्तक ‘चूं-चूं’ के कवर-पेज पर अक्षिता (पाखी) की फोटो का अंकन. दीन दयाल शर्मा, रावेन्द्र कुमार ‘रवि’, डॉ. नागेश पांडेय ‘संजय’, एस. आर. भारती, डा. दुर्गाचरण मिश्र, द्वारा अक्षिता (पाखी) पर केन्द्रित बाल-गीतों/कविता की रचना.
सम्मान- ब्लागोत्सव -2010 में प्रकाशित रचनाओं की श्रेष्ठता के आधार पर “वर्ष की श्रेष्ठ नन्ही ब्लागर ” के रूप में सम्मानित. हिंदी साहित्य निकेतन, परिकल्पना डॉट कॉम और नुक्कड़ डॉट कॉम की त्रिवेणी द्वारा हिंदी भवन, नई दिल्ली में 30 अप्रैल, 2011 को आयोजित अन्तराष्ट्रीय ब्लाॅगर्स सम्मलेन में श्रेष्ठ नन्हीं ब्लाॅगर हेतु उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डा0 रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ”हिंदी साहित्य निकेतन परिकल्पना सम्मान-2010” अवार्ड.
बाल दिवस, 14 नवम्बर, 2011 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2011 से पुरस्कृत किया. अक्षिता इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली सबसे कम उम्र की प्रतिभा है. यही नहीं यह प्रथम अवसर था, जब किसी प्रतिभा को सरकारी स्तर पर हिंदी ब्लागिंग के लिए पुरस्कृत-सम्मानित किया गया.
पत्र-पत्रिकाओं में चर्चा-दैनिक हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, शुक्रवार, टाबर टोली, नेशनल एक्सप्रेस, नवोदित स्वर, बाल साहित्य समीक्षा, बुलंद इण्डिया, शुभ्र ज्योत्स्ना, सांवली, सत्य चक्र, इसमासो, हिंद क्रांति, दि मारल, अयोध्या संवाद, अंडमान-निकोबार द्वीप समाचार, The Indian Express, The Echo of India, The Daily Telegrams, Andaman Sheekha, Andaman Express, Aspect इत्यादि तमाम पत्र-पत्रिकाओं में अक्षिता और ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया’ की चर्चा.
अंतर्जाल पर चर्चा- हिंदी मीडिया.इन, स्वतंत्र आवाज़.काम, परिकल्पना, स्वर्गविभा, क्रिएटिव मंच-Creative Manch, बचपन, सरस पायस, बाल-दुनिया, बचपन, शब्द-साहित्य, रैन बसेरा, यदुकुल, Journalist Today, Akhtar Khan Akela इत्यादि तमाम वेब-पत्रिकाओं और ब्लॉगों पर चर्चा.
संपर्क - पुत्री- श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवा, इलाहाबाद परिक्षेत्र, इलाहाबाद-211001
ई-मेल- akshita_06@rediffmail.com
ब्लॉग- http://www.pakhi-akshita.blogspot.com/ (पाखी की दुनिया)
रविवार, 22 जनवरी 2012
आज़मगढ़ के ओम प्रकाश यादव को मिलेगा वीरता का संजय चोपड़ा अवार्ड
चार सितंबर 2010 का वह भयावह दिन.. आजमगढ़ जनपद में रास्ते में वैन में लगी गैस किट में शॉर्ट सर्किट की वजह से शोला बनी स्कूली वैन में बच्चे चीख रहे थे। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था क्या करें। चालक बच्चों को बचाने की बजाय गेट खोलकर भाग गया। इसी बीच आग ने पूरी वैन को चपेट में ले लिया। इन्हीं बच्चों के बीच वाहन में फंसे कक्षा 7 के छात्र ओमप्रकाश यादव ने जान बचाकर भागने की बजाय साहस का परिचय दिया और आठ बच्चों को सकुशल बाहर निकाला और ऐसा करने के दौरान वह 70 प्रतिशत तक जल गए थे। तीन माह तक वह अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा था। इस दौरान उसकी पढ़ाई भी बाधित हो गयी। खास बात यह हैं कि उसके एक हाथ की प्लास्टिक सर्जरी की भी जरुरत है। वहीं उसके शरीर के घाव अभी तक नहीं भरे हैं. अब उसे इस वीरता के लिए गणतंत्र दिवस प्रधानमंत्री द्वारा संजय चोपड़ा अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। ओमप्रकाश यादव को जब बताया गया कि उसे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मिलने का मौका मिलेगा, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दूसरों की जान बचाने के लिए दाहिना हाथ और चेहरा झुलसा लेने वाले ओम प्रकाश का कहना है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान इलाज के लिए कहेगा। हादसे के डेढ़ साल बीत चुके हैं, लेकिन उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह जख्मी अंगों की प्लास्टिक सर्जरी करा पाए। ओम प्रकाश यादव ने कहा, "मैं काफी गर्व का अनुभव करता हूं क्योंकि मैंने अपने स्कूल के साथियों का जीवन बचाया। मैं प्रधानमंत्री के हाथों राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने को लेकर काफी खुश हूं। मेरा संदेश है कि लोगों को एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए।"ओमप्रकाश यादव मूलत: आजमगढ़ के बिलरियागंज क्षेत्र के बगवार गांव के निवासी हैं. उनके पिता लालबहादुर एक साधारण किसान हैं। परिवार में तीन बहनें हैं। उनका कहना है कि जिस समय यह घटना हुई उस वक्त तो उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि हे भगवान अब क्या होगा। आज जब उनका बेटा सकुशल उनके साथ है तो काफी खुशी है। अब खुशी इस बात की और है कि उनके पुत्र के साहस को सरकार ने समझा और वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया। ओमप्रकाश की मां संध्या देवी ने कहा कि साहस का सम्मान तो होना ही चाहिए। गाँव के प्रधान अली अख्तर उर्फ मोती जिन्होंने घटना के समय अपने सहयोगियों के साथ गंभीर रुप से झुलसे बच्चों का अपने वाहन से जिला अस्पताल में भर्ती कराया उनका कहना है कि सच्चे मायने में ओमप्रकाश बहादुर है। इसकी जितनी भी तारीफ की जाय कम है।
प्रस्तुति- राम शिव मूर्ति यादव : यदुकुल
बुधवार, 9 नवंबर 2011
नन्हीं ब्लागर अक्षिता (पाखी) यादव 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' हेतु चयनित
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. तभी तो पाँच वर्षीया नन्हीं ब्लागर अक्षिता (पाखी) को वर्ष 2011 हेतु राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (National Child Award) के लिए चयनित किया गया है. सम्प्रति अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारतीय डाक सेवा के निदेशक और चर्चित लेखक, साहित्यकार, व ब्लागर कृष्ण कुमार यादव एवं लेखिका व ब्लागर आकांक्षा यादव की सुपुत्री अक्षिता को यह पुरस्कार 'कला और ब्लागिंग' (Excellence in the Field of Art and Blogging) के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि के लिए बाल दिवस, 14 नवम्बर 2011 को विज्ञानं भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीर्थ जी द्वारा प्रदान किया जायेगा. इसके तहत अक्षिता को 10,000 रूपये नकद राशि, एक मेडल और प्रमाण-पत्र दिया जायेगा.
यह प्रथम अवसर होगा, जब किसी प्रतिभा को सरकारी स्तर पर हिंदी ब्लागिंग के लिए पुरस्कृत-सम्मानित किया जायेगा. अक्षिता का ब्लॉग 'पाखी की दुनिया' (www.pakhi-akshita.blogspot.com/) हिंदी के चर्चित ब्लॉग में से है. फ़िलहाल अक्षिता पोर्टब्लेयर में कारमेल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में के. जी.- प्रथम की छात्रा हैं और उनके इस ब्लॉग का सञ्चालन उनके माता-पिता द्वारा किया जाता है, पर इस पर जिस रूप में अक्षिता द्वारा बनाये चित्र, पेंटिंग्स, फोटोग्राफ और अक्षिता की बातों को प्रस्तुत किया जाता है, वह इस ब्लॉग को रोचक बनता है.
नन्हीं ब्लागर अक्षिता (पाखी) को इस गौरवमयी उपलब्धि पर अनेकोंनेक शुभकामनायें और बधाइयाँ !!
शुक्रवार, 10 जून 2011
शाबाश ! शालिनी यादव

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) (BSEB) द्वारा 25 जून, 2011 को घोषित 10वीं के परीक्षा परिणाम में पटना जिला के खगौल स्थित घनश्याम बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा शालिनी यादव ने 460 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया. खगौल के शिक्षक राम श्रंगार यादव व पुष्पा यादव की इकलौती बेटी शालिनी यादव मूलत:ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखती है. शालिनी ने कहा-मुङो उम्मीद नहीं थी कि मैं टॉपर बनूंगी. उसने अपनी सफलता का श्रेय मां-पिता व शिक्षकों को दिया. कहा-मैं प्रतिदिन सात-आठ घंटे पढ़ाई करती थी. मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं व गरीबों की सेवा करना चाहती हूं.
उसकी सफलता पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और सरकार प्रतिभाओं को उभरने और निखरने में हर संभव सहयोग देगी।नीतीश कुमार ने शालिनी यादव के पटना के फुलवारी शरीफ स्थित आवास पर जाकर उसे पंद्रह हजार रुपये का चेक देने के साथ ही सम्मान स्वरूप एक लैपटॉप भेंट किया। उन्होंने शालिनी को उसकी शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए आगे की पढ़ाई भी पूरे मन से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता अंतिम नहीं है और लक्ष्य काफी दूर है और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर संघर्षशील रहना पड़ता है।
सोमवार, 2 मई 2011
अक्षिता यादव को उत्तरांचल के मुख्यमंत्री द्वारा श्रेष्ठ नन्हीं ब्लागर अवार्ड
हिंदी साहित्य निकेतन, परिकल्पना डॉट कॉम और नुक्कड़ डॉट कॉम की त्रिवेणी द्वारा हिंदी भवन, नई दिल्ली में 30 अप्रैल, 2011 को आयोजित भव्य अन्तराष्ट्रीय ब्लागर्स सम्मलेन में अक्षिता यादव (पाखी) को 'बेस्ट बेबी ब्लागर अवार्ड' का ख़िताब दिया गया. यह पुरस्कार उत्तरांचल के मुख्यमंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' जी द्वारा चर्चित व्यंग्यकार अशोक चक्रधर, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र, प्रभाकर श्रोत्रिय जैसे गणमान्य साहित्यकारों की गौरवमयी उपस्थिति में दिया गया.
दुर्भाग्यवश पायलटों की हड़ताल के चलते ऐनवक्त पर फ्लाईट कैंसिल हो जाने के चलते अक्षिता पोर्टब्लेयर से सम्मान ग्रहण करने नहीं जा सकीं, अत: उनकी अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके चाचा श्री अमित कुमार यादव, जो की 'युवा-मन' ब्लॉग के संयोजक भी हैं ने ग्रहण किया.
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25 मार्च 2007 को कानपुर में जन्मीं अक्षिता वर्तमान में कार्मेल स्कूल, पोर्टब्लेयर में के.जी.-I में पढ़ती है। अक्षिता के पिता कृष्ण कुमार यादव अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं व मम्मी आकांक्षा यादव उ0प्र0 के एक काॅलेज में प्रवक्ता हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लाॅगर भी हैं। अक्षिता की रुचियाँ हैं- प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग, ट्रेवलिंग, ब्लाॅगिंग। अक्षिता को ड्राइंग बनाना बहुत अच्छा लगता है। पहले तो हर माँ-बाप की तरह उनके मम्मी-पापा ने भी ध्यान नहीं दिया, पर धीरे-धीरे उन्होंने अक्षिता के बनाए चित्रों को सहेजना आरंभ कर दिया। इसी क्रम में इन चित्रों और अक्षिता की गतिविधियों को ब्लाॅग के माध्यम से भी लोगों के सामने प्रस्तुत करने का विचार आया और 24 जून 2009 को “पाखी की दुनिया” नाम से अक्षिता का ब्लाॅग अस्तित्व में आया। एक साल के भीतर ही करीब 30,000 हिन्दी ब्लाॅगों के मध्य यह ब्लॉग काफी लोकप्रिय होता गया. आज इस ब्लॉग पर 150 से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 140 से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लाॅग का संचालन अक्षिता के मम्मी-पापा द्वारा किया जाता है।
‘पाखी की दुनिया‘ ब्लाॅग के माध्यम से अक्षिता (पाखी) की सृजनात्मकता को भी पंख लग गए और लोगों ने उसे हाथों-हाथ लिया। इस ब्लॉग पर अंडमान के बारे में भी काफी जानकारियां और फोटोग्राफ हैं, जिसे पाठक काफी उत्सुकता से पढ़ते और सराहते हैं। गौरतलब है कि ‘पाखी की दुनिया‘ की चर्चा जहाँ तमाम पत्र-पत्रिकाओं में हुई है, वहीँ कुछ बाल साहित्यकार अक्षिता की मासूम प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि अपनी पुस्तक के कवर-पेज पर उसकी फोटो ही लगा दी।दिल्ली से प्रकाशित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हिंदी दैनिक ‘हिन्दुस्तान‘ ने लिखा कि- ‘‘अक्षिता की उम्र तो बेहद कम है, लेकिन हिन्दी ब्लाॅगिंग में वो एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी है। अक्षिता का ब्लाॅग बेहद पापुलर है और फिलहाल हिन्दी के टाॅप 100 ब्लाॅगों में से एक है। अक्षिता की तस्वीर बच्चों की एक पुस्तक के कवर पर भी छप चुकी है।“
शुक्रवार, 25 मार्च 2011
प्यारी पाखी को जन्मदिन की बधाइयाँ
पाखी के लिए कानपुर से डा0 दुर्गाचरण मिश्र जी ने एक प्यारी सी कविता भेजी है. इसे उन्होंने पाखी के कानपुर में रहने के दौरान लिखा था, पर अब इसे परिमार्जित करते हुए नए सिरे से भेजा है. आप भी इसका आनंद लें और पाखी को ढेर सारा आशीर्वाद और प्यार दें-
प्यारी-न्यारी पाखी
अक्षिता (पाखी) मेरा नाम है
सब करते मुझको प्यार
मम्मी-पापा की लाडली
मिलता जी भर खूब दुलार।
कानपुर नगर में जन्म लिया
25 मार्च 2006, दिन शनिवार
मम्मी-पापा हुए प्रफुल्लित
पूरा हुआ सपनों का संसार।
दादा-दादी, नाना-नानी
सब देखने को हुए बेकरार
मौसी, बुआ, मामा-मामी,
चाचू लाए खूब उपहार।
नन्हीं सी नटखट गुडि़या
सब रिझायें बार-बार
कितनी प्यारी किलकारी
घर में आये खूब बहार ।
मम्मी-पापा संग आ गई
अब, अण्डमान-निकोबार
यहाँ की दुनिया बड़ी निराली
प्रकृति की छाई है बहार ।
कार्मेल स्कूल में हुआ एडमिशन
प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग से प्यार
एल.के.जी. में पढ़ने जाती
मिला नए दोस्तों का संसार ।
समुद्र तट पर खूब घूमती
देखती तट और पहाड़
खूब जमकर मस्ती करती
और जी भरकर धमाल ।
मिल गई इक प्यारी बहना
खुशियों का बढ़ा संसार
तन्वी उसका नाम है
करती उसको मैं खूब प्यार ।
डा0 दुर्गाचरण मिश्र
अर्थ मंत्री- उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मलेन,
अध्यक्ष- साहित्य मन्दाकिनी (साहित्यिक संस्था)
248 सी-1 इंदिरानगर, कानपुर-208026
सोमवार, 26 जुलाई 2010
नन्हीं ब्लॉगर बनी अक्षिता यादव 'पाखी'
धन्य हैं वे माता-पिता जो बच्चों के भविष्य की चुनौतियों को अभी से ही आसान बना रहे हैं। अक्षिता यादव 'पाखी' कल जब दुनिया में अपने पैरों पर खड़ी होगी तो उसके सामने तकनीक से समृद्धशाली संसार होगा और एक क्लिक भर की दूरी पर सफलताएं और उपलब्धियां उसकी मुट्ठी में होंगी। माता-पिता की जागरुकता ने अक्षिता यादव 'पाखी' को नन्हीं ब्लॉगर बना दिया है। इसके लिए उसको वर्ष 2010 की श्रेष्ठ ब्लॉगर का खिताब मिला है। अक्षिता का ब्लॉग है 'पाखी की दुनिया' http://www।pakhi-akshita.blogspot.com ब्लॉगोत्सव-2010 के संयोजक रवीन्द्र प्रभात ने अक्षिता के लिए लिखा है कि-'एक ऐसी नन्हीं ब्लॉगर जिसके तेवर किसी परिपक्व ब्लॉगर से कम नहीं,जिसकी मासूमियत में छिपा है एक समृद्ध रचना संसार। यही नही उन्होंने अक्षिता को ब्लॉगोत्सव का सुपर स्टार बताते हुए लिखा कि-'अक्षिता पाखी हिंदी ब्लॉग जगत की एक ऐसी मासूम चिट्ठाकारा, जिसकी कविताओं और रेखाचित्र से ब्लॉगोत्सव की शुरुआत हुई और सच्चाई यह है कि उसकी रचनाओं की प्रशंसा हिंदी के कई महत्वपूर्ण चिट्ठाकारों से कहीं ज्यादा हुई है। लोकसंघर्ष-परिकल्पना के ब्लॉगोत्सव-2010 में प्रकाशित रचनाओं की श्रेष्ठता के आधार पर ब्लॉगोत्सव की टीम ने अक्षिता को वर्ष की श्रेष्ठ नन्हीं ब्लॉगर के रूप में सम्मानित करने का निर्णय लिया है।''पाखी की दुनिया' ब्लॉग का संचालन अक्षिता के मम्मी-पापा करते हैं। इस ब्लॉग के माध्यम से अक्षिता की सृजनात्मकता को भी पंख लग गए और लोगों ने उसे हाथों-हाथ लिया। राजस्थान के चर्चित बाल साहित्यकार दीनदयाल शर्मा अक्षिता की मासूम प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि अपनी पुस्तक 'चूं-चूं' के कवर-पेज पर अक्षिता की फोटो ही लगा दी। सरस-पायस के संपादक रावेन्द्र कुमार 'रवि' ने अक्षिता की ड्राइंग को लेकर पूरा बाल-गीत ही रच डाला तो तमाम ब्लॉग्स पर अक्षिता की चर्चा होने लगी। हिन्दी ब्लॉग जगत के सर्वाधिक सक्रिय ब्लॉगर समीर लाल ने कनाडा से 'पाखी की दुनिया' के लिए सुन्दर-सुन्दर कविताएं भी रचीं। कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव एवं अक्षिता को यह भी गौरव प्राप्त है कि एक ही परिवार के सभी सदस्य ब्लॉग-जगत में बखूबी सक्रिय हैं।
मंगलवार, 18 मई 2010
बहुमुखी प्रतिभा की नन्हीं धनी : पूजा यादव
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उसे बस अनुकूल परिवेश चाहिए. यदुवंश में तमाम ऐसी नन्हीं प्रतिभाएं हैं, जिनके जौहर आप विभिन्न ब्लॉग पर देख सकते हैं. ऐसी नन्हीं प्रतिभाओं को हमें यदुकुल पर स्थान देकर प्रसन्नता हो रही है, आखिर यही कल के भविष्य हैं. इस कड़ी में हमने आपको सबसे पहले नन्हीं प्रतिभा अक्षिता (पाखी) से मिलाया था. आज मिलिए पूजा यादव से, जो इतनी कम उम्र में ही ढेर सारी उपलब्धियां सहेजे हुए हैं. बाल उद्यान में हमें इनकी चित्रकारी के अद्भुत रंग देखने को मिले. चलिए हम भी पूजा यादव से परिचित होते हैं-नाम- पूजा प्रेम यादव
जन्मतिथि- 17 जून 1997


रविवार, 16 मई 2010
धूम मचाती नन्हीं प्रतिभा : अक्षिता (पाखी)
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उसे बस अनुकूल परिवेश चाहिए. यदुवंश में तमाम ऐसी नन्हीं प्रतिभाएं हैं, जिनके जौहर आप विभिन्न ब्लॉग पर देख सकते हैं. ऐसी नन्हीं प्रतिभाओं को हमें यदुकुल पर स्थान देकर प्रसन्नता हो रही है, आखिर यही कल के भविष्य हैं. इस कड़ी में आज मिलिए नन्हीं प्रतिभा अक्षिता (पाखी) से, जो न सिर्फ आपने ब्लॉग पाखी की दुनिया के माध्यम से सक्रिय हैं, बल्कि परिकल्पना ब्लागोत्सव और वैशाखानंद सम्मान प्रतियोगिता में भी इनकी रचनाएँ और ड्राइंग हमें देखने को मिले. चलिए हम भी अक्षिता (पाखी) से परिचित होते हैं-निक नेम - पाखी
जन्म- 25 मार्च, 2007 (कानपुर)
मम्मी-पापा - श्रीमती आकांक्षा - श्री कृष्ण कुमार यादव
अध्ययनरत - नर्सरी, कार्मेल स्कूल, पोर्टब्लेयर
रुचियाँ- प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग, बाल कवितायेँ पढ़ना व लिखना, ब्लागिंग
मूल निवास - तहबरपुर, आजमगढ़ (यू।पी.)
वर्तमान पता - द्वारा- श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पोर्टब्लेयर -744101 ई-मेल- akshita_06@rediffmail।com ब्लॉग- पाखी की दुनिया
अक्षिता की कविता: !! नन्हीं गौरैया !!
उड़कर आई नन्हीं गौरैया
लान में हमारे।
चूं-चूं करते उसके बच्चे
लगते कितने प्यारे।
गौरैया रोज तिनका लाती
प्यारा सा घोंसला बनाती।
चूं-चूं करते उसके बच्चे
चोंच से खाना खिलाती।
और अब अक्षिता की ड्राईंग -






