गुरुवार, 8 सितंबर 2016

सृष्टि को विनाश से बचने के लिए वृक्षारोपण जरुरी - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

 वृक्षारोपण मानव समाज का वैयक्तिक और सामाजिक दायित्व है। प्राचीन काल से ही मानव और वृक्षों का घनिष्ठ सम्बन्ध रहा है। मानवीय सभ्यता-संस्कृति के आरम्भिक विकास का पहला चरण भी वन-वृक्षों  की सघन छाया में ही उठाया गया। ऐसे में उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। अपने और आने वाली पीढ़ी के जीवन को बचाने के लिए हमें वृक्षारोपण करना ही होगा। उक्त उद्गार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर पर श्री यादव ने पौधरोपण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। 


डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वृक्ष कभी भी हमसे कुछ नहीं लेते, सिर्फ देते हैं।  ऐसे में यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में एक पेड़ लगाने और उसे भरपूर समृद्ध करने का भी संकल्प ले ले तो पर्यावरण को सतत सुरक्षित किया जा सकता है। विद्यार्थियों और युवाओं को नैतिक शिक्षा के तहत वृक्षारोपण के बारे में बताने और उन्हें इस ओर प्रेरित करने पर भी श्री यादव ने जोर दिया। 

श्री यादव ने कहा कि हमारी परंपरा में एक वृक्ष को दस पुत्रों के सामान मन गया है, क्योंकि वृक्ष पीढ़ियों तक हमारी सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि  वृक्षारोपण और उनके रक्षण के  दायित्व का निर्वाह कर सृष्टि को भावी विनाश से बचाया जा सकता है । 

इस अवसर पर डाक विभाग  के तमाम अधिकारी  और कर्मचारी  उपस्थित रहे।

बुधवार, 7 सितंबर 2016

श्रीकृष्ण द्वारा गीता में कही बातों को कॉरपोरेट जगत भी अपना रहा - कृष्ण कुमार यादव

श्रीकृष्ण सिर्फ एक भगवान या अवतार भर नहीं थे।  इन सबसे आगे वह एक ऐसे पथ-प्रदर्शक और मार्गदर्शक थे, जिनकी सार्थकता  हर युग में बनी रहेगी।  उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभासम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नहीं, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका गीता-ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है। उक्त विचार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ  एवं चर्चित साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव ने यादव समाज, जोधपुर द्वारा गाँधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र, जोधपुर में 25 अगस्त, 2016  को आयोजित जन्माष्टमी  स्नेह मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। 

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आज देश के युवाओं को श्रीकृष्ण के विराट चरित्र के बृहद अध्ययन की जरूरत है। राजनेताओं को उनकी विलक्षण राजनीति समझने की दरकार है और धर्म के प्रणेताओं, उपदेशकों को यह समझने की आवश्यकता है कि श्रीकृष्ण ने जीवन से भागने या पलायन करने या निषेध का संदेश कभी नहीं दिया। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण ने कभी कोई निषेध नहीं किया। उन्होंने पूरे जीवन को समग्रता के साथ स्वीकारा है। यही कारण है कि भगवान श्री कृष्ण की स्तुति लगभग सारी दुनिया में किसी न किसी रूप में की जाती है। यहाँ तक कि वे लोग जिन्हें हम साधारण रूप में नास्तिक या धर्मनिरपेक्ष की श्रेणी में रखते हैं, वे भी निश्चित रूप से भगवदगीता से प्रभावित हैं। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण द्वारा गीता में कहे गए उपदेशों का हर एक वाक्य हमें कर्म करने और जीने की कला सिखाता है। अब तो कॉरपोरेट जगत भी मैनेजमेंट के सिद्धांतों को गीता से जोड़कर प्रतिपादित कर रहा है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे रेलवे वर्कशॉप जोधपुर में उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री सत्यवीर सिंह यादव ने कहा कि भगवान् श्री कृष्ण  के चरित्र में सर्वत्र समदर्शिता प्रकट होती है।  रिटायर्ड अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समिति जोधपुर संभाग श्री योगेन्द्र सिंह यादव ने श्री कृष्ण के विचारों को सदैव प्रासंगिक बताते हुए उनके  जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यादव समाज, जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. शैलेष यादव ने कहा कि कृष्ण की सभी लीलाएँ कुछ न कुछ सन्देश देती हैं। उन लीलाओं को उनके आध्यात्मिक स्वरूप में ही समझा जा सकता है। यूथ हॉस्टल, जोधपुर के प्रबंधक ले. कर्नल (सेनि) प्रकाश चन्द्र यादव ने भी विचार व्यक्त किये।



कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने राजस्थान न्यायिक सेवा में चयनित (14 वीं रैंक) पूर्णिमा यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। 

इस अवसर पर  प्रविंद्र यादव, डॉ. राम रतन यादव, मदन सिंह यादव, अरुण यादव, आनंद यादव, राजकुमार यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नंदकिशोर यादव ने किया।
-राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल ब्लॉगhttp://yadukul.blogspot.com/

अखिलेश यादव ने पहलवान नरसिंह यादव को सी0बी0आई0 जांच का दिया भरोसा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने पहलवान श्री नरसिंह यादव को रियो ओलम्पिक-2016 से जुड़ी घटना को भुलाकर आगे बढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने श्री नरसिंह के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने भविष्य के लिए कठोर लक्ष्य निर्धारित कर और अधिक मेहनत करें, जिससे वे भविष्य में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त कर सकें।

 मुख्यमंत्री से 6 सितंबर, 2016 को उनके सरकारी आवास पर पहलवान श्री नरसिंह यादव ने मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी एक घटना से निराश होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उनके (श्री नरसिंह यादव के) मामले में समस्त तथ्यों की जांच सी0बी0आई0 से कराने का अनुरोध केन्द्र सरकार से करेगी, ताकि इस प्रकरण की गहराई से छानबीन हो सके और जो दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कार्यवाही हो सके। उन्होंने कहा कि सी0बी0आई0 जांच से भविष्य में अन्य किसी खिलाड़ी के साथ इस प्रकार की घटना होने की सम्भावना क्षीण हो जाएगी।

ज्ञातव्य है कि पहलवान श्री नरसिंह यादव को कोर्ट आॅफ आर्बिट्रेशन फाॅर स्पोर्ट्स (सी0ए0एस0) द्वारा ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है.
-राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल ब्लॉगhttp://yadukul.blogspot.in/

बुधवार, 25 मई 2016

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव गिरिराज सम्मान से हुए सम्मानित


प्रशासन के साथ-साथ हिंदी साहित्य और लेखन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ  श्री कृष्ण कुमार यादव को गगन स्वर प्रकाशन द्वारा " गिरिराज सम्मान -2016" से  सम्मानित किया गया। श्री यादव को यह सम्मान उनके रफी अहमद किदवई नेशनल पोस्टल एकेडमी, गाजियाबाद में प्रवास के दौरान गगन स्वर के सम्पादक ए. के मिश्र  ने शाल ओढ़ाकर, नारियल फल देकर  एवं प्रशस्ति पत्र देकर अभिनन्दन के साथ किया।  गौरतलब है कि श्री यादव को यह सम्मान गत माह हिंदी भवन, नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय साहित्यकार समारोह में पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास नीरज द्वारा पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुँवर बेचैन की सादर उपस्थिति में प्रदान किया जाना था।  पर अपनी व्यस्तताओं के चलते कार्यक्रम  शामिल न हो पाने पर डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव को यह सम्मान गाजियाबाद में उनके प्रवास के दौरान दिया गया। 

कार्यक्रम के संयोजक ए. के मिश्र  ने कहा कि, श्री कृष्ण कुमार यादव भारतीय डाक सेवा  के अत्यन्त ऊर्जस्वी और गतिमान युवा अधिकारी हैं। उच्च कोटि के चिंतक, लेखक एवं ब्लॉगर होने के साथ-साथ आपके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की साम्यता अद्भुत एवं विलक्षण है। आपने विभिन्न विषयों पर कुल 7 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें   'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह) 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श' (निबंध-संग्रह), India Post : 150 glorious years , 'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा' , ’जंगल में क्रिकेट’ (बाल-गीत संग्रह) एवं ’16 आने 16 लोग’(निबंध-संग्रह) शामिल हैं। श्री यादव के व्यक्तित्व-कृतित्व पर भी एक पुस्तक ‘‘बढ़ते चरण शिखर की ओर" (सं0 डाॅ0 दुर्गाचरण मिश्र) प्रकाशित हो चुकी  है। 

देश-विदेश से प्रकाशित तमाम पत्र पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर भी प्रमुखता से प्रकाशित होने वाले श्री कृष्ण कुमार यादव को इससे पूर्व उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा ’’अवध सम्मान’’, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी द्वारा ’’साहित्य सम्मान’’, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त द्वारा ”विज्ञान परिषद शताब्दी सम्मान”,  साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, परिकल्पना समूह द्वारा ’’दशक के श्रेष्ठ हिन्दी ब्लाॅगर दम्पति’’ सम्मान, विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डाॅक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘’डाॅ0 अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘‘, वैदिक क्रांति परिषद, देहरादून द्वारा ‘’श्रीमती सरस्वती सिंहजी सम्मान‘’, भारतीय बाल कल्याण संस्थान द्वारा ‘‘प्यारे मोहन स्मृति सम्मान‘‘, ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद द्वारा ”महाप्राण सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला‘ सम्मान”, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ‘‘भारती रत्न‘‘, अखिल भारतीय साहित्यकार अभिनन्दन समिति मथुरा द्वारा ‘‘महाकवि शेक्सपियर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान‘‘, भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा ’’पं0 बाल कृष्ण पाण्डेय पत्रकारिता सम्मान’’, सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और प्रशासन के साथ-साथ सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु तमाम सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त हो चुकी हैं।  

मंगलवार, 24 मई 2016

नरसिंह यादव का रियो ओलिंपिक में पदक का दावा पुख्ता

नरसिंह यादव। यह नाम आजकल बहुत चर्चा में है। नरसिह ने 2015 में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ओलिंपिक क्वॉलिफाइंग स्पॉट जीता। लेकिन दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार चाहते हैं कि 74 किलोग्राम भारवर्ग में ट्रायल हो और उसका विजेता रियो जाए। गौरतलब है कि नरसिंह यादव ने फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में चल रहे चौथे और अंतिम ओलिम्पिक क्वालीफाइंग कुश्ती टूर्नामेंट में 74 किग्रा. वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ ओलिम्पिक टिकट हासिल कर लिया। 

नरसिंह पंचम यादव एक किसान परिवार से आते हैं। उनका जन्म 6 अगस्त 1989 को हुआ। वह सुशील कुमार से छह साल छोटे हैं। नरसिंह यादव ने 13 साल की उम्र में अपने भाई विनोद, जो खुद एक पहलवान हैं, के साथ रेसलिंग शुरू की थी। नरसिंह ने मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में कुश्ती का ककहरा सीखा। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पहली बार नरसिंह को कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उस समय भी वह 74 किलोग्राम भारवर्ग में ही हिस्सा लेते थे। 

रियो ओलिंपिक में 74 किलोग्राम भार वर्ग में अलग-अलग देशों के 19 पहलवान शामिल होंगे, इनमें कुछ पदक के प्रबल दावेदार हैं। इनमें से सात पहलवानों को भारत के नरसिंह पंचम यादव हरा चुके हैं। नरसिंह की यह उपलब्धि रियो में पदक के उनके दावे को पुख्ता करती है। भारतीय कुश्ती संघ के प्रधान बृजभूषण शरण सिंह भी नरसिंह को पदक का दावा मजबूत मान रहे हैं। उनका कहना है कि नरसिंह का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है और उम्मीद है कि वह इसे बनाए रखेंगे। 

रियो ओलिंपिक जाने वाले जिन विदेशी पहलवानों को नरसिंह हरा चुके हैं, उनमें उन देशों के पहलवान भी शामिल हैं, जिनका विश्व कुश्ती में रुतबा है। यानी विश्व चैंपियनशिप से लेकर ओलिंपिक तक जिन देशों के पहलवान पदक जीतने में माहिर हैं। इनमें जॉर्जिया के जकोब कमर शबिलि यूरोपियन गेम्स के पदक विजेता हैं। फ्रांस के जेलिमखन खदजिव जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं और क्यूबा के लिओन लोपेज लंदन 2012 में कांस्य पदक व तीन बार विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं। मंगोलिया के पहलवान उनुर्बत पुरेवजब विश्व चैंपियनशिप में दो बार के पदक विजेता हैं। तुर्की के सोनेर देमिरतस यूरोपियन गेम्स और जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं। अजरबैजान के जाब्रायिल हसनोव दो बार विश्व चैंपियनशिप में पदक, पांच बार यूरोप चैंपियनशिप व विश्व कप में पदक जीत चुके हैं। बुल्गारिया के जिओर्गी इवानोव ने विश्व क्वालीफायर राउंड में शानदार प्रदर्शन कर रियो का टिकट पक्का किया है। इन सब को अलग-अलग जगहों पर हुए मुकाबलों में नरसिंह हरा चुके हैं। इन्हीं पहलवानों से रियो ओलिंपिक में नरसिंह का मुकाबला होना है।

74 किलोग्राम वर्ग में रियो ओलंपिक में जाने को लेकर सुशील कुमार ने अब कोर्ट का रुख किया है। 32 साल के सुशील कुमार ने नरसिंह यादव के साथ ट्रायल कराने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जाने का फैसला किया है। इससे पहले खेल मंत्रालय ने पहले ही साफ कर दिया है कि 74 किलोग्राम वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इस बात का फैसला फेडरेशन को लेना है। इससे पहले सिर्फ एक बार ही ट्रायल हुआ है। 1996 अटलांटा ओलंपिक से पहले पप्पू यादव और काका पवार के बीच ट्रायल हुआ था। जिसमें काका पवार ने बाजी मारी थी औऱ उन्होंने अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
Ram Shiv Murti Yadav @ http://yadukul.blogspot.in/

मध्य प्रदेश बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा में दिव्या यादव ने किया टॉप

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश द्वारा 16 मई, 2016 को घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में गांव के किसान की बेटी दिव्या यादव ने 589 अंक पाकर प्रदेश की मैरिट सूची में पहला स्थान प्राप्त किया है। दिव्या यादव जबलपुर जिले की पाटन तहसील के तान्या कांवेंट स्कूल की छात्रा है। पाटन से पांच किमी दूर थाने गांव के किसान अरुण यादव की बेटी दिव्या ने संस्कृत विषय में 100 में से 100 अंक, गणित और विज्ञान में 99-99 अंक प्राप्त किए हैं। 
दिव्या यादव ने बताया कि उन्होंने एमपी टॉप रहने का टारगेट बनाकर पढ़ाई की थी। इसके लिए सुबह शाम मेहनत की । वह आगे चलकर कलेक्टर बनना चाहती हैं। दिव्या ने कोई कोचिंग नहीं की बल्कि अपना मुकाम घर में पढ़ाई करके प्राप्त किया है। इसमें उनके स्कूल टीचर और माता-पिता का सहयोग रहता था। दिव्या का कहना है कि सभी छात्र अपना टारगेट तय कर यदि पढ़ाई करें तो निश्चित ही सफलता मिलती है। दिव्या की इस सफलता से उसके माता-पिता और शिक्षक काफी खुश हैं।

Girl student from rural area, Divya Yadav outshined in the state merit list of class X examination, 2016, by securing 589 marks out of 600. Madhya Pradesh Board of Secondary Education (MPBSE), declared the result of High School, 2016, on Monday.

Divya Yadav, student of Tanya Convent Higher Secondary School, Patan, brought laurel to the name of State, district and school by securing first position with 98.16 percent in Madhya Pradesh state merit list in the Class X, Madhya Pradesh Board of Secondary Education, 2016.

On this achievement, Divya Yadav said “This is the biggest moment for me and for my parents and school too. All this possible with the support of my parents and school teachers who were always present for me, always providing their guidance whenever I needed. My father is a farmer and mother is housewife.

I always wanted that my parents should feel proud of me and today, I have fulfilled their dreams. I always gave 6 to 7 hours for the studies, and I had never taken any kind of coaching. My teachers were always there for me, for clearing my doubts. I thank all my teachers and Principal. I have secured 100 marks in Sanskrit, 99 in Mathematics and Science. I want to take Maths Science group and after XII, I want to serve the nation and I will have to work hard for preparation of IAS examination.
Ram Shiv Murti Yadav @ http://yadukul.blogspot.in/
राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल 

बुधवार, 30 मार्च 2016

'उच्च शिक्षा में तकनीकी शब्दावली का प्रयोग'' संबंधित राष्ट्रीय कार्यशाला का निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन

 भूमण्डलीकरण, उदारीकरण, उन्नत प्रौद्योगिकी एवं सूचना-तकनीक के बढ़ते इस युग में यदि सबसे बड़ी चुनौती भाषा के लिए पैदा हुई है तो इसी चुनौती स्वरूप भाषाओं का विकास भी हुआ है। हिन्दी और अन्य भारतीय भाषायें उच्च शिक्षा का माध्यम न होने के कारण भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया से लम्बे समय तक दूर रहीं हैं। इसलिए हिन्दी तथा भारतीय भाषाओं को विज्ञान तथा तकनीकी क्षेत्र में विकसित करने के लिए सुनियोजित प्रयास की जरूरत है। उक्त उद्गार चर्चित हिंदी लेखक  एवं राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली एवं हिंदी विभाग, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा एम. बी. एम. इंजीनियरिंग कॉलेज के इंटरनेशनल सभागार में 27 मार्च, 2016 को आयोजित ''उच्च शिक्षा में तकनीकी शब्दावली का प्रयोग'' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।

अपने सारगर्भित सम्बोधन में निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  भूमण्डलीकरण के दौर में तकनीकी शब्दावली की अधिकाधिक आवश्यकता है। दुनिया में जापान, फ्रांस जैसे तमाम विकसित देश अपनी भाषा के माध्यम से तकनीक के सिरमौर बने हुए हैं, ऐसे में  अपनी सभ्यता, विरासत और संस्कृति की अच्छी चीजों को सहेजकर ही विज्ञान को उन्नत बनाया जा सकता है और मौलिक चिन्तन व  आविष्कार की स्वतंत्रता के लिए स्वयं की भाषा को ही वरीयता देना होगा। हमारे देश के पास प्राचीन समय से ही अपार सम्पदा के रूप में शब्दावली मौजूद है उसको सुरक्षित और संरक्षित रखने की आवश्यकता है। विदेशी भाषा का ज्ञान रखना जो लोग शान समझते है उन्हें अपनी भाषा पर गर्व करना चाहिए क्योंकि भाषा हमारे मूल्यों, परम्पराओं और संस्कृति का संरक्षण करती है। निज भाषा में इनका संरक्षण संभव है। अपने महान ग्रंथों से मोती चुनकर, दुनिया की तमाम भाषाओँ में लिखे जा रहे शोधकार्यों को अपनी मातृभाषा में अनुवादित कर, विज्ञानं और प्रौद्योगिकी को सहज रूप में अपनी मातृभाषा के माध्यम से लोगों में विस्तारित करके, उच्च शिक्षा में अपनी भाषा में मौलिक शोधों को बढ़ावा देकर और तकनीक को हौव्वा की बजाय दिनचर्या और नवाचार से जोड़कर इसे और भी समृद्ध बनाया जा सकता है। श्री यादव ने कहा कि आम आदमी की भाषा विज्ञान और तकनीक की भाषा से पृथक हो सकती है पर इसका तात्पर्य यह नहीं कि जनसामान्य की भाषा में विज्ञान और तकनीक की बातें नहीं समझाई जा सकतीं। बस जरूरत हमें अपनी सोच और कार्य प्रणाली बदलने की है। 

     कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रो. सुधि राजीव, अधिष्ठाता कला, शिक्षा एवं समाज विज्ञान संकाय,जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय , जोधपुर ने कहा कि हर भाषा अपने व्यक्तित्व का स्वरूप होती है यह वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से पल्लवित और पोषित है। भाषा मनुष्य होने का प्रमाणिक दस्तावेज है जो हमारी और हमारे राष्ट्र की पहचान कराती है। 


       सारस्वत वक्ता के रूप में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली के सहायक निदेशक इंजी. मोहन लाल मीना ने वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग की कार्यप्रणाली व उसके उद्देश्यों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि  विज्ञान व तकनीकी विषयों में हिन्दी शब्दों का प्रयोग प्रारम्भ में कठिन प्रतीत होते है लेकिन सतत् प्रयोग से इन्हें आसानी से समझा व प्रयोग में लाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि विषय के विकास हेतु अनुकूल शब्दावली की आवश्यकता होती है। आयोग के ही जय सिंह रावत ने तकनीकी शब्दावली का प्रयोग के सरलीकरण पर प्रकाश डाला। 

           कार्यक्रम के  प्रारम्भ में कार्यशाला के संयोजक प्रो. श्रवण कुमार मीना ने कार्यशाला की रूपरेखा बताते हुए समस्त अतिथियों का स्वागत किया तथा हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो. देवेन्द्र कुमार सिंह गौतम ने धन्यवाद ज्ञापित किया संचालन डाॅ. कामिनी ओझा ने किया।  इस दौरान विभिन्न प्रांतों से आए हुए वैज्ञानिक, शिक्षक गण, विद्व्त जन एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।  उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न वक्ताओं ने  उच्च शिक्षा में तकनीकी शब्दावली के  प्रयोग पर अपने विचार व्यक्त किये।

           प्रथम तकनीकी सत्र् में सारस्वत वक्ता प्रो. रामलखन मीना, राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय, अजमेर ने हिन्दी की तकनीकी शब्दावली के विविध पक्षों सामान्य, साहित्यिक प्रयोजन व तकनीकी पक्षों पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि वैज्ञानिक शब्दावली का निर्माण होने के बावजूद इसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है क्योंकि लोग मानते हैं कि ये आम बोलचाल की भाषा नहीं है। दूसरे वक्ता डाॅ. मोहर सिंह, प्रधान वैज्ञानिक आई.सी.ए.आर. ने अपने व्याख्यान में कहा कि तकनीकी शब्दावली के माध्यम से कृषि नवाचार को किसानों तक पहुंचाना असान बनाना होगा। डाॅ. रामराज ने अपने वक्तव्य में कहा की तकनीकी शब्दावली के माध्यम से किसानों तक अपनी बात को आसानी से पहुंचाया जा सकता है। जिससे वे कृषि उत्पाद को बढ़ा सके। वनस्पति विज्ञान के सेवानिवृत प्रो. नरपत सिंह शेखावत ने अपने उद्बोधन में कहा की कृषि विज्ञान में तकनीकी शब्दावली के माध्यम से शब्दों को सुगम बनाया जा रहा है जो वर्तमान संदर्भो में उपयोगी सिद्ध हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. महेन्द्र सिंह ने किया तथा अंत में डाॅ. प्रवीण चंद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। दूसरे तकनीकी सत्र में अजमेर से पधारे डाॅ. आलोक चतुर्वेदी ने पाॅवर प्रजेंटेशन के माध्यम से विज्ञान विषयों में तकनीकी शब्दावली के सरलीकरण पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। डाॅ. आर. पी. मीना पादप रोग वैज्ञानिक, आनन्द गुजरात ने कृषि विषय में आने वाले शब्दों की कठिनाई को सरलता पूर्वक समझाया और कहा की किसानों के लिए भाषा का सरलीकरण अत्यन्त आवश्यक है। सत्र का संचालन प्रवीण चंद ने किया और डाॅ. कुलदीप मीना ने  धन्यवाद ज्ञापित किया।

मंगलवार, 29 मार्च 2016

राजनीति में सबसे बड़ा परिवार बना ''मुलायम'' परिवार

उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे शक्तिशाली यादव परिवार का एक और सदस्य अब सक्रिय राजनीति में दस्तक देने को तैयार है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादवको 2017 का यूपीविधानसभा चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है। वे लखनऊ कैंट सीट से सपा प्रत्याशी होंगी। इसके चलते राजनीतिक परिवारों से अलग मुलायम का परिवार एक ही पार्टी में है यानि अपर्णा को मिलाकर सभी 16 सदस्य समाजवादी पार्टी का हिस्सा हैं जिसे 77 साल के मुलायम सिंह यादव ने खड़ा कर दिया है। मिलते है मुलायम सिंह की 16 सदस्यों से जो राजनीति में अपना रुतबा जमा रहे है।

मुलायम सिंह यादव
नेताजी के नाम फेमस मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के अगुआ और पार्टी संस्थापक हैं। उन्होंने 4 अक्टूबर 1992 को समाजवादी पार्टी का गठन किया था। अपने राजनीतिक करियर में वह तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। फिलहाल उनके बेटे अखिलेश यादव यूपी के सीएम हैं और वह केंद्र की राजनीति पर फोकस किए हुए हैं। मुलायम सिंह यादव ने राजनीति में परिवार के 20 सदस्यों की एंट्री करा दी है, जिसके आधार पर मुलायम परिवार देश का सबसे बड़ा सियासी परिवार बना हुआ है।

शिवपाल सिंह यादव
जीती हुई सीट पर घरवालों को लड़ाने के इस खेल में सबसे पहले शिवपाल सिंह यादव शामिल हुए। हालांकि, सहकारिता आंदोलन के जरिए शिवपाल सिंह यादव ने राजनीति में अपनी पैठ बना ली थी। वे 1988 में पहली बार इटावा के जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए। 1996 में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपनी जसवंतनगर की सीट छोटे भाई शिवपाल के लिए खाली कर दी थी। साथ ही खुद मैनपुरी से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इसके बाद से ही शिवपाल सिंह यादव का जसवंतनगर की विधानसभा सीट पर का कब्जा बरकरार है।

रामगोपाल सिंह यादव
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई रामगोपाल यादव मौजूदा समय में भले की राज्यसभा से सांसद हो, लेकिन उन्होंने भी राजनीति में एंट्री इसी जुगाड़ से की थी। मुलायम सिंह ने 2004 में संभल सीट रामगोपाल के लिए छोड़ दी थी और खुद मैनपुरी से सांसद का चुनाव लड़ा था। रामगोपाल ने भी इस सीट से जीत हासिल करके संसद पहुंचे थे।

अखिलेश यादव
सपा मुखिया में अपने भाइयों को राजनीति में एंट्री कर दी थी। अब बारी बेटे अखिलेश यादव की थी। इसके लिए उन्होंने 1999 की लोकसभा चुनाव संभल और कन्नौज दोनों सीटों लड़ा और जीता। इसके बाद सीएम अखिलेश के लिए कन्नौज की सीट खाली कर दी। अखिलेश ने कन्नौज की सीट से चुनाव लड़ा और जीता। इसी के साथ उनकी भी राजनीति में एंट्री हो चुकी थी।

धर्मेंद्र यादव
अखिलेश के बाद यादव परिवार के दूसरी पीढ़ी से सबसे पहले धर्मेंद्र यादव का नंबर लगा। 2004 में सीएम रहते हुए मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से चुनाव लड़ा और जीता। बाद में यह सीट अपने भतीजे धर्मेंद्र यादव के लिए खाली कर दी। 25 साल के भतीजे ने भी अपने चाचा मुलायम को निराश नहीं किया और रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल की। उस वक्त उन्होंने 14वीं लोकसभा में सबसे कम उम्र के सांसद बनने का रिकार्ड बनाया। इसी के साथ धर्मेंद्र का भी राजनीति में कैरियर शुरू हो गया।

डिंपल यादव
पिता द्वारा राजनीति पदार्पण करने के इस नायाब तरीके को बेटे अखिलेश यादव ने भी अाजमाया। 2009 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज और फिरोजाबाद से जीतकर फिरोजाबाद की सीट की अपनी पत्नी डिंपल यादव के लिए छोड़ दी, लेकिन इस बार पासा उलट पड़ गया और डिंपल को कांग्रेस उम्मीदवार राजबब्बर ने हारा दिया।
पहली बार में इस खेल में मात खाने बावजूद अखिलेश का भरोसा इस फार्मूले से नहीं टूटा। 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश ने अपनी कन्नौज लोकसभा सीट एक बार फिर डिंपल के लिए खाली की। इसबार सूबे में सपा की लहर का आलम ये था कि किसी भी पार्टी की डिंपल के खिलाफ प्रत्याशी उतारने की हिम्मत नहीं हुई और वो निर्विरोध जीती।

तेज प्रताप यादव
तेजप्रताप यादव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के पोते हैं। वे मैनपुरी से सांसद हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी और आजमगढ़ दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट मैनपुरी खाली कर दी थी। इस सीट पर उन्होंने अपने पोते तेज प्रताप यादव को चुनाव लड़ाया। तेजप्रताप ने भी अपने दादा को निराश नहीं किया और बंपर वोटों से चुनाव में जीत हासिल की। साथ ही इस राजनीति में धमाकेदार एंट्री की।

अक्षय यादव
अक्षय यादव मौजूदा समय में फिरोजाबाद से सपा सांसद हैं। अक्षय यादव भी पहली बार चुनाव जीतकर सक्रिया राजनीति में उतरे हैं। यह सीट यादव परिवार की पारंपरिक संसदीय सीट रही है। जब अखिलेश यादव ने वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद और कन्नौज से चुनाव लड़ा था, उस समय फिरोजाबाद के चुनाव प्रबंधन की कमान अक्षय यादव ने संभाली थी। इसके बाद अखिलेश ने फिरोजाबाद सीट छोड़ दी और उपचुनाव में पत्नी डिंपल यादव को चुनाव लड़ाया। भाभी डिंपल का चुनाव प्रबंधन भी अक्षय ने संभाला था, लेकिन कांग्रेस नेता राज बब्बर ने डिंपल को हरा दिया था।

प्रेमलता यादव
मुलायम सिंह यादव के भाई राजपाल यादव की पत्नी हैं प्रेमलता यादव। 2005 में वह इटावा की जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं।

सरला यादव
यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर शिवपाल यादव की पत्नी हैं सरला यादव। 2007 में जिला सहकारी बैंक इटावा की राज्य प्रतिनिधि बनाया गया था।

अरविन्द यादव
2012 में वह छिबरामऊ से विधानसभा चुनाव जीते थे। इससे पहले भी वह इसी सीट से विधायक बने थे।

अक्षय यादव
रामगोपाल यादव का बड़े बेटे हैं अक्षय यादव। फिरोजाबाद से लोकसभा सांसद हैं अक्षय यादव। 


आदित्य यादव
शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव को जसवंत नगर लोकसभा सीट से एरिया इंचार्ज थे। मौजूदा समय में वह यूपीपीसीएफ के चेयरमैन हैं।

अंशुल यादव
राजपाल और प्रेमलता यादव के बड़े बेटे हैं अंशुल यादव। 2016 में इटावा से निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए हैं अंशुल यादव।

संध्या यादव
सपा सुप्रीमो की भतीजी और सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन संध्या यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष के जरिए राजनीतिक एंट्री की है। उन्हें मैनपुरी से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए निर्विरोध चुना गया है।








सोमवार, 28 मार्च 2016

मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव भी अब सक्रिय राजनीति में, लखनऊ कैंट से लड़ेंगी विधानसभा चुनाव

मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव को लखनऊ कैंट से पार्टी का टिकट मिला है। अभी इस सीट पर कांग्रेस की सीनियर लीडर रीता बहुगुणा जोशी का कब्जा है। सपा आजतक इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई है। बता दें, अपर्णा मुलायम परिवार की ऐसी पहली सदस्य हैं जो परिवार के गढ़ से बाहर निकलकर चुनाव लड़ेंगी। लखनऊ से क्यों मिला टिकट...

- अपर्णा मूलत: लखनऊ की रहने वाली हैं। उनके पिता यहां के जाने-माने जर्नलिस्ट हैं।
- उनकी स्कूलिंग भी लखनऊ में हुई है।

- 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा कैंडिडेट सुरेश चौहान ने 13 फीसदी वोट के साथ चौथे नंबर पर थे। 
- इस सीट पर कांग्रेस को 30.76%, बीजेपी को 26%, बीएसपी को 18% वोट मिले थे। 
- इस सीट पर अब तक कांग्रेस 7 बार और बीजेपी 5 बार जीती है। 

सामजिक मुद्दों पर खुलकर विचार रखती हैं अपर्णा

- अपर्णा यादव सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखने के लिए जानी जाती हैं।
- निर्भया केस में र‍िहा हुए नाबालिग आरोपी पर उन्होंने कहा था कि आरोपी भले ही छूट गया हो, लेकिन उसे यूपी में घुसने नहीं दिया जाएगा।
- अपर्णा ने जुवेनाइल जस्टिस बिल पास कराने के लिए राज्यसभा का शुक्रिया अदा किया था।

मोदी की तारीफ कर चुकी हैं अपर्णा

- अपर्णा कई बार पार्टी लाइन से अलग जाकर भी अपने विचार रखती रही हैं।
- राजधानी में एक प्रोग्राम के दौरान उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि लोगों का भरोसा मोदी पर बहुत ज्यादा बढ़ा है।
- यही वजह है कि जब मोदी जी ने झाड़ू उठाई, तो पूरे देश में अभियान छिड़ गया।

म्यूजिक में भी है अपर्णा का इंटरेस्ट
- अपर्णा का म्यूजिक में भी काफी इंटरेस्ट है।
- सैफई मोहत्सव में भी हर साल उनका म्यूजिक प्रोग्राम होता है।
- इनमें वो कई बॉलीवुड सितारों के साथ स्टेज शेयर कर चुकी हैं।

बुधवार, 16 मार्च 2016

डाॅ अनुरूद्ध सिंह यादव बने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नए अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने डाॅ अनुरूद्ध सिंह यादव को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की संस्तुति पर राज्यपाल ने डाॅ अनुरूद्ध सिंह यादव के नाम को अनुमोदित कर दिया है। अनिरुद्ध सिंह यादव ने आगरा यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है। पीएचडी में उनका टॉपिक श्रीलंका की जाति समस्या सुलझाने में भारत शांति सेना की भूमिका था। वे जीबी पंत कॉलेज कछला बदांयू में प्रिंसिपल रह चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने नवंबर 2015 में डॉ. सुनील कुमार जैन सदस्य उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को तीन माह या नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। राज्यपाल ने राज्य सरकार से यह भी अपेक्षा की थी कि तीन माह के अंदर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्ण कालिक अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए उचित व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव भेजा जाए। इसी प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने यूपी लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद के लिए डाॅ अनुरूद्ध सिंह यादव के नाम की संस्तुति की थी। लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के नये अध्यक्ष डॉ. अनुरूद्ध सिंह यादव ने कहा कि उनका पहला काम पूरी पारदर्शिता के साथ हर प्रकार की भर्तियों को अंजाम देना है। आयोग की शुचिता  तथा विश्वनीयता पर आंच नहीं आने दी जायेगी। अनिरुद्ध यादव ने 15 मार्च 2016 को को यूपीपीएससी के स्थाई अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। शपथ ग्रहण करने के बाद नए अध्यक्ष ने गीता के उपदेश सुनाकर ईमानदारी, मानवता और सच्चाई की सीख दी.उन्होंने कहा कि बुराई के लिए बुराई न करें। आयोग में जाति विशेष के चयन से संबंधित सवालों पर उन्होंने महाभारत के युद्ध का संक्षिप्त विवरण सुनाया और कहा कि कोई जात पात नहीं, सब अपने भाई बंधु हैं। इनमें विभेद किया जाएगा तो महाभारत के युद्ध जैसे परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि वे रात्रि में सोते हैं तो सोचते हैं कि कहीं कोई गलती तो नहीं की। 
-राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल ब्लॉग 
Ram Shiv Murti Yadav @ http://yadukul.blogspot.in/

शुक्रवार, 11 मार्च 2016

आजमगढ़ की बहू लाकर मुलायम ने संसदीय क्षेत्र से जोड़ा पारिवारिक रिश्ता

आजमगढ़ से सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अब आजमगढ़ से पारिवारिक रिश्ता भी जोड़ लिया है।  मुलायम सिंह के भाई शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव का विवाह आजमगढ़ की राजलक्ष्मी से हुई। सैफई महोत्सव पंडाल में 10 मार्च 2016 को आदित्य और राजलक्ष्मी एक-दूसरे को जयमाला डाल कर एक-दूजे के हो गए। हजारों लोग सैफई परिवार की शाही शादी के गवाह बने। खुद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेहमानों की आवभगत की। कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह और सांसद डिंपल परिवार के संग थिरकते नजर आए। जया बच्चन, जयाप्रदा, लालू यादव, अमर सिंह, आजम खां समेत कई वीआईपी मेहमान समारोह में शामिल हुए और वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

सोमवार, 29 फ़रवरी 2016

पीसीएस 2015: पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के बेटे सिद्धार्थ यादव बने टॉपर

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2015 परीक्षा में जौनपुर के सिद्धार्थ यादव ने टॉप किया है। वह पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के बेटे हैं। दूसरे स्थान पर प्रतापगढ़ के मंगलेश दुबे और तीसरे स्थान पर अंबेडकरनगर के प्रशांत तिवारी हैं। परीक्षा का अंतिम परिणाम 29 फरवरी, 2016 को  देर रात घोषित कर दिया गया।

परीक्षा में 530 पदों के सापेक्ष 521 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है। परीक्षा के साक्षात्कार में 1578 अभ्यर्थी शमिल हुए थे। आयोग ने फिलहाल परीक्षा के प्राप्तांक और श्रेणीवार, पदवार कटऑफ नहीं घोषित किए हैं। परीक्षा में 32 डिप्टी कलेक्टर और 16 डीएसपी चयनित हुए हैं। जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि इस परीक्षा में 27 प्रकार के पदों पर चयन हुआ है। प्रमुख पदों में असिस्टेंट कमिश्नर (कामर्शियल टैक्स) के 114, बीडीओ के 16 असिस्टेंट कमिश्नर (इंडस्ट्री) के 84, कामर्शियल टैक्स ऑफिसर के 55, नायब तहसीलदार के 62 और सब रजिस्ट्रार के 27 पद हैं। नौ पदों पर चयन नहीं हो सका जो अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग आदि के हैं। इनके लिए उपयुक्त अभ्यर्थी नहीं मिल सके।

गुरुवार, 21 जनवरी 2016

लालू यादव 9वीं बार बने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष


लालू प्रसाद यादव को राष्ट्रीय जनता दल का नौवीं बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. 17 जनवरी, 2015 को पार्टी के निर्वाचन अधिकारी जगदानंद सिंह ने लालू के अध्यक्ष चुने जाने का औपचारिक ऐलान किया. इस अवसर पर लालू यादव के साथ राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और रघुवंश प्रसाद सिंह समेत पार्टी के सभी नेता और पदाधिकारी अधिवेशन में मौजूद हैं. अध्यक्ष चुने जाने पर राजद कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी.

इससे पहले राजद कार्यकर्ता 25 बुलेट से एस्कॉर्ट करके उन्हें राष्ट्रीय परिषद की बैठक स्थल तक ले गए.  10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से अधिवेशन स्थल श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल तक लालू यादव का भव्य स्वागत किया गया. बैंड बाजे के साथ सड़क के दोनों किनारे राजद कार्यकर्ता लालू के स्वागत के लिए मौजूद थे .

गौरतलब है कि लालू यादव पहली बार  1997 को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. तब उन्होंने जनता दल से अलग होकर राजद का गठन किया था. पार्टी के सहायक राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी चितरंजन गगन ने बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए लालू यादव को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.

शनिवार, 28 नवंबर 2015

डाक निदेशक एवं युवा साहित्यकार कृष्ण कुमार यादव को मिलेगा ’दुष्यंत कुमार सम्मान’

प्रसिद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ’आगमन’ द्वारा  युवा लेखक व साहित्यकार एवं राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव को 29  नवम्बर को नोएडा में आयोजित आगमन वार्षिक सम्मान समारोह में ’दुष्यंत कुमार सम्मान’  से सम्मानित किया जाएगा। श्री यादव को उक्त सम्मान पिछले साल ही दिया जाना था, पर किन्हीं करणोंवश वे समारोह में नहीं आ सके थे, अत: इस वर्ष उक्त सम्मान कार्यक्रम के  मुख्य अतिथि मशहूर शायर मुनव्वर राणा, अध्यक्ष पद्मश्री गुलजार देहलवी और विशिष्ट अतिथि डा. कुँवर बेचैन द्वारा उन्हें दिया जाएगा। उक्त जानकारी संस्था के संस्थापक श्री पवन जैन ने दी। 

गौरतलब है कि सरकारी सेवा में उच्च पदस्थ अधिकारी होने के साथ-साथ साहित्य, लेखन और ब्लाॅगिंग के क्षेत्र में भी चर्चित श्री यादव की अब तक कुल 7 पुस्तकें 'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह, 2005) 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श' (निबंध-संग्रह, 2006 व 2007), 'इण्डिया पोस्ट : 150 ग्लोरियस  ईयर्ज'   (2006), 'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा' (संपादित, 2007), ’जंगल में क्रिकेट’ (बाल-गीत संग्रह-2012) एवं ’16 आने 16 लोग’(निबंध-संग्रह, 2014) प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके व्यक्तित्व-कृतित्व पर एक पुस्तक ‘‘बढ़ते चरण शिखर की ओर: कृष्ण कुमार यादव‘‘ (सं0 डाॅ0 दुर्गाचरण मिश्र, 2009) भी प्रकाशित हो चुकी  है। श्री यादव देश-विदेश से प्रकाशित तमाम पत्र पत्रिकाओं एवं इंटरनेट पर भी प्रमुखता से प्रकाशित होते रहते हैं।

 कृष्ण कुमार यादव को इससे पूर्व उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा ’’अवध सम्मान’’, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी द्वारा ’’साहित्य सम्मान’’, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त द्वारा ”विज्ञान परिषद शताब्दी सम्मान”, अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन, भूटान में "परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान",  ’’दशक के श्रेष्ठ हिन्दी ब्लाॅगर दम्पति’’ सम्मान, विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डाॅक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘’डाॅ0 अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘‘, साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, वैदिक क्रांति परिषद, देहरादून द्वारा ‘’श्रीमती सरस्वती सिंहजी सम्मान‘’, भारतीय बाल कल्याण संस्थान द्वारा ‘‘प्यारे मोहन स्मृति सम्मान‘‘, ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद द्वारा ”महाप्राण सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला‘ सम्मान”, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ‘‘भारती रत्न‘‘, अखिल भारतीय साहित्यकार अभिनन्दन समिति मथुरा द्वारा ‘‘महाकवि शेक्सपियर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान‘‘, भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा ’’पं0 बाल कृष्ण पाण्डेय पत्रकारिता सम्मान’’, सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और प्रशासन के साथ-साथ सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु शताधिक सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त हो चुकी हैं।   





रविवार, 22 नवंबर 2015

मुलायम सिंह यादव ने सैफई में मनाया 76 वाँ जन्म दिवस.....ढेरों शुभकामनाएँ और बधाई !

 राजनीति  के दिग्गज मुलायम सिंह यादव आज अपना जन्मदिन अपने पैतृक स्थान सैफई में मना रहे हैं। इस उपलक्ष्य में उत्‍तर प्रदेश के सैफई में तीन दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें दूसरे दिन मनोरंजन जगत की गई हस्तियों ने प्रस्‍तुति दीं। ऑस्कर अवॉर्ड विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने भी इस दौरान कार्यक्रम प्रस्तुत किया। हालांकि इस दौरान आरजेडी प्रमुख और मुलायम के संबंधी लालू प्रसाद कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। खास बात यह रही कि कभी मुलायम के खास रहे और फिर दूर हुए अमर सिंह इस कार्यक्रम में उनके काफी करीब दिखे। सपा प्रमुख का जन्मदिन पर्यावरण जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को उनके 76 वें जन्‍मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने सुबह ट्वीट कर अपने शुभकामना संदेश में कहा कि 'मुलायम सिंह यादव जी को जन्‍मदिन की शुभकामनाएं। मैं उनकी लंबी उम्र और अच्‍छी सेहत की कामना करता हूं।'

गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव का जन्म आज ही के दिन 22 नवम्बर 1939 को हुआ था। मुलायम सिंह ऐसे राजनेता हैं जो उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री व केंन्द्र सरकार में एक बार रक्षा मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

मुलायम सिंह यादव का जन्म इटावा जिले के सैफई गांव में मूर्ती देवी व सुधर सिंह के किसान परिवार में हुआ था। मुलायम सिंह अपने पांच भाई-बहनों में रतनसिंह से छोटे व अभयराम सिंह, शिवपाल सिंह, रामगोपाल सिंह और कमला देवी से बड़े हैं। पिता सुधर सिंह उन्हें पहलवान बनाना चाहते थे किन्तु पहलवानी में अपने राजनीतिक गुरु नत्थूसिंह को मैनपुरी में आयोजित एक कुश्ती-प्रतियोगिता में प्रभावित करने के पश्चात उन्होंने नत्थूसिंह के परम्परागत विधान सभा क्षेत्र जसवन्त नगर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया।

राजनीति में आने से पूर्व मुलायम सिंह आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (एम.ए.) एव जैन इन्टर कालेज करहल (मैनपुरी) से बी. टी. किया। मुलायम ने कुछ दिनों तक इन्टर कालेज में अध्यापन कार्य भी किया । मुलायम सिंह 1967 में पहली बार विधान सभा के सदस्य चुने गए और मन्त्री बने। 1992 में उन्होंने समाजवादी पार्टी बनाई। वे तीन बार क्रमश: 5 दिसम्बर 1989 से 24 जनवरी 1991 तक, 5 दिसम्बर 1993 से 3 जून 1996 तक और 29 अगस्त 2003 से 11 मई 2007 तक उत्तर प्रदेश के मुख्य मन्त्री रहे।

इसके अतिरिक्त वे केन्द्र सरकार में रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। मुलायम सिंह पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं। इनमे पहला नाम मुलायम सिंह यादव- चिन्तन और विचार का है जिसे अशोक कुमार शर्मा ने सम्पादित किया था। राम सिंह तथा अंशुमान यादव द्वारा लिखी गई मुलायम सिंह- ए पोलिटिकल बायोग्राफी अब उनकी प्रमाणिक जीवनी है।
यदुकुल की तरफ से नेताजी 'मुलायम सिंह यादव जी को जन्मदिवस पर ढेरों शुभकामनाएँ और बधाई !
- राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल : Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com
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तेजस्वी यादव बने बिहार के उप-मुख्यमंत्री


बिहार में हुए विधान सभा चुनावों ने जहाँ नई इबारतें लिखीं, वहीँ इसके माध्यम से तेज तर्रार और अपनी हाजिर जवाबी के लिए मशहूर राजनीतिज्ञ लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के  दोनों बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव ने भी बकायदा अपना राजनैतिक कैरियर आरम्भ किया है। तेजस्वी यादव जहाँ राष्ट्रीय जनता दल के विधायक दल के नेता चुने गए, वहीँ 20 नवंबर, 2015 को नीतीश मंत्रिमंडल में उप मुख्यमंत्री का ओहदा भी मिला।  वे भारत में सबसे कम उम्र के विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री बने हैं।इसके अलावा वे पथ निर्माण, भवन निर्माण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय की ज़िम्मेदारी भी संभालेंगे। वहीं लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को स्वास्थ्य, लघु जल-संसाधन और पर्यावरण एवं वन विभाग का मंत्री बनाया गया है। 

क्रिकेटर से डिप्टी चीफ मिनिस्टर तक : 
9 नवम्बर 1989 को जन्मे तेजस्वी यादव का राजनीति में कदम रखने से पहले सपना एक सफल क्रिकेटर बनने का था, जिसकी शुरुआत उन्होंने साल 2009 में झारखंड की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू करके की थी, लेकिन आगे चलकर उन्होंने राजनीति की ओर रुख कर लिया। पटना के मशहूर लालू-राबड़ी परिवार में जन्मे नौ बड़े भाई-बहनों में सबसे छोटे तेजस्वी अपने क्रिकेट करियर के प्रति काफी संजीदा थे। उन्होंने अपना लुक भी कुछ ऐसा ही रखा था। अपने लंबे बालों, थोड़ी बढ़ी हुई दाढ़ी और दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड के बैकग्राउंड के कारण वे अपनी उम्र के बच्चों के बीच अलग ही नजर आते थे। उन्होंने कक्षा 9 में स्कूल से नाता तोड़ लिया।  तेजस्वी चार सत्रों तक दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के रोस्टर में रहे। वे स्पिन के साथ-साथ सीम बॉलिंग भी कर सकते थे और निचले क्रम में बैटिंग भी कर सकते थे, इस प्रकार वे एक ऑलराउंडर रहे, लेकिन वे दिल्ली की आईपीएल टीम के प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सके। इस पर हमेशा विनोदपूर्ण अंदाज में रहने वाले उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने कहा था, 'कम से कम उसे खिलाड़ियों को पानी पिलाने का मौका ही मिल जाता।' मात्र एक प्रथम श्रेणी गेम, दो ए-श्रेणी मैच और 4 टी-20 मैचों का अनुभव रखने वाले तेजस्वी का क्रिकेट करियर वास्तव में कभी भी परवान नहीं चढ़ा। बैटिंग में उनका सर्वोच्च स्कोर 19 रन रहा, वहीं बॉलिंग में उनके नाम 10 ओवर में 1 विकेट रहा। ये आंकड़े उनके करियर की कहानी सहज ही बयां कर देते हैं।   तेजस्वी सच्चे टीममैन थे। भले ही वे आईपीएल मैच खेलने का मौका नहीं मिलने पर निराश थे, लेकिन उन्हें टीम कंपोजिशन और टीम के तालमेल का महत्व पता था। अब तेजस्वी का यह क्रिकेटीय अनुभव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गठबंधन वाली कैबिनेट में उन्हें सही भूमिका निभाने में मदद करेगा।


आलोचनाओं का जवाब दिया तेजस्वी ने :

तेजस्वी यादव को डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाते ही विरोधियों ने उन पर राजनैतिक वार करना आरम्भ कर दिया।  कहा गया कि वे सिर्फ 9वीं पास हैं और  सिर्फ 26 साल के हैं। उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा और जीतने के बाद उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उनके पिता लालू प्रसाद जी ने ने पार्टी के सीनियर और अनुभवी नेताओं को इग्नोर किया है। इस पर बिहार के डिप्टी चीफ मिनिस्टर तेजस्वी यादव ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा है कि वे बिहार का विकास करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किताब का कवर पेज देखकर उसका फैसला न करें। उन्होंने साफ किया कि बिहार में विकास का नया रिकॉर्ड बनेगा। उन्होंने अपनी आलोचनाओं पर शनिवार को कुछ ट्वीट्स भी किए। 

ट्वीट्स में  तेजस्वी ने कहा कि, 'मैं ब्रांड बिहार की वैल्‍यू बढ़ाने और राज्‍य के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। किसी को भी कवर देखकर किताब पर फैसला नहीं करना चाहिए। अमृत की मिठास और दवाई की कड़वाहट का असली फायदा वक्‍त के साथ पता लगता है।'

 'बिहार के विकास में अपनी ओर से मैं कोई कसर नहीं छोडूंगा। ब्रांड बिहार को आगे ले जाऊंगा, ताकि नीतीश कुमार को मुझे डिप्टी सीएम बनाने पर गर्व हो।'

 'सनकी, पूर्वाग्रही और हित साधने वाले लोग भले ही उसे खारिज करें, लेकिन बिहार के लोगों ने युवाओं पर जो भरोसा जताया है, उनको इसका फल जरूर मिलेगा।'

 'बिहार का विकास करने में हम कोई कसर नहीं छोडेंगे। बिहार की भलाई के लिए युवा कैबिनेट के जोश को अनुभवी सीएम से बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।'
 - राम शिव मूर्ति यादव @ यदुकुल : Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com
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गुरुवार, 22 अक्तूबर 2015

विजयदशमी पर्व पर शुभकामनाएँ


अधर्म पर धर्म की जीत 
अन्याय पर न्याय की जीत 
बुराई पर अच्छाई की जयजयकार
यही है दशहरा का त्यौहार 

विजयदशमी पर्व पर आप सभी को सपरिवार शुभकामनाएँ !!

बुधवार, 9 सितंबर 2015

भारत सरकार में प्रथम यादव सचिव बने राजीव यादव

प्रशासन में जब तक किसी समुदाय की उच्च स्तर पर भागीदारी नहीं होगी, वह प्रगति नहीं कर सकता।  हम यदुवंशी इस बात पर गर्व करते हैं कि हमारे तमाम लोग शासन-प्रशासन में छाये हुए हैं, पर आपको जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि सितंबर, 2015 में जाकर किसी यादव को केंद्र सरकार में सचिव पद सँभालने का मौका मिला है। हाल ही में खेल सचिव के पद पर नियुक्त राजीव यादव, अब तक के इतिहास में  प्रथम यादव सचिव हैं।  यदुकुल की तरफ से ढेरों बधाइयाँ ! 


Mr. Rajiv Yadav, IAS presently Secretary Sports in the Government of India. Prior to this he was working as Special Secretary & Financial Adviser in the Ministry of Chemicals & Fertilizers has had his schooling in Civil Engineering from IIT, Roorkee and then Masters in Civil Engineering from IIT, Delhi. He did his MBA from University of Hull (U.K). 


As a young Indian Administrative Service Officer he has worked in India’s North-East, as Deputy Commissioner incharge of Nalbari District in Assam and Head of the Rural Development Department looking after various poverty eradication and nonconventional energy programmes in Assam.  He was also instrumental in drafting the revised Assam Panchayati Raj Act which gave more delegated powers to the second tier of the Panchyats i.e. at the Development Block level. He has also been Chairman & M.D of Assam Power Distribution Company Limited and Assam Power Generation Corporation Limited and Assam Electricity Grid Company Limited looking after entire Power Sector in Assam. During his tenure, Power Sector in Assam recorded a growth of 16.8% compared to national average of 7%.  He has also been Secretary, Planning & Development Deptt. and later Additional Chief Secretary, Planning & Development Deptt., Govt. of Assam.

          He has held important positions in Government of India which include Director in the Ministry of Tourism and Culture, Executive Director of the India Trade Promotion Organization (ITPO) from 2004-2009,  under the Ministry of Commerce & Industry  during which period he guided and supervised major trade exhibitions and trade promotion activities in 45 countries with focus on US/Europe and BRICS countries. He was Member in National Highways Authority of India implementing India’s ambitious Highway Infrastructure Programme from 2010-2013.


         He has been a regular guest faculty with LBS National Academy of Administration, Mussoorie under Government of India since 2000.  He occasionally contributes articles on scientific and cultural issues.

104 साल की कुंवरबाई यादव ने स्वच्छ भारत के लिए कायम की अनूठी मिसाल

मन में जज्बा हो तो उम्र भी आड़े नहीं आती। छत्तीसगढ़ के धमतरी की रहने वाली 104 साल की कुंवरबाई यादव ने स्वच्छ भारत के लिए एक अनूठी मिसाल कायम की है।  कुंवरबाई ने अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए ना सिर्फ अपना पशुधन यानि 35 भेड़-बकरियों को बेच दिया बल्कि दो महीने में गांव में एक आंदोलन सा खड़ा कर दिया।  

उनके इस अभियान के चलते आज यहां एक भी घर ऐसा नहीं है जिसमें शौचालय ना हो। कुंवरबाई की इस मुहिम की वजह से उनके गांव को खुले में शौच से मुक्त गांव घोषित कर दिया गया है। 

अब 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती के दिन उन्हें सम्मानित करने की तैयारी हो रही है।  गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले गांधी जयंती के दिन ही स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। 

मंगलवार, 8 सितंबर 2015

पूर्व सांसद और विधायक मित्रसेन यादव का निधन

समाजवादी पार्टी के बुजुर्ग विधायक मित्रसेन यादव का 7 सितंबर को निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। पिछले कुछ समय से बीमार मित्रसेन ने लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतिम सांस ली। 

मित्रसेन यादव फैजाबाद की बीकापुर सीट से सपा के विधायक थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मित्रसेन यादव के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिजन के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने  मित्रसेन के निधन पर जारी शोक संदेश में कहा कि उन्होंने सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के कल्याण के लिये सारी जिंदगी संघर्ष किया। उनके निधन से सपा ने एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है। मित्रसेन वर्ष 1977 में पहली बार विधायक चुने गये थे। वह पांच बार विधायक और तीन बार सांसद भी रह चुके थे।

शनिवार, 5 सितंबर 2015

यादव समाज की स्मारिका का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया लोकार्पण

 श्रीकृष्ण सिर्फ एक भगवान या अवतार भर नहीं थे।  इन सबसे आगे वह एक ऐसे पथ-प्रदर्शक और मार्गदर्शक थे, जिनकी सार्थकता  हर युग में बनी रहेगी।  उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभासम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नहीं, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका गीता-ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है। उक्त विचार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ  एवं चर्चित साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव ने यादव समाज, जोधपुर द्वारा गाँधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र, जोधपुर में 5 सितंबर को आयोजित जन्माष्टमी  स्नेह मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आज देश के युवाओं को श्रीकृष्ण के विराट चरित्र के बृहद अध्ययन की जरूरत है। राजनेताओं को उनकी विलक्षण राजनीति समझने की दरकार है और धर्म के प्रणेताओं, उपदेशकों को यह समझने की आवश्यकता है कि श्रीकृष्ण ने जीवन से भागने या पलायन करने या निषेध का संदेश कभी नहीं दिया। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण ने कभी कोई निषेध नहीं किया। उन्होंने पूरे जीवन को समग्रता के साथ स्वीकारा है। यही कारण है कि भगवान श्री कृष्ण की स्तुति लगभग सारी दुनिया में किसी न किसी रूप में की जाती है। यहाँ तक कि वे लोग जिन्हें हम साधारण रूप में नास्तिक या धर्मनिरपेक्ष की श्रेणी में रखते हैं, वे भी निश्चित रूप से भगवदगीता से प्रभावित हैं। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण द्वारा गीता में कहे गए उपदेशों का हर एक वाक्य हमें कर्म करने और जीने की कला सिखाता है। अब तो कॉरपोरेट जगत भी मैनेजमेंट के सिद्धांतों को गीता से जोड़कर प्रतिपादित कर रहा है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समिति जोधपुर संभाग योगेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि हमारे अध्यात्म के विराट आकाश में श्रीकृष्ण ही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो धर्म की परम गहराइयों व ऊंचाइयों पर जाकर भी गंभीर या उदास नहीं हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यादव समाज, जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. शैलेष यादव ने कहा कि कृष्ण की सभी लीलाएँ कुछ न कुछ सन्देश देती हैं। उन लीलाओं को उनके आध्यात्मिक स्वरूप में ही समझा जा सकता है। यूथ हॉस्टल, जोधपुर के प्रबंधक ले. कर्नल (सेनि) प्रकाश चन्द्र यादव ने श्री कृष्ण के विचारों को सदैव प्रासंगिक बताते हुए उनके  जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने यादव समाज द्वारा जारी स्मारिका का विमोचन भी किया।  इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर  मदन सिंह यादव, अरुण यादव, आनंद यादव, राजकुमार यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नंदकिशोर यादव ने किया।

-डॉ. शैलेष यादव
अध्यक्ष - यादव समाज जोधपुर