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सोमवार, 4 जुलाई 2011

एक सन्देश बाबा रामदेव के लिए


भ्रष्टाचार करना कुछ व्यक्तियों का, जातियों का, वर्गों, धर्मों, दलों का जन्मना हक़ है, बाबा तेरी सामत आयी थी क्या ? जो नज़र उठाकर उनको देखने की कोशिश की. वैसे तो यह कहते हैं कि जाति न पूछो साधू की, पर बाबा तू ठहरे 'यादव' जाति के इसलिए इन्होने जो किया है, बाबा वक्त तो ठीक है पर जो आपके साथ हैं वह 'आनंद' लेने इलाज कराने और आपके नाम पर दुकान चलाने वाले हैं , संघर्षों में इनका रूप आपकी समझ में आ गया होगा. आपके असली वफादार इंतजार में हैं, पहले अपने आस पास के भ्रष्टाचारियों से निजात पाईये.

फेसबुक पर डा. लाल रत्नाकर

बुधवार, 8 जून 2011

उजाला करने के लिए सलाम बाबा रामदेव !!


बाबा रामदेव के साथ सत्ता के मद में चूर लोगों ने जो किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाय कम होगी. भ्रष्टाचार की विषबेल काफी लम्बी फ़ैल चुकी है, इसका समाधान तो निकालना ही होगा. एक बाबा पर अत्याचार करके सत्ता भले ही उन्हें दिल्ली से दूर कर ले, पर उन आवाज़ों का क्या जो लोगों के दिलों में उमड़ रही है. 'स्वार्थ' ब्लॉग पर रफत आलम जी की एक ऐसी ही कविता पढ़ी तो उसे साभार यहाँ प्रकाशित करने का मोह नहीं छोड़ पाया-

उजाला करने के लिए
सलाम आपको बाबा!

करोड़ों आखों को
आज यही ईमान की रौशनी चाहिए
अन्यथा
गाँव का सबसे ईमानदार आदमी
शराब के ठेकेदार से
सरपंच का चुनाव हारता रहेगा
रातो-रात बदलती रहेंगी निष्ठाएं

माहौल की सड़न इसी तरह
सदा बिकने वाले को
मेले का खरीदार बना देती है
जड़ों में फैली गंद को
कमल ने सर पे रख लिया है.
यानी व्यवस्था की खराबी को
जनता आवश्यकता मानने लगी है

मन से रोती है परन्तु
खुश-खुश ‘सुविधा शुल्क’ दे रही है
ले रही है

आप बाखूब जानते हैं बाबा साहिब!
ये वह दुनिया है जहाँ
मसीहाओं के उजालों का
स्वागत सदा सियारों ने किया है
जो मौका पाते ही सूली में कीलें ठोकते हैं।

हमाम के ये ही नंगे
कल आपके साथ हो लेंगे
कुछ तो अभी से शेर की बोली बोल रहे हैं।

ये केवल सत्ता के दलाल हैं
इन्हें तख्ते नही तख़्त की है आरज़ू
इन्होने सदा ही संवदनाओं का शोषण किया है
इन्होने ही पनपाया है
भ्रष्टाचार को विष वृक्ष
इन बेईमानों को दूर रखना है ज़रूरी
कल हमें इन्ही के पास कैद
काले धन को आज़ाद कराना है।

शोषण से त्रस्त सारा देश
आपको आशा से देख रहा है
लाखों दीपक चल पड़ने को हैं आतुर
आपके उजाले के साथ।

कल कश्मीर से कन्याकुमारी तक
करोड़ों नारे लगने तय हैं
भ्रष्टाचार मुर्दाबाद!
कल ज़रूर मैली धूप उजली होगी।

- रफत आलम

बुधवार, 25 मई 2011

बाबा रामदेव की मुहिम


दिल्ली चलो ।दिल्ली चलो ।

जागने का वक्त आ गया

परम पूज्य स्वामी रामदेवजी आमरण अनशन पर बैठेंगे :

राष्ट्रनिष्ठ गुरु बंधु / बहिन

भारत स्वाभिमान आंदोलन की क्रमबद्ध मुहिम मे 30 जनवरी, 27 फरवरी, 23 मार्च
के कार्यक्रमों की अभूतपूर्व सफलता के पश्चात आंदोलन निर्णायक मोड पर है ।

सत्य की इस लड़ाई में आपका सहयोग अपेक्षित है

4 जून 2011 को दिल्ली के रामलीला मैदान में स्वामीजी स्वयं अनिश्चित कालीन
उपवास (आमरण अनशन ) पर बैठेंगे । उनका साथ देंगे भारत स्वाभिमान के जांबाज़
कार्यकर्ता शिष्य । इस आंदोलन मे अपना सहयोग दे ।-

राष्ट्रहित में तीन माँगे

लगभग चार सौ लाख करोड़ रुपये का काला धन जो की राष्ट्रीय संपत्ति है यह देश को मिलना चाहिए ।

सक्षम लोकपाल का कठोर कानून बनाकर भ्रष्टाचार पर पूर्ण अंकुश लगाना ।

स्वतंत्र भारत में चल रहा विदेशी तंत्र (ब्रिटिश रूल ) खत्म होना चाहिए जिससे कि सबको आर्थिक व सामाजिक न्याय मिले ।

सभी के लिए संदेश :

गुरु बंधु
ॐ सादर नमन
योग ऋषि परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के प्रतिदिन के विचार तथा भारत स्वाभिमान
जय हिंद ...

मंगलवार, 23 मार्च 2010

बाबा रामदेव ने भारत स्वाभिमान दल की घोषणा की

योग गुरू बाबा रामदेव के नेतृत्व वाले पंतजलि योगपीठ ने विदेशी बैंकों में जमा कालाधन वापस लाने, राजनैतिक शुचिता के माध्यम से भारत को दुनिया की महाशक्ति बनाने और देश से अशिक्षा, भूख, बेरोजगारी, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार आदि समाप्त करने के इरादे से अगले लोकसभा चुनावों में सभी 543 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने की घोषणा की है। बाबा रामदेव ने कहा कि भारत स्वाभिमान के बैनर तले वे सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक पद या लाभ से खुद को दूर रखेंगे।उन्होंने कहा कि इसके लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया गया है। संगठन ने अगले दो वर्षों में देश के प्रत्येक जिले में सात से 10 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।

बाबा रामदेव ने कहा कि भारत स्वाभिमान का उद्देश्य स्विस बैंक सहित विभिन्न विदेशी बैंकों में जमा 258 लाख करोड रुपये वापस लाना और उसे देश के विकास में लगाकर भारत से अशिक्षा, भूख, गरीबी, बेरोजगारी, नक्सलवाद और आतंकवाद को समाप्त करना है। उन्होंने काला धन वापसी के लिए केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों को नाकाफी बताया। उन्होंने कहा कि काले धन को लेकर भारत ने 20 देशों से समझौता तो किया, लेकिन स्विटजरलैंड इसमें शामिल नहीं है। बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की कि वह स्विटजरलैंड के साथ दोतरफा कर संधि करें, जिससे स्विस बैंक काला धन से संबंधित ब्यौरा भारत को उपलब्ध करा सके।बाबा रामदेव ने देश से भ्रष्टाचार, बलात्कार, दहेज हत्या, गोहत्या, आतंकवाद एवं मिलावट का धंधा खत्म करने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन कर ऐसे अपराधों के लिए मृत्युदंड की व्यवस्था करने की वकालत भी की।

मंगलवार, 9 मार्च 2010

व्यवस्था परिवर्तन के बहाने राजनीति की राह में बाबा रामदेव

योग गुरु बाबा रामदेव का मानना है कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए मौजूदा लचर व्यवस्था को राजनैतिक मौत देनी होगी। पूरे सिस्टम में आमूल-चूल बदलाव करना होगा। शायद इसीलिए बाबा रामदेव व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ भारत स्वाभिमान समिति के बैनर तले लोकसभा और देश की विधान सभाओं की सभी सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करने का मन बना रहे हैं। बाबा रामदेव देश के मौजूदा नेतृत्व पर करारा प्रहार करते हुए कहते हैं कि भारत का नेतृत्व जितना कमजोर है, उतना किसी दूसरे राष्ट्र का नहीं है। इसीलिए व्यवस्था में परिवर्तन का बीड़ा भारत स्वाभिमान समिति ने उठाया है। बाबा के अनुसार, देश की राजनीति थानों से चल रही है। गरीब का दम निकल रहा है और अमीरों की तिजोरियां भर रही हैं। संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का समर्थन भी आप कर रहे हैं।

मेरठ में भारत स्वाभिमान न्यास एवं पतंजलि योग समिति के कार्यक्रम में भाग ले रहे बाबा ने कहा कि जब देश की युवा पीढ़ी में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का जज्बा है तो फिर सत्ता की कमान उनके हाथ में देने से गुरेज क्यों? सत्ता के शीर्ष पर ऐसे लोगों को बैठने का हक हो जो भ्रष्टाचार से छुटकारा दिला सकें, पर मुझे नहीं लगता कि आज किसी नेता में यह क्षमता रह गई है। बाबा रामदेव का कहना है कि देश दलाली और कमीशनखोरी की वजह से खोखला हो रहा है। रामदेव बोले, वह न राजनीति नहीं करेंगे और न किसी पद को हासिल करने की चाहत रखते हैं। बाबा के मुताबिक, वह पद के भूखे इसलिए नहीं है कि राजनीति के शीर्ष पर बैठे लोग खुद उनका चरण स्पर्श करते हैं। उनका मकसद देश की व्यवस्था सुधारना है।