रविवार, 16 मई 2010

धूम मचाती नन्हीं प्रतिभा : अक्षिता (पाखी)

प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उसे बस अनुकूल परिवेश चाहिए. यदुवंश में तमाम ऐसी नन्हीं प्रतिभाएं हैं, जिनके जौहर आप विभिन्न ब्लॉग पर देख सकते हैं. ऐसी नन्हीं प्रतिभाओं को हमें यदुकुल पर स्थान देकर प्रसन्नता हो रही है, आखिर यही कल के भविष्य हैं. इस कड़ी में आज मिलिए नन्हीं प्रतिभा अक्षिता (पाखी) से, जो न सिर्फ आपने ब्लॉग पाखी की दुनिया के माध्यम से सक्रिय हैं, बल्कि परिकल्पना ब्लागोत्सव और वैशाखानंद सम्मान प्रतियोगिता में भी इनकी रचनाएँ और ड्राइंग हमें देखने को मिले. चलिए हम भी अक्षिता (पाखी) से परिचित होते हैं-
नाम- अक्षिता
निक नेम - पाखी
जन्म- 25 मार्च, 2007 (कानपुर)
मम्मी-पापा - श्रीमती आकांक्षा - श्री कृष्ण कुमार यादव
अध्ययनरत - नर्सरी, कार्मेल स्कूल, पोर्टब्लेयर
रुचियाँ- प्लेयिंग, डांसिंग, ड्राइंग, बाल कवितायेँ पढ़ना व लिखना, ब्लागिंग
मूल निवास - तहबरपुर, आजमगढ़ (यू।पी.)
वर्तमान पता - द्वारा- श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पोर्टब्लेयर -744101 ई-मेल- akshita_06@rediffmail।com ब्लॉग- पाखी की दुनिया

अक्षिता की कविता: !! नन्हीं गौरैया !!
उड़कर आई नन्हीं गौरैया
लान में हमारे।
चूं-चूं करते उसके बच्चे
लगते कितने प्यारे।

गौरैया रोज तिनका लाती
प्यारा सा घोंसला बनाती।
चूं-चूं करते उसके बच्चे
चोंच से खाना खिलाती।

और अब अक्षिता की ड्राईंग -













अक्षिता (पाखी) को यदुकुल की तरफ से ढेरों शुभकामनायें !!
साभार : ब्लागोत्सव 2010

10 टिप्‍पणियां:

माधव( Madhav) ने कहा…

अरे पाखी की चर्चा यहाँ भी , पाखी को तो हम सभी जानते है , पर उसकी जाति या कुल से नहीं बल्कि उसकी प्रतिभा और उसकी प्यारी मुस्कान से .
आप बुरा मत मानना ,पर कृपया हम बच्चों को जाति , धर्म , कुल , भाषा के बंधन से दूर रखे , हमें जाति की दौड़ में शामिल ना करे हम unclassified है .


http://madhavrai.blogspot.com/

http://qsba.blogspot.com/

Bhanwar Singh ने कहा…

आप यदुकुल के माध्यम से तमाम यादव विभूतियों और प्रतिभाओं के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं. इनमें से कई के बारे में तो लोगों को पता ही नहीं है. इस अद्भुत प्रयास के लिए साधुवाद !!

भँवर सिंह यादव
संपादक-यादव साम्राज्य
कानपुर, उत्तर प्रदेश.

Bhanwar Singh ने कहा…

नन्हीं प्रतिभा अक्षिता (पाखी) के बारे में जानकर काफी प्रसन्नता हुई. हम सभी का आशीष व शुभकामनायें इस नन्हीं गुडिया के साथ है.

Bhanwar Singh ने कहा…

@ माधव,
इस ब्लॉग का उद्देश्य किसी को जाति के बंधन में बांधना नहीं बल्कि अपने समुदाय की प्रतिभाओं के बारे में लोगों को परिचित करना है. समाज में इस प्रकार के क़दमों की जरुरत है.

हिंदी साहित्य संसार : Hindi Literature World ने कहा…

पाखी को उसके ब्लॉग 'पाखी की दुनिया' पर पढ़ती रहती हूँ. यहाँ भी पढना सुखद लगा.

KK Yadav ने कहा…

पाखी तो सर्वत्र व्याप्त हो गई है...शानदार !!

Shyama ने कहा…

पूत के पाँव पालने में..अच्छी चित्रकारी है पाखी की..बधाई. और बाल-कविता तो लाजवाब.

Amit Kumar Yadav ने कहा…

पाखी की मनभावन बातें, प्यारे चित्र , सुन्दर कवितायेँ..भला किसका मन न मोह लेंगे.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

मेरी चर्चा के लिए प्यार व आभार !!

Rishikant ने कहा…

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