शनिवार, 30 मई 2015

नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) को "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान"

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने दिया।  वाकई आज बेटियाँ अपनी मौजूदगी से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं।  नन्ही ब्लॉगर आठ वर्षीया अक्षिता यादव (पाखी) को  25 मई 2015 को श्री लंका में आयोजित हुए  पंचम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन  में "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान" से सम्मानित किया गया । इस सम्मान के अंतर्गत अक्षिता को श्रीलंका के वरिष्ठ नाट्यकर्मी डॉन सोमरथ्न विथाना एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री  श्री नकुल दूबे द्वारा अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह और 5,000/- की धनराशि सम्मान स्वरुप  प्रदान की गई।  जोधपुर  में कक्षा 3  की छात्रा अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं और मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक काॅलेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लाॅगर भी हैं। उक्त जानकारी सम्मेलन के संयोजक रवीन्द्र प्रभात ने दी। 


अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र (4 साल 8 माह ) की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता भी है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ’कला’ और ’ब्लाॅगिंग’ के लिए तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती कृष्णा तीरथ द्वारा 14 नवम्बर, 2011 को ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2011’ प्राप्त कर अक्षिता ने इसे सबसे कम उम्र में पाने का कीर्तिमान बनाया, वहीं  ब्लाॅगिंग के लिए भी राजकीय स्तर पर प्रथम सम्मान-पुरस्कार पाने का गौरव प्राप्त किया। यही नहीं, इससे पूर्व अक्षिता को नई दिल्ली में अप्रैल, 2011 में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ‘श्रेष्ठ नन्हीे ब्लाॅगर‘ के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न मंचों पर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी, सांसद डिम्पल यादव, दबंग फेम म्यूजिक-कम्पोजर वाजिद खान, नेपाल सरकार के  मंत्री अर्जुन नरसिंह केसी, साहित्यकार अशोक चक्रधर, डॉ. रामदरश मिश्र, प्रभाकर श्रोत्रिय इत्यादि भी अक्षिता को सम्मानित कर चुके हैं। 


अक्षिता के बनाये चित्रों और गतिविधियों को ब्लाॅग के माध्यम से  लोगों के सामने प्रस्तुत करने हेतु उसके मम्मी-पापा ने  24 जून 2009 को “पाखी की दुनिया” (http://www.pakhi-akshita.blogspot.in/) नाम से अक्षिता का ब्लाॅग बनाया। अक्षिता का यह ब्लॉग उसकी सोच और कल्पना का मूर्त रूप है। अक्षिता की सोच को ब्लॉग के माध्यम से उकेरने की जिम्मेदारी खुद अक्षिता के माता-पिता ने ली है। वह उसके द्वारा कहे गये शब्दों, उसकी कल्पना व सोच को शब्दों का रूप देकर इस ब्लॉग को मेंटेन करते हैं। देखते ही देखते करीब एक लाख से अधिक हिन्दी ब्लाॅगों में इस ब्लाॅग की रेटिंग बढ़ती गई और आज इस ब्लॉग पर 415  से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 275 से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लॉग पर तमाम प्रतिक्रियाएं  प्राप्त हुईं और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया‘ फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh) पर भी उपलब्ध है, जहाँ लगभग 1200 लोग इसे अनुसरण करते हैं।

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