शुक्रवार, 12 जुलाई 2013

योगिता यादव को भारतीय ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार

युवा कहानीकार योगिता यादव को भारतीय ज्ञानपीठ का नवलेखन पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है। योगिता यादव दैनिक जागरण अख़बार के जम्मू केंद्र में फ़िलहाल कार्यरत हैं और सक्रिय लेखन से जुडी हुई हैं। प्रसिद्ध लेखक एवं नाटककार प्रो असगर वजाहत की अध्यक्षता में सात सदस्यीय निर्णायक समिति ने यह फैसला किया है। योगिता यादव के अलावा  कवि अरूणाभ सौरभ को भी इस सम्मान हेतु चुन गया है। 

समिति में भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक रवीन्द्र कालिया लीलाधर मंडलोई, प्रो अजय तिवारी, अखिलेश आदि शामिल हैं। भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा सोमवार को यहां जारी सूचना के अनुसार इन दोनों रचनाकारों को पुरस्कार में 50-50 हजार रूपए की राशि तथा प्रशस्ति  पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किए जाएंगे।

वर्ष 2012 में आयोजित आठवीं नवलेखनप्रतियोगिता में योगिता यादव को उनके कहानी संग्रह (क्लीन चिट तथा अन्य कहानियां) व अरूणाभ सौरभ को उनकी काव्य पुस्तक (दिन बनने के क्रम में) के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा।

बिहार विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष बने नन्द किशोर यादव

बिहार विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष श्री नन्द किशोर यादव बनाये गये. श्री यादव बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के लोकप्रिय और वरिष्ट नेता है. इससे पूर्व श्री नन्द किशोर यादव बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे है.मालुम हो बिहार में जनता दल यु का भारतीय जनता पार्टी से अलग होने पर बिहार विधान सभा में सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी बनी.भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में 18 प्रतिशत यादवो का वोट धयान में रखकर श्री नन्द किशोर यादव को नेता प्रतिपक्ष बिहार विधान सभा बनाया है लेकिन बिहार के लोग 2005 के उस घटना को भूले नहीं है जब बिहार में एन डी ए पूर्ण बहुमत में आया था और भाजपा के तरफ से उपमुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार श्री नन्द किशोर यादव ही थे किन्तु भाजपा के अधिकांश नेता ने श्री यादव के नाम पर विरोध करने लगे जिससे सुशिल मोदी तब उप मुख्यमंत्री बनाये गये थे. 


श्री नन्द किशोर यादव मूल रूप से पटना सिटी के रहने वाले है और वही से लगातार विधायक चुने जाते रहे है. श्री यादव बिहार सरकार में 2005 से पथ मंत्री रहे है और बिहार में तब से सडको की हालत में लगातार सुधार करते रहे. यह श्री नन्द किशोर यादव के सोच का ही नतीजा है की बिहार में लगातार नई सडको को निर्माण होता रहा और पुराने सडको को मरम्मत कर नया रूप दिया गया. बिहार में सडको के बेहतर हालत के लिए श्री नन्द किशोर यादव को बिहार के लोग याद करते है. 2010 के बिधानसभा चुनाव में नितीश को वोट सडको के आधार पर ही मिला था.

शुक्रवार, 28 जून 2013

मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव का निधन

मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव का बुधवार को लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। वे 67 वर्ष थे। राज्य में यादव के निधन पर शोक की लहर है। यादव लंबे अरसे से बीमार थे और उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। बुधवार की सुबह उनकी हालत बिगड़ी और निधन हो गया। यादव कांग्रेस की दिग्विजय सिंह की सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे हैं और उनकी पहचान सहकारिता आंदोलन के जनक की रही है। 

यादव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वर्गीय यादव ने जीवन-भर किसानों और गरीबों के हक में संघर्ष किया और उनकी बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता से प्रयास किए। उनके निधन से राज्य ने एक जागरूक और प्रतिबद्ध नेता खो दिया है। चौहान ने कहा कि यादव ने प्रदेश में सहकारिता और कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। प्रदेश के विकास में यादव के योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। 


सुभाष यादव का गुरुवार को नर्मदा नदी के तट पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया.यादव के छोटे पुत्र सचिन यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी. उनका अंतिम संस्कार गायत्री मंत्रोच्चारण के बीच किया गया.


यादव का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कल निधन हो गया था. उनका शव बुधवार शाम विशेष विमान से इंदौर लाने के बाद उनके गृहग्राम बोरांवा लाया गया था.


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष यादव के पुत्र सांसद अरुण यादव के दिल्ली स्थित लोधी एस्टेट निवास जाकर स्वर्गीय यादव की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कांगेस महासचिव दिग्विजय सिंह, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा पूर्व प्रदेश कांगेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी इंदौर से बोरांवा पहुंचे और उन्होंने यादव को श्रद्धासुमन अर्पित किये. तीनों नेता कुछ समय रुकने के बाद वापस इंदौर के लिये रवाना हो गये.

'यदुकुल' की तरफ से  हार्दिक श्रद्धांजलि !!



शनिवार, 1 जून 2013

फन अगर मुकम्मल है तो बोलती हैं तस्वीरें


यदुकुल ब्लॉग : राधा यादव जब आजमगढ़ के संजरपुर गांव में सुभाष चंद्र यादव की धर्मपत्नी बनकर आईं तो वह महज आठवीं पास थीं लेकिन अपने जुनून की बदौलत आज वह न केवल परास्नातक पास हैं, बल्कि बेटे-बेटियों से भरे घर में आदर्श मां भी। उनके कठिन मेहनत का ही नतीजा रहा कि सभी बच्चों ने अपने कैरियर को बेहतरीन बनाया। 

राधा यादव खुद कस्तूरबा गांधी बालिका इण्टर कालेज, बदलापुर में वार्डन के रूप में तैनात हैं। राधा के श्वसुर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 कल्पनाथ यादव उन्हें ‘परफेक्ट  वूमेन‘ कहते हैं। कहें भी क्यों न, खुद को काबिल बनाकर अपनी संतानो को  समुचित मार्ग दर्शन से योग्य बनाने वाली महिला जो ठहरीं। उन्होंने ’फन अगर मुकम्मल है बोलती  हैं तस्वीरें......पंक्ति को अपने जीवन में चरितार्थ किया। उनकी मेहनत व लगन का परिणाम है कि सबसे बड़ी बेटी शुभ्रा एम.बी.ए. करके टाटा कन्सल्टेन्सी सर्विसेज (टीसीएस) हैदराबाद में तैनात है। वहीं दूसरी बेटी श्वेता ने वर्ष 2012 में आई.ए.एस. परीक्षा में 609वीं रैंक पाकर परिवार का नाम रोशन किया। मां  की प्रेरणा और दो बहनों की मेहनत देख, तीसरी बेटी अंकिता लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.बी.ए. की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। सबसे छोटा बेटा अभिनव नेशनल इंस्टीटयूट आफ टेक्नोलाजी, रायपुर से बी.टेक कर रहा है। 


बुधवार, 29 मई 2013

मीरा को फिल्म में लेकर पछ्ता रहे अजय यादव


एक बॉलीवुड निर्देशक को अपनी फिल्म में पाकिस्तानी कलाकार को लेना बड़ा महंगा पड़ गया है। बात हो रही है फिल्म ‘भड़ास’ के निर्देशक अजय यादव की, जिन्होंने अपनी फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री मीरा मलिक को लेकर बड़ी गलती कर दी। सुनने में आया है कि मीरा ने उनकी फिल्म के लिए पहले तो कुछ सीन करने से मना कर दिया और अब डबिंग करने से भी इंकार कर रही हैं। कुछ दिनों पहले फिल्म के प्रमोशन से मीरा के मना करने पर अजय ने मीरा को अपनी फिल्म में लेने पर अफसोस जताया था।


यह कैसे संभव है कि किसी फिल्म में पाकिस्तानी अदाकारा मीरा मलिक को लिया जाए और वह बिना किसी परेशानी के पूरी हो जाए? खबरों में है कि निर्देशक अजय यादव की फिल्म ‘भड़ास’ की हीरोइन मीरा ने शूटिंग के चौथे दिन ही फिल्म के किसी सीन को लेकर शिकायत करना शुरू कर दिया था। अजय ने बताया कि मीरा ने यह सब तब किया जब स्क्रीप्ट के एक - एक सीन पर उनसे बात की जा चुकी थी और उन्होंने प्रत्येक सीन के लिए हां किया था।

खैर इस शिकायत पर कुछ समय बाद बात बन गई और शूटिंग शुरू हो गई। परंतु यह परेशानियों का अंत नहीं बल्कि शुरूआत थी। जब फिल्म की शूट खत्म होने के बाद डबिंग की बारी आई तो मीरा ने डबिंग करने से भी मना कर दिया। मीरा के इस इंकार की वजह से अजय को मजबूरन उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाना पड़ा था। अजय ने बताया कि इस सबके बाद मुझे वर्सोवा पुलिस स्टेशन में असहयोग के मामले पर केस दर्ज करवाना पड़ा। 

यहां भी पाकिस्तानी अदाकारा को अपनी फिल्म में लेने का खामियाजा अभी पूरा नहीं हुआ था। मीरा के इस रवैए को देखकर यह बीमारी फिल्म के हीरो आर्यमान रामसे को भी लग गई। अजय ने कहा कि मैं तब हैरान रह गया जब आर्यमान ने भी मेरी फिल्म की डबिंग करने से इंकार कर दिया। अजय ने उन्हें कई बार फोन किया और मैसेज भी किए, परंतु आर्यमान ने कोई जवाब नहीं दिया। अजय ने कहा कि अभिनेत्रियों के नखरे तो आम बात है परंतु अभिनेता भी?

इतना सब होने के बावजूद अजय ने हार नहीं मानी है। उन्होंने कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए मैं अपनी फिल्म रिलीज करके रहुंगा, कलाकारों के साथ या उनके बिना। 14 जून को रिलीज होने वाली फिल्म भड़ास को सीरिन फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में आर्यमान रामसे, मीरा, आशुतोष कौशिक, श्री राजपूत, मोहिनी नीलकंठ और मुश्ताक खान जैसे कलाकारों ने काम किया है।

साभार :  वेब दुनिया 

मंगलवार, 28 मई 2013

स्मरणीय रहेगा चंद्रजीत यादव जी का व्यक्तित्च


अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैचारिक क्रांति के सेनापति स्व. चंद्रजीत यादव की छठवीं पुण्यतिथि पर स्मृति सभा का आयोजन किया गया। इसमें उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया।
पूर्व उप कुलपति और राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन के अध्यक्ष प्रो. पीसी पतंजलि ने कहा कि समाज के अंतिम आदमी के जीवन के उत्थान के लिए लड़ाई जारी रखनी चाहिए। कमजोर वर्गो को उनका संवैधानिक एवं मौलिक अधिकार देना चाहिए। समाजवादी लोकतंत्र में प्रत्येक वर्ग के हर क्षेत्र में आनुपातिक हिस्सेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्व. यादव का सिद्धांत व्यवहारिक था इसीलिए उनके सिद्धातों की अनदेखी कर उनकी मांगों को न मानने पर स्व. यादव से विभिन्न मोर्चो पर नेताओं और दलों से टकराव होता रहता था। उन्होंने कहा कि चन्द्रजीत यादव ने पूरी दुनियां से विभिन्न प्रकार की विषमताओं और भेदभाव को समाप्त कर समता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था की स्थापना करना चाहते थे। प्रो. पंतजलि ने कहा कि चन्द्रजीत यादव की स्मृति सभा में दलीय सीमाएं टूट जाती है।
पूर्व उपकुलपति प्रो. एसएस कुशवाहा ने चन्द्रजीत यादव को एक महान सशक्त नेता बताया। उन्होंने पंचमढ़ी में कांग्रेस पार्टी के महाधिवेशन में संबोधित करते हुए खासतौर पर राजीव गांधी से कहा था कि सामाजिक, आर्थिक, समता हर नागरिक का जन्मसिद्ध अधिकार है। उसे आप अवश्य दें दे। उन्होंने कहा कि स्व. यादव पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के असली और सच्चे प्रतिनिधि थे। चन्द्रजीत यादव इतने सशक्त थे कि यदि वे न होते तो शंकर दयाल शर्मा पूर्व राष्ट्रपति न हुए होते।
पंचायती राज मंत्री बलराम यादव ने कहा कि स्व. यादव के साथ राजनीतिक रूप से बहुत कम रहे किन्तु उनके विचारों से प्रभावित रहते थे। उन्होंने चन्द्रजीत यादव की प्रतिमा लगाने संबंधी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि वे शासन में बात कर उनकी प्रतिमा लगाने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम को राजेश्वर यादव एडवोकेट, पूर्व सांसद बलिहारी बाबू, सांसद रमाकांत यादव, परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक संग्राम यादव, आलमबदी आजमी, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, दलसिंगार यादव, डा. ज्ञानप्रकाश दुबे, प्रभाकर सिंह, बनवारी लाल जालान, मंतराज यादव, प्रो. नरेन्द्र यादव, नेसार अहमद, जीत बहादुर यादव, रामकृष्ण यादव, जयप्रकाश नारायण, मुन्नू यादव, रामअचल यादव, सेराज अहमद, सुभाष राय, अरविन्द जायवाल, पंकज गौतम आदि ने संबोधित किया। इस दौरान चन्द्रजीत यादव की पत्नी श्रीमती आशा यादव भी उपस्थित रहीं।

****************************
आजमगढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सामाजिक न्याय आंदोलन के प्रणेता रहे स्व. चंद्रजीत यादव की जयंती पर रविवार को हरवंशपुर स्थित सामाजिक न्याय एवं बाल भवन केंद्र के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें स्व. श्री यादव के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा की गयी। वक्ताओं ने कहा कि चंद्रजीत का व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा। वह आजीवन किसान, गरीब, बुनकर के उत्थान की बात करते थे। उनकी आवाज को संसद तक पहुंचाते थे। वक्ताओं ने कहा कि देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय मामलों में उनकी भूमिका की सराहना की जाती थी। लोग उन्हें लोहा मानते थे। राजशाही व्यवस्था समाप्त करने एवं आम आदमी के लिए बैंकों का दरवाजा खुलवाने में उनकी अहम भूमिका थी। वक्ताओं ने कहा कि जनपद के सुनियोजित विकास के लिए वर्ष 1973 में जो सम्मेलन आयोजित किया गया था उस सम्मेलन में जिले के विकास की मजबूत बुनियाद रखी गयी थी। बड़े-बड़े कार्य हुए । कालांतर में दूसरों ने उस काम को आगे नहीं बढ़ाया। जो कुछ हुआ उस पर भी ग्रहण लगता जा रहा है। इस दौरान बलिहारी बाबू, करुणाकांत मिश्र, बनवारी लाल जालान, वैभव वर्मा, डॉ. रवि सिंह, रमेश यादव, रामजीत यादव, गौरीशंकर, रवींद्र प्रधान आदि उपस्थित थे।

*******************************
आजमगढ़: इंका के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रजीत यादव का सपना साकार हो रहा है। समतामूलक समाज की स्थापना के उद्देश्य से उनके द्वारा हरबंशपुर में स्थापित किये गये सामाजिक न्याय एवं बाल भवन केंद्र में समाज के सभी वर्गो के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर की तकनीकी जानकारी हासिल कर रहे हैं। केंद्र के निदेशक रामजनम यादव ने कहा कि सत्य, अहिंसा, देशभक्ति एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित इस केंद्र में बच्चों को महापुरुषों के बारे में भी बताया जाता है। केंद्र के अंदर एक संग्रहालय स्थापित किया गया है। इसमें मंडल आयोग के संघर्षो की मुख्य विशेषताएं, उनसे संबंधित छाया चित्र, सामाजिक न्याय आंदोलन के प्रमुख नेताओं व महापुरुषों के चित्र भी लगाये गये हैं। उद्देश्य आने वाले पीढ़ी को इनके बारे में बताना है। गरीब, पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को कंप्यूटर की तकनीकी जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों को विशेष रूप से रखा गया है। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित पुस्तकें, सामान्य ज्ञान, साहित्य एवं भौगोलिक जानकारी के लिए भी बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध करायी गयी हैं।

आत्मविश्वास व परिश्रम ने संतोष यादव को दिलाया सफलता

यदुकुल ब्लॉग : सफलता जिन्दगी में काफी मायने रखती है और विशेषकर तब जब उसके साथ कैरियर भी जुड़ा  हो . आजमगढ़ के निवासी और  बीएड प्रवेश परीक्षा में प्रदेश में अव्वल संतोष यादव इस सफलता से गदगद है। संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में 301 अंक पाकर उन्होंने  पूरे प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पाकर  जिले का मान बढ़ाया है। हालांकि एक बारगी उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास व परिश्रम के बूते उन्हें यह सफलता हासिल हुई है। वह सिविल सर्विस में जाना चाहते हैं। इसके लिए जी जान से तैयारी कर रहे हैं। कामयाबी का श्रेय उन्होंने माता-पिता, मित्रों व गुरुजनों को दिया। आज वह जो भी हैं उन्हीं के मार्गदर्शन व आशीर्वाद का परिणाम है।

आजमगढ़ के फूलपुर क्षेत्र के ससना गांव निवासी संतोष के पिता कोमल प्रसाद यादव गुजरात स्थित एक स्टील कंपनी में कार्यरत हैं जबकि मां श्रेया देवी गृहिणी हैं। वह दो भाइयों में सबसे बड़े हैं। छोटे भाई मनोज ने इंटर फाइनल की परीक्षा दी है। संतोष की प्राथमिक शिक्षा गांव के ही विद्यालय में हुई। उन्होंने हाईस्कूल में 78 व इंटरमीडिएट में भी 70 फीसद अंक प्राप्त किए थे। वर्ष 2011 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीए किया। इस वर्ष एमए फाइनल की परीक्षा दे चुके हैं। इसके अलावा हिन्दी में यूजीसी नेट भी क्वालीफाई किया है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए टिप्स देते हुए बताया कि लक्ष्य के साथ आत्मविश्वास ही कामयाबी की रीढ़ है। किसी भी विषय की पढ़ाई पूरे मनोयोग से करनी चाहिए।
यदुकुल की तरफ  से संतोष यादव को हार्दिक बधाइयाँ !!

राम शिव मूर्ति यादव : यदुकुल ब्लॉग @ http://yadukul.blogspot.com/ 

महिलाओं के हक के लिए लड़ रही हैं चंदा यादव


यदुकुल ब्लॉग : नारी सशक्तीकरण आज की जरूरत है। यह तभी संभव है, जब नारी खुद इसके लिए आगे आए। ऐसी ही सशक्त महिला है चंदा यादव, जो अन्याय के विरूद्ध लड़ने को सदैव तत्पर रहती हैं । वर्ष 2002-03 में गाजीपुर में लगभग 180 गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं से इंदिरा आवास दिलाने के नाम पर तीन-तीन हजार की अवैध वसूली की गई थी। इन गरीब महिलाओं  ने अपने जेवर तथा बकरी और भैंस बेचकर रिश्वत की रकम चुकाई। उसके बाद भी इन महिलाओं की बजाय अपात्रों को अवास दे दिए गये। इसकी जानकारी मिलते ही चंदा यादव ने मोर्चा खोल दिया। लगभग पांच सौ महिलाओं के साथ मुहम्मदाबाद से लेकर गाजीपुर मुख्यालय तक 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा भीख मांगते हुए की थी। इस आंदोलन का असर यह हुआ कि कुछ दिनों  में पात्र महिलाओं को इंदिरा आवासों का आवंटन कर दिया गया। 

इसी प्रकार वर्ष 2003-04 में चंदा यादव के जिला पंचायत सदस्य रहने के दौरान ही मुहम्मदाबाद व भांवरकोल ब्लाक की लगभग 673 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं को नौकरी से निकल दिया गया था। इसके खिलाफ चंदा ने धरना दिया। असर यह रहा कि जिला कार्यक्रम विभाग ने सभी को बहाल कर दिया । 

चंदा यादव जहां भी महिलाओं के साथ अन्याय देखती हैं, उसके खिलाफ खड़ी हो जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लगभग साढ़े नौ हजार रसोइयों में से साढ़े तीन सौ को विभाग ने बाहर कर रास्ता दिखा दिया तो इन बेरोजगारों का सहारा बनीं । चंदा यादव जोरदार आंदोलन किया और विकास भवन के सामने रसोइया संघ की महिलाओं के साथ दो माह तक समय समय पर घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन चलाया। उनके संघर्ष का असर रहा कि 72 रसोइयों को दोबारा काम पर लिया गया। 250 महिला रसोइयों का मामला लंबित है। इसके बारे में सकारात्मक रिपोर्ट आ गई है, पंरतु विभाग ने आदेश जारी नहीं किया है। 

चंदा यादव बताती है कि पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी व पंचायती राज की मूल कल्पना को साकार करना उनका प्रमुख कार्य है। चंदा वर्ष 2000 से 2005 तक जिला पंचायत सदस्य रहीं और उसके बाद 2005 में मुहम्मदाबाद, गाजीपुर की ब्लाक प्रमुख बनीं। चन्दा जिला रसोइया संघ की संरक्षक तथा महिला संगठन की संयोजक भी है। इनके संगठन में 12 महिला प्रधान तथा 27 महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य व 113 महिला ग्राम पंचायत सदस्य है। ये सभी जनप्रतिनिधि महिलाएं, अपने पति की सहायता के बगैर पंचायतों के सारे काम निपटाती है। यह सब चंदा के जागरूकता अभियान का नतीजा है।

शनिवार, 25 मई 2013

पुण्य तिथि पर याद किये गए चंद्रजीत यादव



आजमगढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चंद्रजीत यादव की पांचवी पुण्यतिथि पर शुक्रवार, 24 मई 2013 को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। नेहरू हाल के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विधायक डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि चंद्रजीत यादव सच्चे राष्ट्रभक्त थे। सिद्धांत के पक्के थे। उनके विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे। श्री यादव ने कहा कि पिछड़ों व दलितों को उनका अधिकार दिलाने के लिए चंद्रजीत यादव आजीवन संघर्ष किया। आज यह देश किधर जा रहा है इस पर सोचने की जरूरत है। आजादी के बाद देश की जो दशा है उस पर यदि नजर दौड़ाई जाय तो यह कहा जा सकता है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए हुए पद चिन्हों पर नहीं चलने के कारण समाज की दुर्गति हो रही है। 

विधायक आलमबदी ने कहा कि चंद्रजीत यादव ने प्रतिभा के धनी थे। पूर्व सांसद बलिहारी बाबू व रामकृष्ण यादव ने कहा कि चंद्रजीत यादव ने देश ही नहीं विदेशों में भी इस जनपद की अलग पहचान बनाई। रामअचल यादव ने कहा कि चंद्रजीत यादव ने सामाजिक न्याय आंदोलन को खड़ा कर यह बता दिया कि उनके दिल में समाज के प्रति कितना लगाव था। 

कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्व. श्री यादव की धर्मपत्‍‌नी आशा यादव ने स्व. श्री यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर जय प्रकाश नारायण, इम्तेयाज बेग, बनवारी लाल जालान, मोती राम यादव, सच्चिदानंद राय, चुन्नन राय, राजकुमार पांडेय, जवाहर सैनी, नरेंद्र सिंह, कैलाश यादव, वसीउद्दीन, संतोष यादव, अशोक यादव, रामजनम यादव, उमा यादव, विजय बहादुर यादव आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता विजय बहादुर राय व संचालन वैभव वर्मा ने किया।

(चित्र में : स्व . चंद्रजीत यादव जी की फाइल फोटो)

बुधवार, 8 मई 2013

सिविल सेवा परीक्षा 2012 में बीस यदुवंशी चयनित

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2012 के अंतिम परिणाम 3, मई 2013 दिन शुक्रवार को घोषित कर दिये। इन परिणामों के महत्‍वपूर्ण मुख्‍य बिंदु निम्‍नलिखित हैं: 

• सिविल सेवा परीक्षा (प्राथमिक) 2012, 20 मई 2012 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में आवेदन करने वालों की 5,36,506 की संख्‍या एक कीर्तिमान था, जिसमें से वास्‍तव में 2,71,422 उम्‍मीदवार ही परीक्षा में शामिल हुए थे। 

• अक्‍टूबर 2012 में होने वाली मुख्‍य लिखित परीक्षा के लिए 13,092 उम्‍मीदवारों को सफल घोषित किया गया जिसमें से 2674 उम्‍मीदवारों का चयन मार्च-अप्रैल 2013 में होने वाले व्‍यक्तित्‍व परीक्षण के लिए किया गया। अंत में 998 उम्‍मीदवारों (753 पुरूष और 245 महिलाएं) की 1091 रिपोर्ट की गई रिक्तियों के समक्ष भारतीय प्रशा‍सनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और अन्‍य केन्‍द्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसा की गई। वर्तमान में खाली बची 92 रिक्तियां सामान्‍य मानकों से सफल होने वाले आरक्षित उम्‍मीदवारों के लिए हैं। सेवा आंवटन के लिए यह उम्‍मीदवार विकल्‍प के आधार पर निर्भर करेंगे, यह रिक्तियां आयोग द्वारा बनायी जाने वाली आरक्षित सूची से अनुशंसित उम्‍मीदवारों द्वारा भरी जायेंगी। 

• शीर्ष स्‍थान पर एक महिला उम्‍मीदवार सुश्री हर्षिता वी. कुमार (रोल नम्‍बर 075502) हैं। उन्‍होंने केरल विश्‍वविद्यालय से बी.टेक किया है। यह उनका चौथा प्रयास था। 

• दूसरे स्‍थान पर श्री वी. श्रीराम (रोल नम्‍बर 494891) रहे। वह केरल विश्‍वविद्यालय से एमबीबीएस हैं। यह उनका दूसरा प्रयास था। 

• तीसरा स्‍थान भी एक महिला सुश्री स्‍तुति चौहान (रोल नम्‍बर 038970) ने ही हासिल किया। उन्‍होंने जोधपुर विश्‍वविद्यालय से बीएससी किया और दिल्‍ली के आईआईपीएम से कार्मिक और विपणन प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा किया है। यह उनका तीसरा प्रयास था। 

• सामान्‍य, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सभी में शीर्ष स्‍थान महिलाओं ने ही हासिल किया है। शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में 13 पुरूष और 12 महिलाएं हैं। 

• इस परीक्षा में सफल हुए उम्‍मीदवार एक अखिल भारतीय विभाजन की प्रदर्शनी भी है। शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में वह उम्‍मीदवार हैं जो अपने आपकों को बारह राज्‍य/ केन्‍द्र शासित प्रदेशों के निवसी होने के रूप में दावा कर सकते हैं अर्थात आन्‍ध्र प्रदेश, बिहार, चण्‍डीगढ़, दिल्‍ली, हरियाणा, जम्‍मु-कश्‍मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, तमिलनाडु और उत्‍तर प्रदेश। 

• जीवन के सभी क्षेत्रों जैसे किसान, अध्‍यापक, व्‍यवसायी, सरकारी कर्मचारी, डॉक्‍टर, वकील, प्रोफेसर और सिविल सेवा से आने के कारण शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मदवारों की पारिवारिक पृष्‍ठभूमि विविधतापूर्ण प्रतिनिधित्‍व दर्शाती है। 

• शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में से 6 अपने पहले प्रयास में वरीयता सूची में थे, 9 दूसरे प्रयास में वरीयता सूची में थे, 8 तीसरे प्रयास में और चौथे और छठे प्रयासों में एक एक उम्‍मीदवार वरीयता सूची में थे। 

• शीर्षस्‍थ 25 उम्‍मीदवारों में 12 दिल्‍ली से थे; 4 तिरूवंनतपुरम, दो-दो चैन्‍नई और हैदराबाद से और एक-एक जम्‍मु, मुम्‍बई, जयपुर, चण्‍डीगढ और इलाहाबाद केन्‍द्र से थे। 

सिविल सर्विसेज परीक्षा 2012 - में सफल यादव अभ्यर्थी-

Sl no. Rank Name
1 21 Rajkamal Yadav
2 102 Nishant Kr Yadav
3 105 Amit Prakash Yadav
4 314 RENU Yadav
5 328 Bhor Singh Yadav
6 428 Pradeep Kr Yadav
7 430 Pavan Yadav
8 499 Nisheeth Yadav
9 532 Yadav Vishwajeet Shirish Kr
10 575 Shiv Shankar Yadav
11 595 Rahul Kr Yadav
12 639 Sudha Yadav
13 678 Aditi Yadav
14 694 Yogesh Yadav
15 731 Kapil Yadav
16 782 Inderjeet Yadav
17 800 Ankur Yadav
18 812 Chesta Yadav
19 819 Ram Niwas Yadav
20 911 salunke Durgesh Yadav




- Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com/ 

रविवार, 28 अप्रैल 2013

कृष्ण कुमार यादव 'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से सम्मानित




राष्ट्रभाषा हिन्दी के माध्यम से विज्ञान लोकप्रियकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये विज्ञान के प्रति समर्पित संस्था 'विज्ञान परिषद प्रयाग' ने अपने शताब्दी वर्ष में विभिन्न विभूतियों को  'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से विभूषित किया। 

प्रशासन के साथ-साथ लेखन और ब्लागिंग में अनवरत सक्रिय एवं सम्प्रति इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें  कृष्ण कुमार यादव को भी इस अवसर पर  'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से सम्मानित किया गया। 

उक्त सम्मान 27 अप्रैल 2013 को इलाहाबाद में  विज्ञान परिषद प्रयाग के सभागार  में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राजपाल महामहिम श्री शेखर दत्त द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  डा0 वीरेन्द्र पाल सिंह, अध्यक्ष विश्व कृषि वानिकी केन्द्र (दक्षिण एशिया), नई दिल्ली ने की। 

इस अवसर पर हिंदी में विज्ञान लेखन करने और इसे प्रोत्साहित करने हेतु देश के बारह विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न प्रमुख संस्थानों/विभागों के आठ निदेशकों, दस डाक्टर्स एवं बीस शिक्षाविद, साहित्यकार व ब्लागर्स को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विज्ञान परिषद् के सभापति दीनानाथ मिश्र, संस्था के प्रधानमंत्री शिवगोपाल  मिश्र, के . के . भूटानी सहित तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न प्रमुख संस्थानों/विभागों के निदेशक, अधिकारीगण,  चिकित्सक, शिक्षाविद, साहित्यकार, लेखक, पत्रकार, ब्लागर्स, शोधार्थी इत्यादि उपस्थित थे। 

रविवार, 14 अप्रैल 2013

शरद यादव लगातार तीसरी बार जेडीयू अध्यक्ष बने


नई दिल्ली।। जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारणी की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन शनिवार, 13 अप्रैल, 2013   को शरद यादव को लगातार तीसरी बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि शनिवार को बैठक के पहले दिन शरद यादव को लगातार तीसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले शरद यादव अकेले उम्मीदवार थे। जेडीयू के संविधान में पांच मार्च को संशोधन किया गया था जिसके जरिए शरद के तीसरी बार अध्यक्ष बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। शरद यादव 2006 में जॉर्ज फर्नांडिस के स्थान पर पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए थे।

त्यागी ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दूसरे दिन कल कुछ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इन प्रस्तावों में राजनैतिक, विदेश नीति, कश्मीर के मुद्दे और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है।

शनिवार, 6 अप्रैल 2013

नन्ही ब्लागर अक्षिता (पाखी) यादव को शबाना आज़मी व डिम्पल यादव ने किया सम्मानित


हिंदुस्तान टाइम्स वुमेन अवार्ड- 2013   के लिए सबसे कम उम्र में नन्ही ब्लागर अक्षिता (पाखी) को नामिनेट किया गया था। 6 अप्रैल, 2013 को लखनऊ में ताज होटल में एक भव्य कार्यक्रम में अक्षिता (पाखी) को मशहूर अभिनेत्री शबाना आज़मी, सांसद डिम्पल यादव व संगीत कम्पोजर वाजिद खान ने अप्रिसियेशन सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।


अक्षिता का ब्लॉग है- http://www.pakhi-akshita.blogspot.in/   (पाखी की दुनिया) 


(In Picture : Akshitaa (Pakhi) receiving Certification of Appreciation for Hindustan Times Women Contest-2013, by Mrs. Shabana Azmi, Film Actor and Social Activist, Mrs. Dimple Yadav, MP and wife of Chief Minister UP, Mr. Wajid Khan, Music Composer/singer, in a programme on 6th April, 2013 at Vivanta by Taj, Lucknow) 

मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष बने शिक्षाविद डा. अनिल कुमार यादव


उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कमान अब एक शिक्षाविद के हाथों में दी गई है. श्री चित्रगुप्त महाविद्यालय, मैनपुरी  के प्राचार्य डाक्टर अनिल कुमार यादव को उप्र लोकसेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पूर्व वह वर्ष 2006 से दिसबंर 2012 तक उप्र लोक सेवा आयोग के सदस्य पद पर कार्य कर चुके हैं। एक दिसंबर 2012 को उन्होंने श्री चित्रगुप्त महाविद्यालय में फिर प्राचार्य पद पर फिर से कार्यभार ग्रहण किया था।  राज्यपाल ने उनकी शैक्षिक योगदान को देखते हुए ये बडी जिम्मेदारी सौंपी है। 

आगरा के कमला नगर में रहने वाले डाक्टर अनिल कुमार यादव ने वर्ष 2002 में मैनपुरी के श्री चित्रगुप्त महाविद्यालय में प्राचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। प्राचार्य रहते हुए उन्होंने जहां महाविद्यालय में कई नए कोर्स शुरू कराए वहीं अनुशासन का वातावरण बनाने में अहम भूमिका अदा की। डा. अनिल यादव ने उच्च शिक्षा के विकास में विशेष योगदान दिया है। चित्रगुप्त कालेज में कृषि शिक्षा, पत्रकारिता और कई वोकेशनल कोर्स आरंभ कराने का श्रेय डा. अनिल यादव को ही जाता है। उनके कार्यकाल में महाविद्यालय में वर्षों से बंद चल रहे खेलकूद शुरू कराकर वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया। डा. यादव इससे पूर्व केआर डिग्री कालेज मथुरा में बॉटनी के प्रवक्ता के पद पर भी रह चुके हैं। उन्होंने केआर कालेज मथुरा से बॉटनी से एमएससी (गोल्ड मैडिलिस्ट) की और पीएचडी के अलावा डीएससी एवं एलएलएम की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।

सोमवार, 25 मार्च 2013

प्रयोग करने से भी नहीं हिचकते हैं अभिनेता राजकुमार यादव


कम समय में फिल्म जगत में अपनी पहचान बना चुके हैं अभिनेता राजकुमार यादव। अर्थपूर्ण और बड़े बैनर दोनों की फिल्में उन्हें मिल रही हैं। वे प्रयोग करने से भी नहीं हिचकते हैं।
 
अपनी अगली फिल्म 'शाहिद' में वे सच्चाई का साथ देने वाले वकील शाहिद आजमी की भूमिका निभा रहे हैं। यह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। सच की राह पर चलने से उस वकील को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। पुलिस उसे खूब टार्चर करती है। वैसे ही एक टार्चर सीन के दौरान राजकुमार यादव को एक न्यूड शॉट देना पड़ा। वे कहते हैं, 'मुझे कोई शर्म नहीं आई। मैं उस वक्त सिर्फ उस वकील के दर्द को महसूस कर रहा था। मुझे इस बात की भी परवाह नहीं थी कि किस हद तक मुझे न्यूड दिखाया जाएगा। मैं जानना-समझना चाहता था कि पुलिस किस तरह टार्चर करती है? एक आरोपी को किस सीमा तक की बेइज्जती झेलनी पड़ती है? फिल्म के निर्देशक वह शॉट सिर्फ कैमरामैन के साथ लेना चाहते थे, लेकिन मैंने तकनीशियन समेत सबको सेट पर बुला लिया।
 
मैं महसूस करना चाहता था कि सब के सामने किसी को निर्वस्त्र करने पर उसके भीतर क्या चल सकता है? यह जरूरी है कि पुलिस के अमानवीय ट्रायल को पर्दे पर जरूर दिखाया जाए ताकि लोगों को मालूम हो कि जेल की चारदीवारी के भीतर क्या-क्या होता है ?
 
Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com/
 

शनिवार, 23 मार्च 2013

साहित्यकार राजेन्द्र यादव एवं पहलवान द्वय मेवालाल यादव व नरसिंह यादव को भी मिला यश-भारती सम्मान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कला, साहित्य, रंगमंच, फिल्म व खेल जगत से जुड़े 15 विशिष्ट लोगों को राज्य सरकार के सर्वोच्च सम्मान यश भारती पुरस्कार प्रदान किए. यह पुरस्कार सामाजिक चिन्तक डॉ. राम मनोहर लोहिया की 103वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश  की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक समारोह में 23 मार्च 2013 को प्रदान किए गए. प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता को पुरस्कार स्वरूप 11 लाख रुपए का चेक, स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र दिया गया.
  
पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तियों की सूची निम्नलिखित है: 
• पदमभूषण पं. छन्नू लाल मिश्र (गायक) 
• राजेन्द्र यादव (साहित्यकार) 
• प्रो. सत्यमित्र दुबे (साहित्यकार) 
• डा. रामकृष्ण राजपूत (साहित्यकार) 
• मस्तराम कपूर (साहित्यकार) 
• डा. सरिता शर्मा (कवियत्री) 
• वसीम बरेलवी (उर्दू शायर) 
• आमिर रजा हुसैन (रंगकर्मी) 
• अभिजीत भट्टाचार्य (पाश्र्व गायक) 
• जावेद अली (पाश्र्व गायक) 
• विवेक गुप्त (हाकी) 
मेवालाल यादव (कुश्ती) 
• नरसिंह यादव (कुश्ती) 

• सुशी अंशु तोमर (कुश्ती) 
• सुरेश कुमार रैना (क्रिकेटर) 

क्रिकेटर सुरेश रैना का पुरस्कार उनके भाई दिनेश रैना तथा पाश्र्व गायक जावेद अली का पुरस्कार उनके पिता हामिद अली, साहित्यकार राजेन्द्र यादव का पुरस्कार उनकी पुत्री रचना यादव, पाश्र्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य का पुरस्कार उनके पुत्र ध्रुव, साहित्यकार डा. मस्तराम का पुस्कार संस्कृति सचिव संजीव शरण ने प्राप्त किया.

विदित हो कि यश भारती पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार द्वारा वर्ष 1994 में शुरू किया गया था. यह पुरस्कार उन लोगों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कला और साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान दिया हो. परन्तु पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के नेतृत्व में बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की सरकार द्वारा यह पुरस्कार वर्ष 2007 में बंद कर दिया गया था.

शुक्रवार, 22 मार्च 2013

'काय पो छे' में अभिनय का जलवा बिखेरते राजकुमार यादव

पिछले दिनों रिलीज़ हुई फिल्म 'काय पो छे' में गोविंद के किरदार के लिए तारीफ बटोरने वाले राजकुमार यादव को हीरो शब्द से ख़ासी परेशानी है.
दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजकुमार मानते हैं कि फिल्म लाइन में हीरो नहीं होते हैं. हीरो तो असल जीवन में होते हैं.
 
राजकुमार कहते हैं "बॉर्डर पर और समाज में हीरो होते हैं. हमारी फिल्मों में तो किरदार और कलाकार होते हैं. जब कोई कहता है कि तुम हमारी फिल्म के हीरो हो तो मैं कहता हूं नहीं, मैं आपकी फिल्म का एक्टर हूं."
परंपरागत हीरो की छवि से अलग दिखने वाले राजकुमार के मुताबिक "संघर्षों के दिनों में हर जगह से एक ही जवाब मिलता था कि नहीं थोड़ा और लंबा चाहिए, थोड़ा और गोरा चाहिए. मैं तो जैसा हूं अपने आपको वैसे ही पेश करता हूं. किरदार की डिमांड है तो मैं औऱ बदसूरत दिखूंगा और अगर अच्छा दिखना है तो जिम में काम करूंगा."
रोल की तैयारी के बारे में राजुकमार ने बताया कि काय पो छे में एक ठेठ गुजराती लड़के का रोल निभाने के लिए उन्होंने गुजराती भाषा सीखने के साथ साथ अपनी तरफ से किरदार को और उसके परिवेश को समझने की कोशिश भी की.

जेब में सत्रह रुपए

दिल्ली के पास गुड़गांव के रहने वाले राजुकमार ने पुणे स्थित एफटीआईआई से पढ़ाई करने के बाद मुंबई में लगभग ढाई साल संघर्ष किया और फिर उन्हें फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' में ब्रेक मिला.
 
अपने संघर्षों को याद करते हुए राजकुमार कहते हैं "एक समय था जब मेरे पास जेब में सत्रह रुपए थे और मेरे दोस्त के पास बारह रुपए और हमने सोचा कि आज हम खाना कैसे खाएंगे. लेकिन फिर ऐसे संघर्षों का भी अपना ही मज़ा है."
दिबाकर की फिल्म लव सेक्स और धोखा में ऑडिशन के बारे में राजकुमार बताते हैं कि किस तरह वो गलत कपड़े पहनकर चले गए थे जिसके लिए उन्हें अच्छी डांट भी पड़ी थी लेकिन दिबाकर को उनका काम इतना पसंद आया कि उन्हें फिल्म में रोल मिल गया.

काय पो छे के बाद...

रागिनी एमएमएस और गैंग्स ऑफ वासेपुर में अपने अभिनय से ध्यान बटोरने वाले राजकुमार ने बताया "काय पो छे देखने के बाद एक बहुत बड़े समीक्षक ने कहा कि पिछले कई सालों से बॉलीवुड में आए कलाकारों में तुम सबसे बेहतरीन हो."
अपने बदले वक्त की बात करते हुए राजकुमार ने कहा "लोग अब मुझे मेरे नाम से पहचानते हैं. पहले बोलते थे कि रागिनी वाला लड़का है या तलाश वाला लड़का है. अब लोग पहचानने लगे हैं. अब बड़े निर्देशक भी साथ में मिलकर काम करना चाहते हैं."
राजकुमार की आने वाली फिल्म 'शाहिद' है जो 26/11 मुंबई हमलों के एक अभियुक्त की ओर से केस लड़ने वाले वकील शाहिद आज़मी के जीवन पर आधारित है.
फेस्टिवल में दिखाई गई इस फिल्म में राजकुमार ने शाहिद का रोल निभाया है जिन्हें समीक्षकों द्वारा काफी पसंद भी किया जा रहा है.

गुरुवार, 21 मार्च 2013

साहित्यकार राजेंद्र यादव और कुश्ती पहलवान नरसिंह यादव भी यश भारती सम्मान की दौड़ में

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान, यश भारती पुरस्कार 23 मार्च को राम मनोहर लोहिया की जयंती के मौके पर दिया जाएगा। यह सम्मान पाने की दौड़ में सूबे के कई दिग्गज शामिल हैं। प्रदेश सरकार राज्य की खास शख्सियतों को आगामी 23 मार्च को लोहिया पार्क में आयोजित एक समारोह में यश भारती पुरस्कार से सम्मानित करेगी।

यश भारती के लिए फिलहाल 13 लोगों के नाम प्रस्तावित हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यश भारती पुरस्कारों के लिए जिन संभावितत नामों की सूची बनाई गई है, उनमें उत्तर प्रदेश के मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी सुरेश रैना, वाराणसी के सुप्रसिद्घ शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, पार्श्व गायक जावेद अली, वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद यादव के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा कुश्ती पहलवान नरसिंह यादव, नाट्य विधा में अमीर रजा हुसैन, साहित्यकार सत्येंद्र दुबे, हॉकी खिलाड़ी विवेक गुप्ता और महिला पहलवान अंशू तोमर के नाम भी इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा भी कुछ नाम इस सूची में शामिल किए गए हैं। संस्कृति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मोटे तौर पर नामों की एक सूची तैयार की गई है, लेकिन अभी विचार-विमर्श चल रहा है और अंतिम समय में इन नामों में बदलाव भी किया जा सकता है।

रविवार, 10 मार्च 2013

जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव बने सर्वश्रेष्ठ सांसद

जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव को वर्ष 2012 के सर्वश्रेष्ठ सांसद के तौर पर चुना गया है। यह पुरस्कार सांसद के तौर पर बेहतरीन काम करने वालों को दिया जाता है।
 
संसद की पुरस्कार चयन समिति ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री कर्ण सिंह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और जनता दल(यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव को सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार के लिए चुना है।
 
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा गठित पुरस्कार समिति ने साल 2010 के सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरसकार के लिए जेटली, साल 2011 के लिए डॉ. कर्म सिंह और साल 2012 के लिए शरद यादव के नाम की सिफारिश की थी।
भारतीय संसदीय समूह की कार्यकारी समिति की हुई बैठक मे इसे मंजूरी प्रदान की गई। ये पुरस्कार बाद में एक समारोह में प्रदान किए जाएंगे। अरुण जेटली गुजरात से और कर्ण सिंह दिल्ली से राज्यसभा के सदस्य हैं। शरद यादव बिहार के मधेपुरा क्षेत्र से लोकसभा के सदस्य हैं।
 
इस पुरस्कार की शुरुआत भारतीय संसदीय समूह ने वर्ष 1994 में की थी और वर्ष 1995 से यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।
 
 
राम शिव मूर्ति यादव @ www.yadukul.blogspot.com

बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

नन्हीं ब्लागर अक्षिता ने बेटी बचाओ अभियान के लिए दी पाँच हजार रूपये की भेंट

सायकिल चलाना हम सभी को अच्छा लगता है। पर बिना सीट की साईकिल चलाना मुश्किल ही नहीं असंभव लगता है। पर इसे सच कर दिखाया है हीरा लाल यादव जी ने। एक दिन में तो कई बार वह 100 किलोमीटर तक साईकिल चलते हैं।
 
(नन्हीं ब्लागर अक्षिता ने बेटी बचाओ अभियान के लिए दी हीरा लाल यादव जी को पाँच हजार रूपये की भेंट)
 
उद्देश्य है-लोगों को जागरूक करना। इस बार उन्होंने अपनी यात्रा आरंभ की अरुणांचल प्रदेश से अमृतसर तक। इलाहबाद पहुंचे तो हमारे घर भी मिलने आए। इससे पहले वह अंडमान में भी हमसे मिल चुके हैं।  
 
सर्वधर्म सद्भावना यात्रा के तहत बेटी बचाओ, वन बचाओ, भाईचारा बचाओ का सन्देश लेकर अमृतसर तक बिना सीट की साईकिल से यात्रा कर रहे हीरालाल यादव अंकल जी के जज्बे को मैं सलाम करती हूँ। उनके इस अभियान के लिए मैंने 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' के तहत प्राप्त राशि में से पाँच हजार रूपये भी भेंट किये।


साभार : पाखी की दुनिया
 

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

Social message on bicycle without seat : Hiralal Yadav

Most people call him crusader for protection of environment while some take him lightly but hardships of life have failed to deter 55 years old Hira Lal Yadav from undertaking long journeys across length and breadth of the country on his bicycle campaigning against issues like deteriorating environment, spread of harmony and save girl child. He is covering the Sangam city during his journey that started on December 5, 2012 from Lohit district of Arunachal Pradesh and will end at Golden Temple in Amritsar.
 
Through the exhaustive journey, Lal has been spreading the message of conserving environment carrying saplings on a bicycle which has no seat. He plants, donates and carries saplings along the way and promotes environment awareness and harmony among citizens, irrespective of their state or religion. This time 'save the girl child' drive is also on Hira Lal's agenda. Starting from various districts of Assam, West Bengal and Bihar, the crusader is in the city of Kumbh where he aims to meet more and more people and sensitise them towards social issues.
 
Remarkably, while passing through Balia, Hira Lal visited the house of the Delhi rape victim and planted a sapling in her house. Likewise, he purposely visited the district of Gola Ghat in Assam where he met the parents of Captain Jintu Gogai, the Kargil martyr who was conferred with Vir Chakra.
 
"Although by removing the seat of my bicycle I face discomfort on such a long journey, but this is what the human race has been doing with the environment because of which we are adding to our woes," said Lal while talking to TOI on Saturday. "Just as my cycle is handicapped without the seat, so is the environment unless we rise to the occasion," added Lal, who reached Allahabad after crossing several cities of the three states. He has undertaken several other journeys since, 1998 including two in several East Asian countries.
 
Carrying minimum load on his bicycle, Lal does take a rest, of about 6 hours after covering the distance of around 100 kilometers per day. A large sized poly-bag, on his cycle carrier, contains his make-shift bed, pillow and few pairs of dresses while the handle has national flag besides which the frame has space for two earthen pots, each with a sapling, which Lal collects from the cities he passes. The wife of this 55 year old crusader is a roadside fruit vendor.
 
In a half-sleeve Khadi kurta, this man has taken up several journeys on a bicycle in the past. Demanding freeing of prisoners of the 1971 Indo-Pak war to showing solidarity for the nation after the Mumbai attack - in which journey he was joined, although for a short distance, by K Unnikrishnan, father of Major Sandeep Unnikrishnan, the army officer who was killed in the Mumbai attack operation. Lal has even gone to Kargil heights too.
 
"On visiting the ongoing Maha Kumbh, I will try to meet as many as I can and make them acquainted with the mission of my life so that they also carry it with them," he said.
 
Among various places he visited at Sangam city, Hira Lal planted two saplings at GPO in the presence of K K Yadav director, postal service, Allahabad region. "The most remarkable side of his personality is his simplicity as he carries on with his mission without creating any hype", said Yadav.
 

कृष्ण कुमार यादव को गंगा एक्शन परिवार की और से फिल्म अभिनेता विवेक ओबॅराय ने किया सम्मानित




महाकुंभ, प्रयाग-2013 के दौरान उत्कृष्ट विभागीय सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण एवं गंगा-सरंक्षण में समृद्ध योगदान हेतु गंगा एक्शन परिवार द्वारा इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें एवं चर्चित ब्लागर व साहित्यकार  श्री कृष्ण कुमार यादव को सम्मानित किया गया। 

 (फिल्म अभिनेता विवेक ओबॅराय और स्वामी चिदानंद मुनि जी ने दिया कृष्ण कुमार यादव को सम्मान)

माघ-पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर अरैल, कुंभ क्षेत्र स्थित परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के शिविर मंे आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कृष्ण कुमार यादव को यह सम्मान फिल्म अभिनेता विवेक ओबॅराय, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष व गंगा एक्शन परिवार के मुखिया स्वामी चिदानंद सरस्वती ’मुनि जी’ ने दिया। ’ग्रीन एंड क्लीन कुंभ’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्री यादव को बॅालीवुड अभिनेता विवेक ओबॅराय ने सम्मान स्वरूप पौधे भेंट किए एवं आशा व्यक्त की कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका योगदान यूं ही समाज व राष्ट्र को प्राप्त होता रहेगा। स्वामी चिदानंद सरस्वती ’मुनि जी’ ने कृष्ण कुमार को स्नेहाशीष देते हुए कहा कि देश को युवा पीढ़ी से काफी अपेक्षायें है और श्री यादव इस भाव-भूमि पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।


इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा कुंभ की बेला में जारी विशेष आवरणों का सेट निदेशक डाक सेवाएँ, इलाहबाद परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि और अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को भी भेंट किया। विवेक ओबेराय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने डाक-विभाग की इस पहल को सराहा, जिसके माध्यम से देश-विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो रहा है।
(गोआ के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिगंबर कामत व महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह के साथ कृष्ण कुमार यादव)

इस अवसर पर गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिगंबर कामत, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह, अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा, मेजर जनरल विशंभर दयाल सहित तमाम गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।