सोमवार, 27 सितंबर 2010

मानवता को नई राह दिखाती कैंसर सर्जन डॉ. सुनीता यादव

भोपाल शहर की कैंसर सर्जन डॉ. सुनीता यादव को चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष ढंग से काम करने और गरीब कैंसर मरीजों को स्वयं चिकित्सा खर्च वहन करते हुए इलाज और सेवा देने के लिए जाना जाता है. वे शायद इस मुहावरे को चरितार्थ करती नजर आती हैं की डाक्टर भगवन का ही दूसरा रूप है. वस्तुत: बचपन में ही सुनीता यादव ने अपने दादाजी को कैंसर का इलाज नहीं मिल पाने के कारण खोया था। इसी बीमारी के चलते अपनी नानी को भी खोया और तभी से तय कर लिया कि बड़े होकर कैंसर सर्जन ही बनना है। 1985 में ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद 1994 में प्रैक्टिस शुरू की और 1995 से भोपाल में प्रैक्टिस शुरू कर दी। कैंसर सर्जन बनने के बाद कई गरीब कैंसर मरीजों को कम से कम खर्च पर इलाज दिया। सुनीता यादव 80 हजार रुपए में होने वाली सर्जरी को फिलहाल पांच से छह हजार रुपए में कर रही हैं। डॉ. यादव के पास अक्सर महीने में ऐसे दो-तीन केस आते हैं जिनके इलाज का खर्च माफ करना पड़ता है। डा0 सुनीता यादव इंडियन रेडक्रास सोसायटी में भी वे बतौर कंसल्टेंट अपनी सेवाएं दे रही हैं। वे कहती हैं, कैंसर पीड़ित महिलाओं को देखकर दुख होता है क्योंकि वे पारिवारिक जिम्मेदारियों ने इतनी उलझी रहती हैं कि चौथी स्टेज में इलाज के लिए आती हैं। महिलाओं को सलाह है कि वे अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें और प्रारंभिक लक्षण दिखने पर ही इलाज के लिए आएं।

डा0 सुनीता यादव को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए तमाम संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है. 21 मई, 2009 को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उपराष्ट्रपति मोहम्मद हमीद अंसारी द्वारा नई दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान राष्ट्रीय समता स्वतंत्र मंच के 82 वें शिखर सम्मेलन में दिया गया , जिसमें चिकित्सा, उद्योग, शिक्षा, समाज सेवा और न्याय के लिए अनुकरणीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है।

गौरतलब है कि इस सम्मान के लिए नामांकित होने पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलिराम भगत ने स्वयं उनका इंटरव्यू लिया था। डा0 सुनीता यादव ने न सिर्फ चिकित्सा जगत वरन पूरी मानवता को नई राह दिखाई है और ऐसे लोग ही समाज में प्रेरणा-स्रोत बनते हैं !!

6 टिप्‍पणियां:

गजेन्द्र सिंह ने कहा…

बहुत सुन्दर और ज्ञानवर्धक जानकारी दी है आपने ........ आभार

पढ़िए और मुस्कुराइए :-
आप ही बताये कैसे पार की जाये नदी ?

Akshita (Pakhi) ने कहा…

सुनीता आंटी तो बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं...बधाई.

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

डा0 सुनीता यादव ने न सिर्फ चिकित्सा जगत वरन पूरी मानवता को नई राह दिखाई है और ऐसे लोग ही समाज में प्रेरणा-स्रोत बनते हैं...Agree.

सुरेश यादव ने कहा…

आदरणीय राम शिव मूर्ति यादव जी ,आप के इस ब्लॉग के माद्ध्यम से महान यादव जाति के वारे में एक साथ जानकारी मिल जाती है | गरिमा मय प्रस्तुति इसे और भी सार्थक बनाती है |एक अंतराल के बाद यदुकुल पर आया हूँ ,लेकिन बहुत अच्छा लगा और बहुत कुछ पढ़ गया |डा.सुनीता यादव की प्रतिभा ने प्रभावित किया ,उन्हें बहुत बहुत बधाई |

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

सुनीता यादव जी की इच्छा शक्ति को नमन.

Shyama ने कहा…

डा0 सुनीता यादव ने न सिर्फ चिकित्सा जगत वरन पूरी मानवता को नई राह दिखाई है और ऐसे लोग ही समाज में प्रेरणा-स्रोत बनते हैं !!