रविवार, 28 अप्रैल 2013

कृष्ण कुमार यादव 'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से सम्मानित




राष्ट्रभाषा हिन्दी के माध्यम से विज्ञान लोकप्रियकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये विज्ञान के प्रति समर्पित संस्था 'विज्ञान परिषद प्रयाग' ने अपने शताब्दी वर्ष में विभिन्न विभूतियों को  'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से विभूषित किया। 

प्रशासन के साथ-साथ लेखन और ब्लागिंग में अनवरत सक्रिय एवं सम्प्रति इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें  कृष्ण कुमार यादव को भी इस अवसर पर  'विज्ञान परिषद प्रयाग शताब्दी सम्मान' से सम्मानित किया गया। 

उक्त सम्मान 27 अप्रैल 2013 को इलाहाबाद में  विज्ञान परिषद प्रयाग के सभागार  में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राजपाल महामहिम श्री शेखर दत्त द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  डा0 वीरेन्द्र पाल सिंह, अध्यक्ष विश्व कृषि वानिकी केन्द्र (दक्षिण एशिया), नई दिल्ली ने की। 

इस अवसर पर हिंदी में विज्ञान लेखन करने और इसे प्रोत्साहित करने हेतु देश के बारह विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न प्रमुख संस्थानों/विभागों के आठ निदेशकों, दस डाक्टर्स एवं बीस शिक्षाविद, साहित्यकार व ब्लागर्स को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विज्ञान परिषद् के सभापति दीनानाथ मिश्र, संस्था के प्रधानमंत्री शिवगोपाल  मिश्र, के . के . भूटानी सहित तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न प्रमुख संस्थानों/विभागों के निदेशक, अधिकारीगण,  चिकित्सक, शिक्षाविद, साहित्यकार, लेखक, पत्रकार, ब्लागर्स, शोधार्थी इत्यादि उपस्थित थे। 

रविवार, 14 अप्रैल 2013

शरद यादव लगातार तीसरी बार जेडीयू अध्यक्ष बने


नई दिल्ली।। जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारणी की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन शनिवार, 13 अप्रैल, 2013   को शरद यादव को लगातार तीसरी बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि शनिवार को बैठक के पहले दिन शरद यादव को लगातार तीसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले शरद यादव अकेले उम्मीदवार थे। जेडीयू के संविधान में पांच मार्च को संशोधन किया गया था जिसके जरिए शरद के तीसरी बार अध्यक्ष बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। शरद यादव 2006 में जॉर्ज फर्नांडिस के स्थान पर पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए थे।

त्यागी ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दूसरे दिन कल कुछ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इन प्रस्तावों में राजनैतिक, विदेश नीति, कश्मीर के मुद्दे और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है।

शनिवार, 6 अप्रैल 2013

नन्ही ब्लागर अक्षिता (पाखी) यादव को शबाना आज़मी व डिम्पल यादव ने किया सम्मानित


हिंदुस्तान टाइम्स वुमेन अवार्ड- 2013   के लिए सबसे कम उम्र में नन्ही ब्लागर अक्षिता (पाखी) को नामिनेट किया गया था। 6 अप्रैल, 2013 को लखनऊ में ताज होटल में एक भव्य कार्यक्रम में अक्षिता (पाखी) को मशहूर अभिनेत्री शबाना आज़मी, सांसद डिम्पल यादव व संगीत कम्पोजर वाजिद खान ने अप्रिसियेशन सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।


अक्षिता का ब्लॉग है- http://www.pakhi-akshita.blogspot.in/   (पाखी की दुनिया) 


(In Picture : Akshitaa (Pakhi) receiving Certification of Appreciation for Hindustan Times Women Contest-2013, by Mrs. Shabana Azmi, Film Actor and Social Activist, Mrs. Dimple Yadav, MP and wife of Chief Minister UP, Mr. Wajid Khan, Music Composer/singer, in a programme on 6th April, 2013 at Vivanta by Taj, Lucknow) 

मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष बने शिक्षाविद डा. अनिल कुमार यादव


उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कमान अब एक शिक्षाविद के हाथों में दी गई है. श्री चित्रगुप्त महाविद्यालय, मैनपुरी  के प्राचार्य डाक्टर अनिल कुमार यादव को उप्र लोकसेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पूर्व वह वर्ष 2006 से दिसबंर 2012 तक उप्र लोक सेवा आयोग के सदस्य पद पर कार्य कर चुके हैं। एक दिसंबर 2012 को उन्होंने श्री चित्रगुप्त महाविद्यालय में फिर प्राचार्य पद पर फिर से कार्यभार ग्रहण किया था।  राज्यपाल ने उनकी शैक्षिक योगदान को देखते हुए ये बडी जिम्मेदारी सौंपी है। 

आगरा के कमला नगर में रहने वाले डाक्टर अनिल कुमार यादव ने वर्ष 2002 में मैनपुरी के श्री चित्रगुप्त महाविद्यालय में प्राचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। प्राचार्य रहते हुए उन्होंने जहां महाविद्यालय में कई नए कोर्स शुरू कराए वहीं अनुशासन का वातावरण बनाने में अहम भूमिका अदा की। डा. अनिल यादव ने उच्च शिक्षा के विकास में विशेष योगदान दिया है। चित्रगुप्त कालेज में कृषि शिक्षा, पत्रकारिता और कई वोकेशनल कोर्स आरंभ कराने का श्रेय डा. अनिल यादव को ही जाता है। उनके कार्यकाल में महाविद्यालय में वर्षों से बंद चल रहे खेलकूद शुरू कराकर वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया। डा. यादव इससे पूर्व केआर डिग्री कालेज मथुरा में बॉटनी के प्रवक्ता के पद पर भी रह चुके हैं। उन्होंने केआर कालेज मथुरा से बॉटनी से एमएससी (गोल्ड मैडिलिस्ट) की और पीएचडी के अलावा डीएससी एवं एलएलएम की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।

सोमवार, 25 मार्च 2013

प्रयोग करने से भी नहीं हिचकते हैं अभिनेता राजकुमार यादव


कम समय में फिल्म जगत में अपनी पहचान बना चुके हैं अभिनेता राजकुमार यादव। अर्थपूर्ण और बड़े बैनर दोनों की फिल्में उन्हें मिल रही हैं। वे प्रयोग करने से भी नहीं हिचकते हैं।
 
अपनी अगली फिल्म 'शाहिद' में वे सच्चाई का साथ देने वाले वकील शाहिद आजमी की भूमिका निभा रहे हैं। यह सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। सच की राह पर चलने से उस वकील को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। पुलिस उसे खूब टार्चर करती है। वैसे ही एक टार्चर सीन के दौरान राजकुमार यादव को एक न्यूड शॉट देना पड़ा। वे कहते हैं, 'मुझे कोई शर्म नहीं आई। मैं उस वक्त सिर्फ उस वकील के दर्द को महसूस कर रहा था। मुझे इस बात की भी परवाह नहीं थी कि किस हद तक मुझे न्यूड दिखाया जाएगा। मैं जानना-समझना चाहता था कि पुलिस किस तरह टार्चर करती है? एक आरोपी को किस सीमा तक की बेइज्जती झेलनी पड़ती है? फिल्म के निर्देशक वह शॉट सिर्फ कैमरामैन के साथ लेना चाहते थे, लेकिन मैंने तकनीशियन समेत सबको सेट पर बुला लिया।
 
मैं महसूस करना चाहता था कि सब के सामने किसी को निर्वस्त्र करने पर उसके भीतर क्या चल सकता है? यह जरूरी है कि पुलिस के अमानवीय ट्रायल को पर्दे पर जरूर दिखाया जाए ताकि लोगों को मालूम हो कि जेल की चारदीवारी के भीतर क्या-क्या होता है ?
 
Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com/
 

शनिवार, 23 मार्च 2013

साहित्यकार राजेन्द्र यादव एवं पहलवान द्वय मेवालाल यादव व नरसिंह यादव को भी मिला यश-भारती सम्मान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कला, साहित्य, रंगमंच, फिल्म व खेल जगत से जुड़े 15 विशिष्ट लोगों को राज्य सरकार के सर्वोच्च सम्मान यश भारती पुरस्कार प्रदान किए. यह पुरस्कार सामाजिक चिन्तक डॉ. राम मनोहर लोहिया की 103वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश  की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक समारोह में 23 मार्च 2013 को प्रदान किए गए. प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता को पुरस्कार स्वरूप 11 लाख रुपए का चेक, स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र दिया गया.
  
पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तियों की सूची निम्नलिखित है: 
• पदमभूषण पं. छन्नू लाल मिश्र (गायक) 
• राजेन्द्र यादव (साहित्यकार) 
• प्रो. सत्यमित्र दुबे (साहित्यकार) 
• डा. रामकृष्ण राजपूत (साहित्यकार) 
• मस्तराम कपूर (साहित्यकार) 
• डा. सरिता शर्मा (कवियत्री) 
• वसीम बरेलवी (उर्दू शायर) 
• आमिर रजा हुसैन (रंगकर्मी) 
• अभिजीत भट्टाचार्य (पाश्र्व गायक) 
• जावेद अली (पाश्र्व गायक) 
• विवेक गुप्त (हाकी) 
मेवालाल यादव (कुश्ती) 
• नरसिंह यादव (कुश्ती) 

• सुशी अंशु तोमर (कुश्ती) 
• सुरेश कुमार रैना (क्रिकेटर) 

क्रिकेटर सुरेश रैना का पुरस्कार उनके भाई दिनेश रैना तथा पाश्र्व गायक जावेद अली का पुरस्कार उनके पिता हामिद अली, साहित्यकार राजेन्द्र यादव का पुरस्कार उनकी पुत्री रचना यादव, पाश्र्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य का पुरस्कार उनके पुत्र ध्रुव, साहित्यकार डा. मस्तराम का पुस्कार संस्कृति सचिव संजीव शरण ने प्राप्त किया.

विदित हो कि यश भारती पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार द्वारा वर्ष 1994 में शुरू किया गया था. यह पुरस्कार उन लोगों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कला और साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान दिया हो. परन्तु पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के नेतृत्व में बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की सरकार द्वारा यह पुरस्कार वर्ष 2007 में बंद कर दिया गया था.

शुक्रवार, 22 मार्च 2013

'काय पो छे' में अभिनय का जलवा बिखेरते राजकुमार यादव

पिछले दिनों रिलीज़ हुई फिल्म 'काय पो छे' में गोविंद के किरदार के लिए तारीफ बटोरने वाले राजकुमार यादव को हीरो शब्द से ख़ासी परेशानी है.
दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजकुमार मानते हैं कि फिल्म लाइन में हीरो नहीं होते हैं. हीरो तो असल जीवन में होते हैं.
 
राजकुमार कहते हैं "बॉर्डर पर और समाज में हीरो होते हैं. हमारी फिल्मों में तो किरदार और कलाकार होते हैं. जब कोई कहता है कि तुम हमारी फिल्म के हीरो हो तो मैं कहता हूं नहीं, मैं आपकी फिल्म का एक्टर हूं."
परंपरागत हीरो की छवि से अलग दिखने वाले राजकुमार के मुताबिक "संघर्षों के दिनों में हर जगह से एक ही जवाब मिलता था कि नहीं थोड़ा और लंबा चाहिए, थोड़ा और गोरा चाहिए. मैं तो जैसा हूं अपने आपको वैसे ही पेश करता हूं. किरदार की डिमांड है तो मैं औऱ बदसूरत दिखूंगा और अगर अच्छा दिखना है तो जिम में काम करूंगा."
रोल की तैयारी के बारे में राजुकमार ने बताया कि काय पो छे में एक ठेठ गुजराती लड़के का रोल निभाने के लिए उन्होंने गुजराती भाषा सीखने के साथ साथ अपनी तरफ से किरदार को और उसके परिवेश को समझने की कोशिश भी की.

जेब में सत्रह रुपए

दिल्ली के पास गुड़गांव के रहने वाले राजुकमार ने पुणे स्थित एफटीआईआई से पढ़ाई करने के बाद मुंबई में लगभग ढाई साल संघर्ष किया और फिर उन्हें फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' में ब्रेक मिला.
 
अपने संघर्षों को याद करते हुए राजकुमार कहते हैं "एक समय था जब मेरे पास जेब में सत्रह रुपए थे और मेरे दोस्त के पास बारह रुपए और हमने सोचा कि आज हम खाना कैसे खाएंगे. लेकिन फिर ऐसे संघर्षों का भी अपना ही मज़ा है."
दिबाकर की फिल्म लव सेक्स और धोखा में ऑडिशन के बारे में राजकुमार बताते हैं कि किस तरह वो गलत कपड़े पहनकर चले गए थे जिसके लिए उन्हें अच्छी डांट भी पड़ी थी लेकिन दिबाकर को उनका काम इतना पसंद आया कि उन्हें फिल्म में रोल मिल गया.

काय पो छे के बाद...

रागिनी एमएमएस और गैंग्स ऑफ वासेपुर में अपने अभिनय से ध्यान बटोरने वाले राजकुमार ने बताया "काय पो छे देखने के बाद एक बहुत बड़े समीक्षक ने कहा कि पिछले कई सालों से बॉलीवुड में आए कलाकारों में तुम सबसे बेहतरीन हो."
अपने बदले वक्त की बात करते हुए राजकुमार ने कहा "लोग अब मुझे मेरे नाम से पहचानते हैं. पहले बोलते थे कि रागिनी वाला लड़का है या तलाश वाला लड़का है. अब लोग पहचानने लगे हैं. अब बड़े निर्देशक भी साथ में मिलकर काम करना चाहते हैं."
राजकुमार की आने वाली फिल्म 'शाहिद' है जो 26/11 मुंबई हमलों के एक अभियुक्त की ओर से केस लड़ने वाले वकील शाहिद आज़मी के जीवन पर आधारित है.
फेस्टिवल में दिखाई गई इस फिल्म में राजकुमार ने शाहिद का रोल निभाया है जिन्हें समीक्षकों द्वारा काफी पसंद भी किया जा रहा है.

गुरुवार, 21 मार्च 2013

साहित्यकार राजेंद्र यादव और कुश्ती पहलवान नरसिंह यादव भी यश भारती सम्मान की दौड़ में

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान, यश भारती पुरस्कार 23 मार्च को राम मनोहर लोहिया की जयंती के मौके पर दिया जाएगा। यह सम्मान पाने की दौड़ में सूबे के कई दिग्गज शामिल हैं। प्रदेश सरकार राज्य की खास शख्सियतों को आगामी 23 मार्च को लोहिया पार्क में आयोजित एक समारोह में यश भारती पुरस्कार से सम्मानित करेगी।

यश भारती के लिए फिलहाल 13 लोगों के नाम प्रस्तावित हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यश भारती पुरस्कारों के लिए जिन संभावितत नामों की सूची बनाई गई है, उनमें उत्तर प्रदेश के मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी सुरेश रैना, वाराणसी के सुप्रसिद्घ शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, पार्श्व गायक जावेद अली, वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद यादव के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा कुश्ती पहलवान नरसिंह यादव, नाट्य विधा में अमीर रजा हुसैन, साहित्यकार सत्येंद्र दुबे, हॉकी खिलाड़ी विवेक गुप्ता और महिला पहलवान अंशू तोमर के नाम भी इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा भी कुछ नाम इस सूची में शामिल किए गए हैं। संस्कृति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मोटे तौर पर नामों की एक सूची तैयार की गई है, लेकिन अभी विचार-विमर्श चल रहा है और अंतिम समय में इन नामों में बदलाव भी किया जा सकता है।

रविवार, 10 मार्च 2013

जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव बने सर्वश्रेष्ठ सांसद

जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव को वर्ष 2012 के सर्वश्रेष्ठ सांसद के तौर पर चुना गया है। यह पुरस्कार सांसद के तौर पर बेहतरीन काम करने वालों को दिया जाता है।
 
संसद की पुरस्कार चयन समिति ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री कर्ण सिंह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और जनता दल(यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव को सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार के लिए चुना है।
 
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा गठित पुरस्कार समिति ने साल 2010 के सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरसकार के लिए जेटली, साल 2011 के लिए डॉ. कर्म सिंह और साल 2012 के लिए शरद यादव के नाम की सिफारिश की थी।
भारतीय संसदीय समूह की कार्यकारी समिति की हुई बैठक मे इसे मंजूरी प्रदान की गई। ये पुरस्कार बाद में एक समारोह में प्रदान किए जाएंगे। अरुण जेटली गुजरात से और कर्ण सिंह दिल्ली से राज्यसभा के सदस्य हैं। शरद यादव बिहार के मधेपुरा क्षेत्र से लोकसभा के सदस्य हैं।
 
इस पुरस्कार की शुरुआत भारतीय संसदीय समूह ने वर्ष 1994 में की थी और वर्ष 1995 से यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष दिया जाता है।
 
 
राम शिव मूर्ति यादव @ www.yadukul.blogspot.com

बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

नन्हीं ब्लागर अक्षिता ने बेटी बचाओ अभियान के लिए दी पाँच हजार रूपये की भेंट

सायकिल चलाना हम सभी को अच्छा लगता है। पर बिना सीट की साईकिल चलाना मुश्किल ही नहीं असंभव लगता है। पर इसे सच कर दिखाया है हीरा लाल यादव जी ने। एक दिन में तो कई बार वह 100 किलोमीटर तक साईकिल चलते हैं।
 
(नन्हीं ब्लागर अक्षिता ने बेटी बचाओ अभियान के लिए दी हीरा लाल यादव जी को पाँच हजार रूपये की भेंट)
 
उद्देश्य है-लोगों को जागरूक करना। इस बार उन्होंने अपनी यात्रा आरंभ की अरुणांचल प्रदेश से अमृतसर तक। इलाहबाद पहुंचे तो हमारे घर भी मिलने आए। इससे पहले वह अंडमान में भी हमसे मिल चुके हैं।  
 
सर्वधर्म सद्भावना यात्रा के तहत बेटी बचाओ, वन बचाओ, भाईचारा बचाओ का सन्देश लेकर अमृतसर तक बिना सीट की साईकिल से यात्रा कर रहे हीरालाल यादव अंकल जी के जज्बे को मैं सलाम करती हूँ। उनके इस अभियान के लिए मैंने 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' के तहत प्राप्त राशि में से पाँच हजार रूपये भी भेंट किये।


साभार : पाखी की दुनिया
 

मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

Social message on bicycle without seat : Hiralal Yadav

Most people call him crusader for protection of environment while some take him lightly but hardships of life have failed to deter 55 years old Hira Lal Yadav from undertaking long journeys across length and breadth of the country on his bicycle campaigning against issues like deteriorating environment, spread of harmony and save girl child. He is covering the Sangam city during his journey that started on December 5, 2012 from Lohit district of Arunachal Pradesh and will end at Golden Temple in Amritsar.
 
Through the exhaustive journey, Lal has been spreading the message of conserving environment carrying saplings on a bicycle which has no seat. He plants, donates and carries saplings along the way and promotes environment awareness and harmony among citizens, irrespective of their state or religion. This time 'save the girl child' drive is also on Hira Lal's agenda. Starting from various districts of Assam, West Bengal and Bihar, the crusader is in the city of Kumbh where he aims to meet more and more people and sensitise them towards social issues.
 
Remarkably, while passing through Balia, Hira Lal visited the house of the Delhi rape victim and planted a sapling in her house. Likewise, he purposely visited the district of Gola Ghat in Assam where he met the parents of Captain Jintu Gogai, the Kargil martyr who was conferred with Vir Chakra.
 
"Although by removing the seat of my bicycle I face discomfort on such a long journey, but this is what the human race has been doing with the environment because of which we are adding to our woes," said Lal while talking to TOI on Saturday. "Just as my cycle is handicapped without the seat, so is the environment unless we rise to the occasion," added Lal, who reached Allahabad after crossing several cities of the three states. He has undertaken several other journeys since, 1998 including two in several East Asian countries.
 
Carrying minimum load on his bicycle, Lal does take a rest, of about 6 hours after covering the distance of around 100 kilometers per day. A large sized poly-bag, on his cycle carrier, contains his make-shift bed, pillow and few pairs of dresses while the handle has national flag besides which the frame has space for two earthen pots, each with a sapling, which Lal collects from the cities he passes. The wife of this 55 year old crusader is a roadside fruit vendor.
 
In a half-sleeve Khadi kurta, this man has taken up several journeys on a bicycle in the past. Demanding freeing of prisoners of the 1971 Indo-Pak war to showing solidarity for the nation after the Mumbai attack - in which journey he was joined, although for a short distance, by K Unnikrishnan, father of Major Sandeep Unnikrishnan, the army officer who was killed in the Mumbai attack operation. Lal has even gone to Kargil heights too.
 
"On visiting the ongoing Maha Kumbh, I will try to meet as many as I can and make them acquainted with the mission of my life so that they also carry it with them," he said.
 
Among various places he visited at Sangam city, Hira Lal planted two saplings at GPO in the presence of K K Yadav director, postal service, Allahabad region. "The most remarkable side of his personality is his simplicity as he carries on with his mission without creating any hype", said Yadav.
 

कृष्ण कुमार यादव को गंगा एक्शन परिवार की और से फिल्म अभिनेता विवेक ओबॅराय ने किया सम्मानित




महाकुंभ, प्रयाग-2013 के दौरान उत्कृष्ट विभागीय सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण एवं गंगा-सरंक्षण में समृद्ध योगदान हेतु गंगा एक्शन परिवार द्वारा इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें एवं चर्चित ब्लागर व साहित्यकार  श्री कृष्ण कुमार यादव को सम्मानित किया गया। 

 (फिल्म अभिनेता विवेक ओबॅराय और स्वामी चिदानंद मुनि जी ने दिया कृष्ण कुमार यादव को सम्मान)

माघ-पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर अरैल, कुंभ क्षेत्र स्थित परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के शिविर मंे आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कृष्ण कुमार यादव को यह सम्मान फिल्म अभिनेता विवेक ओबॅराय, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष व गंगा एक्शन परिवार के मुखिया स्वामी चिदानंद सरस्वती ’मुनि जी’ ने दिया। ’ग्रीन एंड क्लीन कुंभ’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्री यादव को बॅालीवुड अभिनेता विवेक ओबॅराय ने सम्मान स्वरूप पौधे भेंट किए एवं आशा व्यक्त की कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका योगदान यूं ही समाज व राष्ट्र को प्राप्त होता रहेगा। स्वामी चिदानंद सरस्वती ’मुनि जी’ ने कृष्ण कुमार को स्नेहाशीष देते हुए कहा कि देश को युवा पीढ़ी से काफी अपेक्षायें है और श्री यादव इस भाव-भूमि पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।


इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा कुंभ की बेला में जारी विशेष आवरणों का सेट निदेशक डाक सेवाएँ, इलाहबाद परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि और अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को भी भेंट किया। विवेक ओबेराय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने डाक-विभाग की इस पहल को सराहा, जिसके माध्यम से देश-विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो रहा है।
(गोआ के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिगंबर कामत व महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह के साथ कृष्ण कुमार यादव)

इस अवसर पर गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिगंबर कामत, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह, अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा, मेजर जनरल विशंभर दयाल सहित तमाम गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

मंगलवार, 1 जनवरी 2013

नव वर्ष की बधाइयाँ

नव वर्ष-2013 पर ढेरों बधाइयाँ।
नया साल आप सभी के जीवन में नया उल्लास और नई खुशियाँ लेकर आए।

गुरुवार, 27 दिसंबर 2012

’मड़ई को अन्तर्राष्ट्रीय मानक


रावत नाच महोत्सव समिति द्वारा लोक संस्कृति पर केन्द्रित पत्रिका ’मड़ई’ का प्रकाशन पिछले पच्चीस वर्षों से किया जा रहा है। हिन्दी जगत के लब्धप्रतिष्ठ विद्वानों एवं लोक संस्कृति मर्मज्ञों के महत्वपूर्ण, चिंतनपरक, गंभीर आलेखों का प्रकाशन इसमें नियमित रूप से होता रहा है। भू-मंडलीकरण के इस उत्तर आधुनिक दौर में जब लोक संस्कृति के लिए साहित्य और समाज में बहुत कम स्पेस रह गया है, मड़ई लोक संस्कृति की नई सैद्धांतिकी की निर्मिति में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रही है। उसके इस विनम्र प्रयास को सर्वत्र प्रशंसा एवं व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।

’मड़ई’ के महत्व को स्वीकार करते हुए केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा एवं संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली द्वारा इसे प्रकाशन-अनुदान दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में चर्चित लोक संस्कृति की इस अनूठी पत्रिका का वितरण पूर्णतः निःशुल्क किया जाता है।

मड़ई के संपादक डा0 कालीचरण यादव ने सूचित किया है कि इस पत्रिका को ’निस्केयर’ (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ साइंस कम्युनिकेशन एण्ड इन्फार्मेशन रिसोर्सेस), नई दिल्ली द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानक क्र. 2278-8352 प्रदान किया यगा है। उल्लेखनीय है कि आइ.एस.एस.एन. एक अंतर्राष्ट्रीय मानक है। इस प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय मानक क्रमांक युक्त पत्रिका में छपे शोध-आलेख की प्रामाणिकता बढ़ जाती है। ’मड़ई’ की यह उपलब्धि निश्चित रूप से लोक संस्कृति के क्षेत्र में कार्यरत शोधार्थियों को उत्साहित करेगी।

रविवार, 2 दिसंबर 2012

समाजवादी पुरोधा राम करन यादव ‘दादा’ नहीं रहे


वयोवृद्व समाजवादी पार्टी के नेता एवं विधान परिषद के पूर्व सदस्य रामकरन यादव 'दादा' का शनिवार को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। संक्रमण से पीड़ित 90 वर्षीय रामकरन दादा को लगभग दो माह पूर्व यहां भर्ती कराया गया था। रामकरन दादा का शव वाराणसी से उनके पैतृक गांव ईसोपुर स्थित सिघौना बाजार (सैदपुर गाजीपुर) ले जाया गया। कैथी (चौबेपुर, वाराणसी) स्थित मार्कण्डेय महादेव पर गंगा किनारे रामकरन दादा का रविवार दोपहर अंतिम संस्कार किया गया.  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने रामकरन दादा के तीन पुत्रों में सबसे बड़े एमएलसी विजय यादव को फोन कर शोक संवेदना व्यक्त की।
 
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के वयोवृद्ध नेता रामकरन सिंह यादव ‘‘दादा’’
के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। एक शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘दादा’’ ने राज्य में समाजवादी आन्दोलन को जन-जन तक पहुंचाने और उसे मजबूत बनाने में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के साथ लम्बे अरसे तक आम आदमी के हित में कार्य किया। उन्होंने कहा कि ‘‘दादा’’ ने वर्ष 1969 से 1974 और 1980 से 1985 तक दो बार विधानसभा में आम जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए लोगों की आवाज सरकार तक पहुंचाने का काम किया था। उन्होंने 1989 से 2001 तक विधान परिषद में भी सदस्य के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है और आम लोगों के हित में कार्य करने के कारण उन्हें ‘गाजीपुर के गांधी’ नाम से प्रसिद्धि मिली थी। मुख्यमंत्री ने ‘‘दादा’’ के शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से आम जनता की अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी सहानुभूति एवं संवेदना व्यक्त की है।
 
रामकरन यादव वास्तव में समाजवादी आंदोलन के मील का पत्थर थे। पूरे प्रदेश में खास कर पूर्वाचल में समाजवादी आंदोलन को जनजन तक पहुंचाने में उनका अविस्मरणीय योगदान रहा है। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन के एक अध्याय का अंत हो गया। उनके स्थान की पूर्ति असंभव है। ..'यदुकुल' की तरफ से भाव-भीनी श्रद्धांजलि .
- राम शिव मूर्ति यादव, संयोजक- यदुकुल ब्लॉग (www.yadukul.blogspot.com)
 
 

सोमवार, 19 नवंबर 2012

इंदिरा मैराथन में अरविन्द यादव की हैट्रिक

इलाहबाद में 19 नवम्बर, 2012 को संपन्न संपन्न 28 वीं अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन के पुरुष वर्ग में अरविन्द यादव ने हैट्रिक बनकर नया इतिहास रचा। अम्बेडकर नगर निवासी रेलवे के इस लम्बी दूरी के धावक ने अपने पिछले वर्ष (2::22:30) के समय में सुधार भी किया और मैराथन 2::21:50.8 सेकेण्ड में पूरी की। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात 24 वर्षीय धावक अरविन्द यादव ने जीत का श्रेय अपने कोच द्रोणाचार्य अवार्ड प्राप्त जे।एल भाटिया को दिया। वे सप्ताह में 200 किलोमीटर की दौड़ लगते हैं और उनका अगला लक्ष्य 20 जनवरी, 2013 को होने वाली मुंबई मैराथन है। इससे पूर्व अरविन्द यादव वर्ष 2009 में आयोजित पुणे मैराथन में प्रथम, वर्ष 2011 में चंडीगढ़ तथा वर्ष 2012 में लखनऊ में आयोजित हाफ मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं। अरविन्द यादव को पुरस्कार स्वरुप 1.51 लाख रूपये मिले।
लद्दाख में तैनात कुमांयु रेजिमेंट के सैनिक सानरू यादव 2::22:41.6 सेकेण्ड में मैराथन पूरी कर तीसरे स्थान पर रहे। इस साल पठानकोट में आयोजित क्रास-कंट्री जीत चुके 27 वर्षीय सानरू यादव इलाहबाद इंदिरा मैराथन में पहली बार दौड़े। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय प्रशिक्षक सूबेदार महेश सिंह को दिया। सानरू यादव को पुरस्कार स्वरुप 34 हजार रूपये मिले।
 
'यदुकुल' की तरफ से भी दोनों अग्रणी धावकों को हार्दिक बधाइयाँ।

मंगलवार, 13 नवंबर 2012

दीपावली की बेला पर 'यदुकुल' पर हुए 300 फालोवर्स...बधाइयाँ


!! दीपावली पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं !! 
आप सभी के समर्थन और प्रोत्साहन का ही नतीजा है कि आज 'शुभ-दीपावली' के दिन 'यदुकुल' ब्लॉग (www.yadukul.blogspot.com ) ने 300 समर्थकों का आंकड़ा छू लिया।
 
इस शुभ-बेला पर दीपोत्सव का आनंद उठायें और हाँ, घरों में दीये जलाएं न कि पटाखे। पर्यावरण के प्रति हमारी सचेतता ही सुखद भविष्य सुनिश्चित करेगी !!
 
  -राम शिव मूर्ति यादव : यदुकुल ब्लॉग (www.yadukul.blogspot.com)

अरुण कुमार यादव बने 'डूडल फार गूगल' कांटेस्ट के विजेता



प्रतिभा उम्र की मोहताज़ नहीं होती, बशर्ते उसे उचित परिवेश मिले। गूगल इंडिया ने चंडीगढ़ केंद्रीय विद्यालय के 9वीं क्लास के स्‍टूडेंट अरुण कुमार यादव को डुडल 4 गुगल कंपीटीशन-2012 का विजेता घोषित किया है। कंपीटीशन में विनिंग डुडल टाइटल इंडिया - प्रिज्म ऑफ मल्‍टीपलसिटी को 14 नवंबर चिल्ड्रन डे पर गुगल इंडिया के होम पेज पर लाइव डिस्प्ले किया जाएगा। ये डुडल क्लासमेट कंपनी की ओर से स्पेशल कलर पैक और बच्चें की ड्राइंग बुक्स पर भी चित्रित किया जाएगा। कंपीटीशन में फाइनल में पहुंचने वाले सभी प्रतिभागियों को सैमसंग टैबलेट और गुगल गुड डी बैग्स दिए जाएंगे।

इस साल के कंपीटीशन का थीम एकता में अनेकता था जिसमें दो लाख के करीब एंट्रीज मिली थी। कंपनी ने गुगल लोगो पर 5 से 16 साल के बच्‍चों को डुडलिंग के जरिए अपनी सृजन क्षमता दिखाने के लिए आमंत्रित किया था। प्रतियोगिता को तीन अलग -अलग कैटेगरीज में बांटा गया था। पहली कैटेगरी पहली से तीसरी क्लास , दूसरी में चौथी से छठी क्लास के और तीसरी कैटेगरी में 7वीं से 10वीं कक्षा के बच्‍चों को शामिल किया गया था। यादव के अलावा पहली से तीसरी क्लास की कैटेगरी में श्री अरबिंदो स्‍कूल ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन की सौभाग्‍य कालिया शामिल है। जबकि गुडग़ांव की अदिति तिवारी को चौथी से छठी क्लास वाली कैटेगरी में अंतिम तेरह में शामिल किया गया है। 'यदुकुल' की तरफ से अरुण कुमार यादव को हार्दिक बधाइयाँ !!
 
-राम शिव मूर्ति यादव : यदुकुल ब्लॉग (www.yadukul.blogspot.com)
 
 
Arun Kumar Yadav, a  student of Chandigarh, has been declared the winner of the Doodle4Google contest, which received 2 lakh submissions from 60 Indian cities.
More than 100 million people across India will have a look at his doodle on the search engine's homepage on Children's Day (November 14)
 
      
The doodle, titled 'A Prism of Multiplicity', shows a soccer player, a kathakali dancer, gold jewellery, a peacock, a farmer and flowers.
 
Arun Kumar Yadav is a Class-9 student of Kendriya Vidyalaya, Sector 31. The winning entry was announced at a picnic-cum-felicitation ceremony at the Rail Museum in New Delhi on Monday.
 
The entries were adjudged by a two-member jury comprising cartoonist Ajit Ninan and actor Boman Irani. The theme for this year's competition was 'Unity in Diversity'.
The Doodle4Google competition was instituted four years ago to encourage children to take up creative work, said Rajan Anandan, vice-president and managing director, Google India.
 
"We are also promoting art awareness through Google. The search engine has tied up with 41 countries under the Google Art Project to bring the best global art to more than 2 billion internet users," Anandan said.
 
"You can visit the best museums in London and Paris with your computer without moving out of your home," Anandan said. He added that Google was also working on a history and culture project.
 
 
(Picture : Actor Boman Irani (right), Google India MD Rajan Anandan (L) with national winner of Doodle 4G contest 2012, Arun Kumar Yadav during the announcement of winners of finals of the contest, in New Delhi on Monday.)

-Ram Shiv Murti Yadav @ www.yadukul.blogspot.com

        



 

सोमवार, 5 नवंबर 2012

ग्रामीण अंचल में रह रहे यादवों की उन्नति के लिए...


हमारी ज़्यादातर आबादी गाँव मे रहती है जब तक वो विकसित न होंगे तब तक हम पूर्ण रूप से विकसित न हो सकेंगे..ग्रामीण यादव परिवारों की तरक्की के लिए कार्य करना होगा तभी हम विकसित होंगे और तभी एकता कायम होगी. ग्रामीण यादव परिवार आज के समय में आर्थिक तंगी के शिकार होते चले जा रहे है जिस तरफ ध्यान देना जरूरी हो गया है अगर हम आप सब उन यादव परिवारों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कुछ करें जो गांव में निवास करते है जिन्हें दो जून का खाना जुटा पाना असंभव हो रहा है और जो पूर्ण रूप से खेती पर निर्भर करते है और नजदीकी जगहों पर कार्य करना और प्राइवेट लोगो के यहाँ पर नौकरी करना यादव शान के खिलाफ़ मानते है और दूसरी तरफ बढते जनसँख्या दवाब के कारन जमींन में कमी आई है और उसी जमींन पर निर्भरता बढती जा रही है जिस कारण से यादव किसान परिवार कर्ज के बोझ टेल दबते चले जा रहे है इससे अगर हम आप सब मिलकर इनकी तरक्की के रास्ते बनाना शुरू करे यादवों में एकता का संचार ऑटोमेटिक शुरू हो जायेगा सिर्फ फेसबुक पर बाते करने या यादवमहासभा की मीटिंग कर लेने भर से हम आप अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे

हमारे विचार से ग्रामीण यादवों की आर्थिक तरक्की के लिए तथा सामाजिक एकता के लिए निम्न कार्य किये जा सकते हैं-

1- आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे अगर परिक्षाओ में अच्छी सफलता अर्जित करते है तो उनके गाइडेंस तथा कोचिंग के लिए प्रदेश और राष्टीय स्तर पर फ्री कोचिंग सुविधा देने की 
व्यवस्था की जाये.

2- ग्रामीण यादव परिवार जिनका मुख्य खेती है उनके लिए कृषि से जुड़े हुए ब्यवसाय करने के लिए एक कार्य योजना बनाई जाये जैसे एक शहरी कसबे से लगे हुए गांव में दुग्ध उत्पादन हो और और कसबे में हमारे ही लोगो द्वारा एक केंद्र खोला जाये जो की इनसे इनका उत्पादन ख़रीदे जिससे इन्हें अपना उत्पाद बेचने में परेशानी ना हो जिससे इनकी आय में ब्रद्धि हो सके.

3- राजनेतिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए काम करे क्योंकि हम हमेशा पिछड़ रहे है जिसके लिए हमें काम करना होता है.

4- आज के समय में सबसे बड़ी समस्या हो गई है दहेज जिसको खत्म तो नहीं किया सकता लेकिन कम जरूर किया जा सकता है क्योंकि लाखों परिवार आज अपनी बेटी की शादी के लिए बहुत चिंतित रहते है इसके लिए सामूहिक परिचय और विवाह सम्मलेन करने का आयोजन किया जाये जिससे आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार उसका लाभ उठा सके और उनकी आर्थिक उन्नति हो सके.
 
- शिवम् यादव, झाँसी, उत्तर प्रदेश 
 

रविवार, 4 नवंबर 2012

नहीं रहे बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी डॉ.जे.एस.यादव

अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जीव वैज्ञानिक डॉ.जे.एस.यादव ने न केवल वैज्ञानिक के रूप में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई, बल्कि पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार और शिक्षाविद के रूप में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

 8 नवम्बर, 1942 को दीपावली के दिन गाँव नीरपुर में नंदलाल सिंह तहसीलदार एवं श्रीमती निहालकौर के घर जन्में डॉ.जे.एस.यादव ने राजकीय महाविद्यालय नारनौल से एफ.एस.सी और डीएवी महाविद्यालय, जालंधर से एम.एस.सी.(ऑनर्स)करने उपरान्त पंजाब विश्व-विद्यालय से पी.एच.डी. की और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्राणीशास्त्र विभाग में प्राध्यापक लगे। यहाँ अपने शोध कार्य को गति देते हुए आपने कोशिकानुवांशिकी के क्षेत्र के विश्वस्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने 6 बड़े रिसर्च प्रोजेक्ट पूरे किए और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रतिनिधि के रूप में 1982 में ढाई माह सोवियत रूस में कार्यरत रहे। उन्होंने स्पेन में आयोजित विश्व स्तरीय कांफे्रंस की अध्यक्षता की और राष्ट्र स्तर पर अपने विषय की अनेक संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। उनके निर्देशन में तीन दर्जन से अधिक युवाओं ने पीएचडी और एम.फिल के शोध सम्पन्न किए। उनके 160 से भी अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए। उनके जनेटिक डिसआर्डर के क्षेत्र के किए गए कार्य के मध्यनजर सम्मान-स्वरूप एक डच वैज्ञानिक ने एक बीटल का नाम हाइड्रोक्स-यादवी रखा है। डॉ.यादव हिन्दी में प्रकाशित होने वाली एक मात्र शोध पत्रिका जीवन्ती के संस्थापक संपादक थे।

 वैज्ञानिक के रूप में कार्य करने के अतिरिक्त डॉ.यादव कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्राणीशास्त्र विभाग के अध्यक्ष, डीन विज्ञान संकाय, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक, डीन स्टूडैंट वैल्फेयर रहे। डॉ.यादव ने पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट का तीन बार लगातार चुनाव जीता और 1988 से 2000 तक लगातार पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट के सदस्य रहे। इसके अलावा वे पंजाब विश्वविद्यालय की सिंडिकेट, फाइनेंस बोर्ड के सदस्य भी रहे। उन्हें विश्वविद्यालय ने डेयरी, पशुपालन तथा कृषि संकाय के डीन भी बनाया। वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की विषय समिति के सदस्य भी रहे। डॉ.यादव अनेक कालेजों के प्रबंधन से भी जुड़े थे।

 डॉ यादव देश के जाने-माने पर्यावरणविद थे, वे दयानन्द नेशनल अकादमी आफॅ एन्वायरमैंटल साईंसिज, चण्डीगढ़ के उपाध्यक्ष, परिवेश-सोसायटी फार एन्वायरमैंटल एवेयरनेस हरियाणा के अध्यक्ष तथा नेशनल वर्किंग ग्रुप आफ जनेटिक डिसआर्डर के सदस्य थे। हरियाणा में पक्षी विज्ञान के वे एकमात्र ज्ञाता थे।

 डॉ.यादव जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने 1984 में जर्मनी गए भारतीय शांति दल का नेतृत्व किया था। डॉ.यादव सामाजिक न्यायमंच हरियाणा के संयोजक और यादव समाज सभा कुरुक्षेत्र के संस्थापक अध्यक्ष थे। उनके प्रयासों से कुरुक्षेत्र में यादव धर्मशाला का निर्माण हुआ है वहीँ एक चौक का नाम राव तुला राम चौक रखा गया है जिस पर राव राजा की 25 फुट ऊँची प्रतिमा स्थापित की गयी है। डॉ.यादव हरिजन सेवक संघ हरियाणा के उपाध्यक्ष भी थे। इसके अलावा भी वे दर्जनों संस्थाओं को अपने अनुभव से लाभान्वित कर रहे थे। डॉ.यादव आर्य समाज के गहरे जुड़े हुए थे और हिन्दी आंदोलन, गौरक्षा आंदोलनों में सक्रिय भूमिका उन्होंने निभाई।

 डॉ. यादव का साहित्य के क्षेत्र मे भी दखल था। वे हरियाणा प्रगतिशील लेखक संघ के प्रदेश संरक्षक रहे। उनकी करीब आधा दर्जन विभिन्न विषयों पर पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। हाल ही में उनका काव्य संग्रह अकेलेपन का डर लोकार्पित हुआ था। अभी उनकी नई कृति विविधा प्रकाशनाधीन है। स्पष्ट वक्ता, मृदुभाषी डॉ.यादव ने सदा गरीब और पिछड़ों के लिए आवाज बुलन्द की, मगर दलितों और पिछड़ों का यह मसिहा 24 अक्टूबर, 2012 को इस नश्वर संसार को अलविदा कह गया।....श्रद्धांजली !!


 -रघुविन्द्र यादव

शनिवार, 3 नवंबर 2012

यदुकुल का बढ़ा गौरव : ब्लागिंग में उत्कृष्ट कार्य हेतु कृष्ण कुमार-आकांक्षा यादव को उ. प्र. के मुख्यमंत्री द्वारा 'अवध सम्मान'.

पिछले दिनों 'दशक के श्रेष्ठ दम्पति ब्लागर' सम्मान से नवाजे गए दम्पति कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव को इस बार फिर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने 1 नवम्बर, 2012 को इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृष्ण कुमार यादव और उनकी पत्नी आकांक्षा यादव को ‘न्यू मीडिया एवं ब्लागिंग’ में उत्कृष्टता के लिए एक भव्य कार्यक्रम में ‘अवध सम्मान’ से सम्मानित किया गया. जी न्यूज़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन ताज होटल, लखनऊ में किया गया था, जिसमें विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया, पर यह पहली बार हुआ जब किसी दम्पति को युगल रूप में यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया.

कहते हैं की  जीवन में कुछ करने की चाह हो तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। हिन्दी-ब्लागिंग के क्षेत्र में ऐसा ही रास्ता अखि़्तयार किया दम्पति कृष्ण कुमार यादव व आकांक्षा यादव ने। उनके इस जूनून के कारण ही आज हिंदी ब्लागिंग को आधिकारिक तौर पर भी विधा के रूप में मान्यता मिलने लगी है.  ब्लागर दम्पति को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जहाँ न्यू मीडिया के रूप में ब्लागिंग की सराहना की, वहीँ कृष्ण कुमार यादव ने अपने संबोधन में उनसे उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा दिए जा रहे सम्मानों में ‘ब्लागिंग’ को भी शामिल करने का अनुरोध किया. आकांक्षा यादव ने न्यू मीडिया और ब्लागिंग के माध्यम से भ्रूण-हत्या, नारी-उत्पीडन जैसे मुद्दों के प्रति सचेत करने की बात कही. अन्य सम्मानित लोगों में वरिष्ठ साहित्यकार विश्वनाथ त्रिपाठी, चर्चित लोकगायिका मालिनी अवस्थी, ज्योतिषाचार्य पं. के. ए. दुबे पद्मेश, वरिष्ठ आई.एस. अधिकारी जय शंकर श्रीवास्तव इत्यादि प्रमुख रहे.


जीवन में एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खा चुके कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव, साहित्य और ब्लागिंग में भी हमजोली बनकर उभरे हैं. कृष्ण कुमार यादव ब्लागिंग और हिन्दी-साहित्य में एक चर्चित नाम हैं, जिनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं । उनके जीवन पर एक पुस्तक ’बढ़ते चरण शिखर की ओर’ भी प्रकाशित हो चुकी है। आकांक्षा यादव भी नारी-सशक्तीकरण को लेकर प्रखरता से लिखती हैं और उनकी दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं । कृष्ण कुमार-आकांक्षा यादव ने वर्ष 2008 में ब्लाग जगत में कदम रखा और 5 साल के भीतर ही सपरिवार विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लाग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लागिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लागिंग को भी नये आयाम दिये। कृष्ण कुमार यादव का ब्लॉग ‘शब्द-सृजन की ओर’ (http://www.kkyadav.blogspot.in/) जहाँ उनकी साहित्यिक रचनात्मकता और अन्य तमाम गतिविधियों से रूबरू करता है, वहीँ ‘डाकिया डाक लाया’ (http://dakbabu.blogspot.in/) के माध्यम से वे डाक-सेवाओं के अनूठे पहलुओं और अन्य तमाम जानकारियों को सहेजते हैं. आकांक्षा यादव अपने व्यक्तिगत ब्लॉग ‘शब्द-शिखर’ (http://shabdshikhar.blogspot.in/) पर साहित्यिक रचनाओं के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और विशेषत: नारी-सशक्तिकरण को लेकर काफी मुखर हैं.
इस दम्पति के ब्लागों को सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भरपूर सराहना मिली। कृष्ण कुमार यादव के ब्लाग ’डाकिया डाक लाया’ को 98 देशों, ’शब्द सृजन की ओर’ को 75 देशों, आकांक्षा यादव के ब्लाग ’शब्द शिखर’ को 68 देशों में देखा-पढ़ा जा चुका है. सबसे रोचक तथ्य यह है कि यादव दम्पति ने अभी से अपनी सुपुत्री अक्षिता (पाखी) में भी ब्लागिंग को लेकर जूनून पैदा कर दिया है. पिछले वर्ष ब्लागिंग हेतु भारत सरकार द्वारा ’’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’’ से सम्मानित अक्षिता (पाखी) का ब्लाग ’पाखी की दुनिया’ (http://pakhi-akshita.blogspot.in/) बच्चों के साथ-साथ बड़ों में भी काफी लोकप्रिय है और इसे 98 देशों में देखा-पढ़ा जा चुका है। इसके अलावा इस ब्लागर दम्पति द्वारा ‘उत्सव के रंग’, ‘बाल-दुनिया’, ‘सप्तरंगी प्रेम’ इत्यादि ब्लॉगों का भी सञ्चालन किया जाता है.
 

इस अवसर पर उ.प्र. विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, रीता बहुगुणा जोशी, प्रमोद तिवारी, केबिनेट मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, अनुप्रिया पटेल, मेयर दिनेश शर्मा सहित मंत्रिपरिषद के कई सदस्य, विधायक, कार्पोरेट और मीडिया से जुडी हस्तियाँ, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार, पत्रकार, कलाकर्मी व खिलाडी इत्यादि उपस्थित रहे. आभार ज्ञापन जी न्यूज उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के संपादक वाशिन्द्र मिश्र ने किया.

शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

अभिनेता रघुवीर यादव फिल्म में सेक्स पिल बेचकर देंगे सन्देश


पीपली लाइव से लोकप्रिय हुए अभिनेता रघुवीर यादव अब अपनी अगली फिल्म में सेक्स पिल विक्रेता की भूमिका में नजर आएंगे।

 अभिनेता रघुवीर को उम्मीद है कि इस फिल्म से समाज में कुछ सकरात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। वह इस फिल्म में गांव में लोगों को सेक्स पिल बेचते दिखेंगे। हालांकि रघुवीर का मानना है कि कहानी दर्शकों को समझ में आएगी क्योंकि आज भी हमारे समाज में अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करने में लोग हिचकिचाते हैं।
 
रघुवीर ने बताया कि यह रोल मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होगा। उनका कहना था कि पीपली लाइव के बाद आज तक की यह मेरी बेहतरीन भूमिका होगी। मुझे आशा है कड़ी मेहनत के बाद यह संदेश लोगों तक पहुंचेगा।

गुरुवार, 1 नवंबर 2012

निशा और रचना यादव ने एथलेटिक्स में बनाये नए रिकार्ड

लखनऊ में संपन्न राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 30 अक्तूबर, 2012 को उत्तर प्रदेश की निशा यादव ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए अंडर -18 के हैमर-थ्रो में रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। बागपत के गुरसनी गाँव की निशा यादव ने नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया और 54.39 मीटर की दूरी तक हैमर फेंककर हरियाणा की भावना का रिकार्ड तोड़कर यह सफलता प्राप्त की।
 
यही नहीं, निशा की बड़ी बहन रचना यादव ने भी अंडर -20 वर्ग के हैमर-थ्रो में 50.55 मीटर का थ्रो कर नए मीट रिकार्ड के स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया।
 
लखनऊ के गुरु गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कालेज में संपन्न इस प्रतियोगिता में उड़नपरी पी टी उषा ने निशा और रचना यादव को मैडल पहनाकर गले लगाकर बधाइयाँ दी।

'यदुकुल' की तरफ से भी दोनों बहनों को हार्दिक बधाइयाँ।

- राम शिव मूर्ति यादव, संयोजक- यदुकुल ब्लॉग (www.yadukul.blogspot.com)

बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

शालू यादव बनीं इलाहाबाद विश्विद्यालय की छात्र संघ उपाध्यक्ष


 इलाहाबाद विश्विद्यालय की छात्र संघ उपाध्यक्ष पद पर आइसा की शालू यादव विजयी हुई हैं. एक लम्बे समय बाद इस पद पर किसी महिला ने परचम फहराया है. 28 सालो बाद कोई महिला नेतृत्व जीता है.   शालू ने ये पद अपने निकटतम प्रत्याशी आलोक कुमार सिंह से 925 वोटो से जीता है.


यही कारण था कि मऊ के छोटे से व्यवसायी प्रमोद यादव का सीना गर्व से चौड़ा था। आखिर हो भी क्यों नहीं, बेटी शालू छात्रसंघ भवन के प्राचीर से उपाध्यक्ष पद की शपथ जो ले रही थी। बेटी ने वह कर दिखाया है, जिसके बारे में इस परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था। कभी यहीं के छात्र रहे प्रमोद के लिए बेटी को गौरवशाली इतिहास वाले इस छात्रसंघ का हिस्सा बनते देखना काफी भावुक करने वाला लम्हा था।

हालांकि प्रमोद अब भी बेटी को आईएएस बनते देखना चाहते हैं लेकिन यदि राजनीति में कॅरियर संवारती है तो रोकेंगे भी नहीं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रमोद के अलावा शालू के नाना गांधी यादव, नाना के छोटे भाई योगेंद्र प्रताप यादव, मामा हर्षवर्धन और भाई हेमंत भी मौजूद रहे। प्रमोद का कहना है, वह शुरू से ही मेधावी रही है और उसे आईएएस बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में पहली सदस्य है जिसने राजनीति में इतनी दूर तक की सफर तय किया है। निश्चित ही पूरे परिवार के लिए गौरव करने वाला पल है। गांव में भी मिठाइयां बंटीं। उन्होंने कहा, इच्छा है कि शालू इस पद का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करते हुए पढ़ाई पर ध्यान दे। नाना गांधी तथा परिवार के अन्य लोग भी शालू की इस उपलब्धि पर काफी उत्साहित थे। नाना का कहना है कि उसे इसी उम्र में खुद को साबित किया है। अब उसे कोई नहीं रोकेगा।

दिनेश यादव बने इलाहाबाद विश्विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं. एक लम्बे समय बाद संपन्न इन चुनावों में तिन प्रमुख पदों पर यदुवंशियों ने परचम फहराया. अध्यक्ष पद पर समाजवादी छात्र सभा के प्रत्याशी दिनेश सिंह यादव, उपाध्यक्ष पद पर आइसा की शालू यादव तो संयुक्त मंत्री पद पर गयाशंकर यादव निर्वाचित हुए हैं।
 
अध्यक्ष पद चुने गए दिनेश यादव का बचपन से ही राजनीति के प्रति रुझान रहा। यही कारण रहा कि परिवार ने भी पूरी छूट दे रखी है। शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद भाई उमेेश सिंह यादव ने बताया कि कक्षा छह में ही उसमें नेतृत्व के गुण दिखने लगे थे। इसलिए उसे राजनीति करने से कभी नहीं रोका गया लेकिन लगातार नसीहत दी जाती रही कि ध्येय राष्ट्रहित हो। उसने लंबे संघर्ष के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। उम्मीद है छात्र-छात्राओं से किए गए वादे पूरा करेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जिस विचारधारा के साथ वह राजनीति में आया है उसे और आगे बढ़ाएगा।
 
शपथ ग्रहण के बाद छात्रों को संबोधित करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव ने कहा कि चुनाव से पूर्व छात्रों से जो वायदे किए हैं उसे पूरा किया जाएगा। कैंपस में पठन-पाठन का माहौल बने, सुविधाएं बहाल होंगी। छात्रसंघ का दरवाजा छात्र-छात्राओं की किसी भी समस्या के लिए हमेशा खुले रहेंगे। कैंपस में अराजकता, गुंडागर्दी, छेड़छाड़ और रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रावासों की हालत सुधरेगी, लाइब्रेरी में सुविधाएं और किताबें बढ़ेंगी।
 
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आखिरी बार 2005 में छात्र संघ चुनाव चुनाव हुए थे। मायावती ने 2007 में सत्ता में आने के बाद छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगा दी थी। इस वर्ष विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव सरकार ने छात्रसंघ बहाल किया। गौरतलब है कि इलाहाबाद विश्विद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने वाले प्रथम यदुवंशी कृष्ण मूर्ति सिंह यादव रहे हैं. दिनेश यादव केंद्रीय विश्विद्यालय बनने के बाद पहले छात्र संघ अध्यक्ष हैं.