शनिवार, 5 सितंबर 2015

यादव समाज की स्मारिका का डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने किया लोकार्पण

 श्रीकृष्ण सिर्फ एक भगवान या अवतार भर नहीं थे।  इन सबसे आगे वह एक ऐसे पथ-प्रदर्शक और मार्गदर्शक थे, जिनकी सार्थकता  हर युग में बनी रहेगी।  उनके व्यक्तित्व में भारत को एक प्रतिभासम्पन्न राजनीतिवेत्ता ही नहीं, एक महान कर्मयोगी और दार्शनिक प्राप्त हुआ, जिसका गीता-ज्ञान समस्त मानव-जाति एवं सभी देश-काल के लिए पथ-प्रदर्शक है। उक्त विचार राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ  एवं चर्चित साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव ने यादव समाज, जोधपुर द्वारा गाँधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र, जोधपुर में 5 सितंबर को आयोजित जन्माष्टमी  स्नेह मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आज देश के युवाओं को श्रीकृष्ण के विराट चरित्र के बृहद अध्ययन की जरूरत है। राजनेताओं को उनकी विलक्षण राजनीति समझने की दरकार है और धर्म के प्रणेताओं, उपदेशकों को यह समझने की आवश्यकता है कि श्रीकृष्ण ने जीवन से भागने या पलायन करने या निषेध का संदेश कभी नहीं दिया। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण ने कभी कोई निषेध नहीं किया। उन्होंने पूरे जीवन को समग्रता के साथ स्वीकारा है। यही कारण है कि भगवान श्री कृष्ण की स्तुति लगभग सारी दुनिया में किसी न किसी रूप में की जाती है। यहाँ तक कि वे लोग जिन्हें हम साधारण रूप में नास्तिक या धर्मनिरपेक्ष की श्रेणी में रखते हैं, वे भी निश्चित रूप से भगवदगीता से प्रभावित हैं। श्री यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण द्वारा गीता में कहे गए उपदेशों का हर एक वाक्य हमें कर्म करने और जीने की कला सिखाता है। अब तो कॉरपोरेट जगत भी मैनेजमेंट के सिद्धांतों को गीता से जोड़कर प्रतिपादित कर रहा है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समिति जोधपुर संभाग योगेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि हमारे अध्यात्म के विराट आकाश में श्रीकृष्ण ही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो धर्म की परम गहराइयों व ऊंचाइयों पर जाकर भी गंभीर या उदास नहीं हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यादव समाज, जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. शैलेष यादव ने कहा कि कृष्ण की सभी लीलाएँ कुछ न कुछ सन्देश देती हैं। उन लीलाओं को उनके आध्यात्मिक स्वरूप में ही समझा जा सकता है। यूथ हॉस्टल, जोधपुर के प्रबंधक ले. कर्नल (सेनि) प्रकाश चन्द्र यादव ने श्री कृष्ण के विचारों को सदैव प्रासंगिक बताते हुए उनके  जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने यादव समाज द्वारा जारी स्मारिका का विमोचन भी किया।  इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर  मदन सिंह यादव, अरुण यादव, आनंद यादव, राजकुमार यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नंदकिशोर यादव ने किया।

-डॉ. शैलेष यादव
अध्यक्ष - यादव समाज जोधपुर 

बुधवार, 29 जुलाई 2015

डॉयचे वेले की बेस्ट ऑफ एक्टिविज्म प्रतियोगिता में 'पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड' श्रेणी के तहत आकांक्षा यादव का 'शब्द-शिखर' हिंदी का सबसे लोकप्रिय ब्लॉग

डॉयचे वेले की बॉब्स - बेस्ट ऑफ ऑनलाईन एक्टिविज्म प्रतियोगिता-2015  में इंटरनेट यूजरों ने पिछले दिनों 'पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड' श्रेणी में  'शब्द-शिखर' (www.shabdshikhar.blogspot.in/) ब्लॉग  को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में चुना। हिंदी सहित 14 भाषाओं में पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड के तहत एक-एक सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग चुना गया, जिसमे कुल मिला कर करीब 30,000 वोट डाले गए। ज्यूरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि, ''आकांक्षा यादव साहित्य, लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं।  उन्हें हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाली शुरुआती महिलाओं में गिना जाता है।  आकांक्षा महिला अधिकारों पर लिखना पसंद करती हैं।  अपने ब्लॉग में वह अपने निजी अनुभव और कविताएं भी शामिल करती हैं।''  



गौरतलब है कि द बॉब्स – बेस्ट ऑफ आनलाइन एक्टिविज्म के जरिए डॉयचे वेले 2004 से एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है जो ऐसे ब्लॉगरों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को सम्मानित करती है जो इंटरनेट से जुड़ कर अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। प्रतियोगिता के लिए 14 सदस्यों वाली अंतरराष्ट्रीय जूरी ने विभिन्न वर्गों में 112 वेबसाइटों को नामांकित किया। इस साल 4,800 से ज्यादा वेबसाइटों और ऑनलाइन प्रोजेक्टों के सुझाव बॉब्स की टीम तक पहुंचे। विजेताओं को 23 जून को जर्मनी के बॉन शहर में होने वाले ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान पुरस्कृत किया गया।  इस अवसर पर आकांक्षा यादव के कार्यक्रम में नहीं पहुँच पाने पर उनका  प्रमाण-पत्र डॉयचे वेले द्वारा डाक से भेजा गया। 

THE BOBS : Best of Online Activism


Winner Certificate
Best of Online Activism 2015

Category
People's Choice for Hindi

Awarded to
Shabd Shikhar
Represented by Akanksha Yadav

Deutsche Welle would like to recognize
Shabd Shikhar for outstanding achievements
in online activism as a winner of The Bobs 2015.



Peter Limbourg
Director General of Deutsche Welle

June 23, 2015

बुधवार, 1 जुलाई 2015

जगमोहन यादव उत्तर प्रदेश पुलिस के नये पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी जगमोहन यादव को 30 जून को उत्तर प्रदेश के  पुलिस महानिदेशक पद पर नियुक्त किया गया।  है। मूलत : जौनपुर जनपद निवासी श्री यादव इससे पूर्व  सीबीसीआईडी (क्राइम ब्रांच, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के पुलिस महानिदेशक थे । पूर्व में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के पद पर रह चुके यादव  ने कहा, प्रदेश सरकार ने मुक्षे इस चुनौतीपूर्ण पद के लिए मुझ  पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। इस पद पर नियुक्ति पश्चात जगमोहन यादव उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पद को सुशोभित करने वाले पहले यदुवंशी बन गए हैं !!

शनिवार, 30 मई 2015

नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) को "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान"

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने दिया।  वाकई आज बेटियाँ अपनी मौजूदगी से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं।  नन्ही ब्लॉगर आठ वर्षीया अक्षिता यादव (पाखी) को  25 मई 2015 को श्री लंका में आयोजित हुए  पंचम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन  में "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान" से सम्मानित किया गया । इस सम्मान के अंतर्गत अक्षिता को श्रीलंका के वरिष्ठ नाट्यकर्मी डॉन सोमरथ्न विथाना एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री  श्री नकुल दूबे द्वारा अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह और 5,000/- की धनराशि सम्मान स्वरुप  प्रदान की गई।  जोधपुर  में कक्षा 3  की छात्रा अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं और मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक काॅलेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लाॅगर भी हैं। उक्त जानकारी सम्मेलन के संयोजक रवीन्द्र प्रभात ने दी। 


अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र (4 साल 8 माह ) की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता भी है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ’कला’ और ’ब्लाॅगिंग’ के लिए तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती कृष्णा तीरथ द्वारा 14 नवम्बर, 2011 को ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2011’ प्राप्त कर अक्षिता ने इसे सबसे कम उम्र में पाने का कीर्तिमान बनाया, वहीं  ब्लाॅगिंग के लिए भी राजकीय स्तर पर प्रथम सम्मान-पुरस्कार पाने का गौरव प्राप्त किया। यही नहीं, इससे पूर्व अक्षिता को नई दिल्ली में अप्रैल, 2011 में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ‘श्रेष्ठ नन्हीे ब्लाॅगर‘ के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न मंचों पर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी, सांसद डिम्पल यादव, दबंग फेम म्यूजिक-कम्पोजर वाजिद खान, नेपाल सरकार के  मंत्री अर्जुन नरसिंह केसी, साहित्यकार अशोक चक्रधर, डॉ. रामदरश मिश्र, प्रभाकर श्रोत्रिय इत्यादि भी अक्षिता को सम्मानित कर चुके हैं। 


अक्षिता के बनाये चित्रों और गतिविधियों को ब्लाॅग के माध्यम से  लोगों के सामने प्रस्तुत करने हेतु उसके मम्मी-पापा ने  24 जून 2009 को “पाखी की दुनिया” (http://www.pakhi-akshita.blogspot.in/) नाम से अक्षिता का ब्लाॅग बनाया। अक्षिता का यह ब्लॉग उसकी सोच और कल्पना का मूर्त रूप है। अक्षिता की सोच को ब्लॉग के माध्यम से उकेरने की जिम्मेदारी खुद अक्षिता के माता-पिता ने ली है। वह उसके द्वारा कहे गये शब्दों, उसकी कल्पना व सोच को शब्दों का रूप देकर इस ब्लॉग को मेंटेन करते हैं। देखते ही देखते करीब एक लाख से अधिक हिन्दी ब्लाॅगों में इस ब्लाॅग की रेटिंग बढ़ती गई और आज इस ब्लॉग पर 415  से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 275 से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लॉग पर तमाम प्रतिक्रियाएं  प्राप्त हुईं और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया‘ फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh) पर भी उपलब्ध है, जहाँ लगभग 1200 लोग इसे अनुसरण करते हैं।

शुक्रवार, 29 मई 2015

आकांक्षा यादव “परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान“ से सम्मानित


अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन, कोलोम्बो-श्री लंका में  चर्चित ब्लॉगर-लेखिका आकांक्षा यादव को वर्ष 2015 के लिए सार्क देशों में दिए जाने वाले शीर्ष सम्मान “परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान“ से सम्मानित किया गया। 25 मई 2015 को  आयोजित इस पंचम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में आकांक्षा यादव को श्रीलंका के वरिष्ठ नाट्यकर्मी डॉन सोमरथ्न विथाना एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री  श्री नकुल दूबे द्वारा अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह और 21000/- की धनराशि सम्मान स्वरुप  प्रदान की गई । इस अवसर पर ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर आकांक्षा यादव ने प्रभावी व्याख्यान भी दिया। आकांक्षा यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर के  निदेशक डाक सेवाएं  श्री कृष्ण कुमार यादव की पत्नी हैं, जो की स्वयं चर्चित ब्लॉगर और साहित्यकार हैं। उक्त जानकारी अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स कांफ्रेंस के संयोजक  रवीन्द्र प्रभात ने दी।

संयोजक  रवीन्द्र प्रभात ने बताया कि आकांक्षा यादव  ने वर्ष 2008 में ब्लाॅग जगत में कदम रखा और विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लाॅग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लाॅगिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लाॅगिंग को भी नये आयाम दिये। “शब्द-शिखर“ (http://shabdshikhar.blogspot.in) इनका प्रमुख ब्लॉग है, जो कि हिंदी के लोकप्रिय ब्लॉगों में गिना जाता है।  नारी विमर्श, बाल विमर्श एवं सामाजिक सरोकारों सम्बन्धी विमर्श में विशेष रुचि रखने वाली आकांक्षा यादव अग्रणी महिला ब्लॉगर हैं और इनकी रचनाओं में नारी-सशक्तीकरण बखूबी झलकता है। इनके ब्लॉग को अब तक लाखों लोगों ने पढा है और करीब सौ ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढा जाता है। 

गौरतलब है कि आकांक्षा यादव को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इससे पूर्व भी ब्लॉगिंग हेतु तमाम प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा  “अवध सम्मान“, हिंदी ब्लॉगिंग के दशक वर्ष में  “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति“ का सम्मान, नेपाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में “परिकल्पना  ब्लॉग विभूषण सम्मान“ से सम्मानित किया जा चुका है।  इसके अलावा विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डाॅक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘डाॅ. अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘ व ‘‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले फेलोशिप सम्मान‘, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ’भारती ज्योति’, साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, निराला स्मृति संस्थान, रायबरेली द्वारा मनोहरादेवी स्मृति सम्मान सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु दर्जनाधिक सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त हैं ।

गुरुवार, 21 मई 2015

हिन्दी का सबसे लोकप्रिय ब्लॉग बना आकांक्षा यादव का 'शब्द-शिखर'

हिंदी की चर्चित ब्लॉगर आकांक्षा यादव के ब्लॉग 'शब्द-शिखर'  (www.shabdshikhar.blogspot.in/) को वर्ष 2015 के लिए हिन्दी का सबसे लोकप्रिय ब्लॉग चुना गया है।  डॉयचे वेले की बॉब्स - बेस्ट ऑफ एक्टिविज्म - प्रतियोगिता में इंटरनेट यूजरों ने 'पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड' श्रेणी में इस ब्लॉग  को हिंदी के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग के रूप में चुना है। हिंदी सहित 14 भाषाओं में पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड के तहत एक एक सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग चुना गया है, जिसमे कुल मिला कर करीब 30,000 वोट डाले गए। ज्यूरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि, ''आकांक्षा यादव साहित्य, लेखन और ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं।  उन्हें हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाली शुरुआती महिलाओं में गिना जाता है।  आकांक्षा महिला अधिकारों पर लिखना पसंद करती हैं।  अपने ब्लॉग में वह अपने निजी अनुभव और कविताएं भी शामिल करती हैं।''  वर्ष 2008 से ब्लॉगिंग में सक्रिय आकांक्षा यादव  राजस्थान पश्चिम क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव की पत्नी हैं, जो कि स्वयं चर्चित हिंदी ब्लॉगर और साहित्यकार हैं। इनके ब्लॉग को अब तक लाखों लोगों ने पढा है और करीब सौ ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढा जाता है। 

 गौरतलब है कि द बॉब्स – बेस्ट ऑफ आनलाइन एक्टिविज्म के जरिए डॉयचे वेले 2004 से एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है जो ऐसे ब्लॉगरों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को सम्मानित करती है जो इंटरनेट से जुड़ कर अभिव्यक्ति की आजादी और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। प्रतियोगिता के लिए 14 सदस्यों वाली अंतरराष्ट्रीय जूरी ने विभिन्न वर्गों में 112 वेबसाइटों को नामांकित किया। इस साल 4,800 से ज्यादा वेबसाइटों और ऑनलाइन प्रोजेक्टों के सुझाव बॉब्स की टीम तक पहुंचे। विजेताओं को 23 जून को जर्मनी के बॉन शहर में होने वाले ग्लोबल मीडिया फोरम के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा। 

आकांक्षा यादव को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इससे पूर्व भी ब्लॉगिंग हेतु तमाम प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें   ''अवध सम्मान“, हिंदी ब्लॉगिंग के दशक वर्ष में  “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति“ का सम्मान, नेपाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में “परिकल्पना  ब्लॉग विभूषण सम्मान“ से सम्मानित किया जा चुका है।  इसके अलावा विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डाॅक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘डाॅ. अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘ व ‘‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले फेलोशिप सम्मान‘, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ’भारती ज्योति’, साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, निराला स्मृति संस्थान, रायबरेली द्वारा मनोहरादेवी स्मृति सम्मान सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु दर्जनाधिक सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त हैं ।




बुधवार, 20 मई 2015

नन्ही ब्लॉगर अक्षिता (पाखी) को मिलेगा कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान

बेटियाँ अपनी मौजूदगी से पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं। नन्ही ब्लॉगर अक्षिता यादव (पाखी) को श्री लंका में आयोजित होने वाले पंचम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन (23 से 27 मई 2015) में "परिकल्पना कनिष्ठ सार्क ब्लॉगर सम्मान" के लिए चयनित किया गया है। इस सम्मान के अंतर्गत अक्षिता को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह और 5,000/- की धनराशि प्रदान की जाएगी।  कक्षा 3  की छात्रा अक्षिता के पिता श्री कृष्ण कुमार यादव राजस्थान पश्चिमी क्षेत्र, जोधपुर  के निदेशक डाक सेवाएं पद पर पदस्थ हैं और मम्मी श्रीमती आकांक्षा एक काॅलेज में प्रवक्ता रही हैं। दोनों ही जन चर्चित साहित्यकार व सक्रिय ब्लाॅगर भी हैं। उक्त जानकारी सम्मेलन के संयोजक रवीन्द्र प्रभात ने दी। 

अक्षिता भारत की सबसे कम उम्र (4 साल 8 माह ) की राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता भी है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ’कला’ और ’ब्लाॅगिंग’ के लिए तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती कृष्णा तीरथ द्वारा 14 नवम्बर, 2011 को ’राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2011’ प्राप्त कर अक्षिता ने इसे सबसे कम उम्र में पाने का कीर्तिमान बनाया, वहीं  ब्लाॅगिंग के लिए भी राजकीय स्तर पर प्रथम सम्मान-पुरस्कार पाने का गौरव प्राप्त किया। यही नहीं, इससे पूर्व अक्षिता को नई दिल्ली में अप्रैल, 2011 में हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल ”निशंक” द्वारा ‘श्रेष्ठ नन्हीे ब्लाॅगर‘ के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न मंचों पर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी, सांसद डिम्पल यादव, दबंग फेम म्यूजिक-कम्पोजर वाजिद खान, नेपाल सरकार के  मंत्री अर्जुन नरसिंह केसी, साहित्यकार अशोक चक्रधर, डॉ. रामदरश मिश्र, प्रभाकर श्रोत्रिय इत्यादि भी अक्षिता को सम्मानित कर चुके हैं। 

 अक्षिता के बनाये चित्रों और गतिविधियों को ब्लाॅग के माध्यम से  लोगों के सामने प्रस्तुत करने हेतु उसके मम्मी-पापा ने  24 जून 2009 को “पाखी की दुनिया” (http://www.pakhi-akshita.blogspot.in/) नाम से अक्षिता का ब्लाॅग बनाया। अक्षिता का यह ब्लॉग उसकी सोच और कल्पना का मूर्त रूप है। अक्षिता की सोच को ब्लॉग के माध्यम से उकेरने की जिम्मेदारी खुद अक्षिता के माता-पिता ने ली है। वह उसके द्वारा कहे गये शब्दों, उसकी कल्पना व सोच को शब्दों का रूप देकर इस ब्लॉग को मेंटेन करते हैं। देखते ही देखते करीब एक लाख से अधिक हिन्दी ब्लाॅगों में इस ब्लाॅग की रेटिंग बढ़ती गई और आज इस ब्लॉग पर 415  से भी ज्यादा पोस्ट प्रकाशित हो चुकी हैं और 275 से ज्यादा लोग इसका अनुसरण करते हैं। इस ब्लॉग पर तमाम प्रतिक्रियाएं  प्राप्त हुईं और 100 से ज्यादा देशों में इसे देखा-पढ़ा जाता है। अक्षिता और उसका ब्लॉग ‘पाखी की दुनिया‘ फेसबुक (https://www.facebook.com/AkshitaaSingh) पर भी उपलब्ध है, जहाँ लगभग 1200 लोग इसे अनुसरण करते हैं। 

मंगलवार, 19 मई 2015

बढ़ा हुआ वेतन नहीं लेंगे झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव

रांची: झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव बढ़ा हुआ वेतनमान नहीं लेंगे. हाल में ही सरकार ने विधायकों के वेतन व अन्य भत्ता में बढ़ोतरी की है. श्री यादव ने विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव को पत्र लिख कर कहा है कि झारखंड के विकास में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ कर्मचारी और मानदेय पर काम करने वाले छोटे कर्मचारियों का भी योगदान है.

 श्री यादव ने कहा कि कुछ कर्मचारियों को दैनिक मजदूरी से भी कम मानदेय मिलता है. श्रम विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मात्र तीन हजार मानदेय प्रतिमाह मिल रहा है. यह श्रम कानून का उल्लंघन है. 

 राज्य में कार्यरत पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और अन्य क्षेत्र में काम करने वाले लोग मानदेय वृद्धि की लड़ाई लड़ रहे हैं. स्पीकर से कहा है कि वह विधायकों के वेतन वृद्धि के निर्णय का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन छोटे कर्मियों के मानदेय वृद्धि से पहले विधायकों के वेतन बढ़ाये जाने से गलत संदेश जायेगा. इसलिए वह वेतनमान में की गयी वृद्धि को तब तक नहीं लूंगा, जब तक सरकार ऐसे कर्मियों का वेतन नहीं बढ़ती.   

सांसद पप्पू यादव ने बनाया जनक्रांति अधिकार मोर्चा

राजद से निष्कासित मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन ऊर्फ पप्पू यादव ने जनक्रांति अधिकार मोर्चा का गठन किया है. रविवार को इसकी घोषणा करते हुए श्री यादव ने दावा किया कि हमारा यह संगठन राजद विचारधारा का असली वारिस होगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर जीतन राम मांझी को वह अपने साथ लेंगे, तो ऐसी स्थिति में उनको भी पार्टी में शामिल कर सकते हैं. रविवार को पटना में युवा शक्ति के अलावा बुद्धिजीवियों, जिला पर्षद अध्यक्षों, मेयरों, मुखियाओं से परामर्श के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दो सप्ताह में यह तय हो जायेगा कि मोरचा आगे किस रूप में काम करेगा.इसके लिए राज्य स्तर पर कोर कमेटी का गठन किया गया है. कोर कमेटी ही निर्णय करेगी कि मोरचा का किसी दल में विलय होगा या राजनीतिक दल के रूप में काम करेगा या समान विचारधारा के किसी दल के साथ गंठबंधन करेगा.उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के गंठबंधन से किसी प्रकार का चुनावी तालमेल नहीं होगा. बिहार में हमारा मोरचा तीसरे विकल्प के रूप में काम करेगा.  

हाउसिंग डॉट कॉम के सीइओ राहुल यादव की दरियादिली

राहुल यादव सुर्ख़ियों में हैं।  26 साल का एक नौजवान, 1500 करोड़ की कंपनी खड़ी करने का श्रेय, अचानक इस्तीफा, फिर इस्तीफा वापस ले लेना और अपने हिस्से की डेढ़-दो सौ करोड़ की हिस्सेदारी अपनी कर्मचारियों में बांट देना! जी हां, हम हाउसिंग डॉट कॉम के संस्थापक और सीईओ राहुल यादव की ही बात कर रहे हैं। लेकिन ये राहुल यादव हैं कौन? और क्या है उनकी आदतें?

कौन हैं ये राहुल यादव?

राहुल यादव का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में अलवर में हुआ था जहां वे कक्षा नौंवी तक पढ़ाई-लिखाई में बहुत जहीन नहीं थे। दसवीं कक्षा में वे 30 लड़कों के बैच में 20 वें जगह पर आए जिस पर उनके चाचा ने उनको ताना दिया। उस ताने के बाद राहुल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और ग्यारवीं की परीक्षा में पूरे राजस्थान में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स में टॉप कर गए। टॉप स्थान हासिल करने के बाद आईआईटी की तैयारी करवाने वाली एक कोचिंग ने राहुल की 75 फीसदी फीस माफ कर दी। राहुल ने आईआईटी बंबई में प्रवेश लिया और पुराने परीक्षा पत्रों के आधार पर इक्जामबाबा डॉट कॉम शुरू किया। इक्जामबाबा को आईआईटी बंबई का ऑफिसियल आरकाइव बनाया गया, हालांकि बाद में उसे बंद कर दिया गया।

कैसे हुई हाउसिंग डॉट कॉम की स्थापना?

फिर राहुल ने इजरायल में संक्षिप्त इटर्नशिप किया और उसके बाद गूगल क्रोम के लिए एप्प बनाने लगे। लेकिन फाइनल ईयर में उन्होंने आईआईटी छोड़ दी और अपने दोस्त अद्वितीय शर्मा के साथ मिलकर हाउसिंग डॉट कॉम की स्थापना कर ली। इसका आइडिया उनके दिमाग में मुम्बई में घर खोजने की समस्या को देखकर आया। उनका यह काम चल निकला और वे हर महीने एक से दो लाख रुपये महीना कमाने लगे।

कंपनी का फैलाव

अगला काम था इसे देश भर में फैलाना। सन् 2013 में स्थापित इस वेबसाइट में अन्य वेबसाइटों की तुलना में ज्यादा बेहतर फीचर्स थे। इसलिए दो साल के भीतर ही यह अन्य वेबसाइटों को पछाड़कर आगे निकल गया। आज इस वेबसाइट में 750 कर्मचारी है और यह फंडिंग के पांच चरण पूरा कर चुका है जिसमें पिछले नवंबर में हुआ 600 करोड़ का निवेश भी शामिल है जिसके बाद इस वेबसाइट की कीमत 1500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है! इसमें 30 फीसदी हिस्सा जापान के सॉफ्ट बैंक का बताया जा रहा है।

क्या लिखा था राहुल ने इस्तीफे में?

राहुल यादव ने पिछले दिनों जब सीईओ पद से इस्तीफा दिया तो उन्होंने कहा कि कंपनी के बोर्ड और निवेशकों में कोई भी बौद्धिक रूप से इतना सक्षम नहीं है जिसके साथ वह कोई समझदारी भरी बातें कर सकें! साथ ही उन्होंने कहा कि उनके जीवन में सिर्फ 3 लाख घंटे हैं और वे उन घंटों को उनके साथ बर्बाद नहीं कर सकते। हालांकि बाद में राहुल ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। राहुल को आगे बढ़कर काम करनेवाला और अत्यधिक मेहनती माना जाता है। इसलिए उनके इस्तीफा देने से कंपनी के भविष्य के बारे में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थी।

मीडिया से टकराव

इतना ही नहीं राहुल, मीडिया से भी लड़ बैठे। उन्होंने मीडिया को चेतावनी दी कि अगर उनकी कंपनी के बारे नकारात्मक खबरें छापी गई तो यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा। इतना ही नहीं उनका टाईम्स समूह के साथ भी उनका टकराव हुआ जिसके बाद टाईम्स समूह ने यादव को एक कानूनी नोटिस भेजकर 100 करोड़ रुपये की मांग की। राहुल ने कहा था कि टाईम्स समूह के अखबार में उनके बारे में खबर छपना दरअसल हितों का टकराव है क्योंकि टाईम्स समूह की मैजिकब्रिक्स डॉट कॉम में हिस्सेदारी है जो हाउसिंग डॉट कॉम का सीधा प्रतिद्वंदी है।

इससे पहले यादव की एक वेंचर कैपिटल फर्म सैक्योरिया कैपिटल को चेतावनी देती मेल भी लीक हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनके स्टाफ को तोड़ा गया तो वे उस वेंचर कंपनी के सारे कर्मचारियों को तोड़कर उसे खाली कर देंगे। जाहिर है, इन नकारात्मक प्रचारों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया क्योंकि स्नैपडील और अलीबाबा जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हाउसिंग डॉट कॉम में निवेश कर रखा है।

स्टार्ट अप्स के केजरीवाल!

हालांकि इस्तीफा वापस लेने के बाद भी राहुल उन्हीं पुराने कारणों से चर्चा में आ गए। उन्होंने ओलाकैब्स और जोमैटो जैसे स्टार्ट अप्स के मुखिया को चुनौती दे दी कि वे भी अपने कर्मचारियो को अपने आधे शेयर देकर दिखाएं! उन्होंने ये चुनौती फेसबुक पर लिखकर दे दी। इसका उनको जवाब भी दिलचस्प मिला। जोमैटो के दीपेंदर गोयल का जवाब आया, ‘अरविंद केजरीवाल को यह देखकर बहुत खुशी हुई होगी कि उन्हें टेक स्टार्टअप्स की दुनिया में अपना एक साथी मिल गया है।’

- राम शिव मूर्ति यादव @ www.yadukul.blogspot.com/ 

मंगलवार, 10 मार्च 2015

परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान चर्चित ब्लॉगर-लेखिका आकांक्षा यादव को

सार्क देशों में वर्ष 2015 के लिए दिए जाने वाले शीर्ष सम्मान "परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान'' के लिए  चर्चित ब्लॉगर-लेखिका आकांक्षा यादव को चयनित किया गया है। उन्हें  आगामी 23 से 27 मई 2015 को श्री लंका में आयोजित पंचम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन में इसके तहत सम्मान पत्र के साथ  इक्कीस हजार (21000/-) रूपये  की धनराशि प्रदान की जाएगी। उक्त जानकारी अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स कांफ्रेंस के संयोजक  रवीन्द्र प्रभात ने दी।

संयोजक  रवीन्द्र प्रभात ने बताया कि आकांक्षा यादव  ने वर्ष 2008 में ब्लाॅग जगत में कदम रखा और विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लाॅग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लाॅगिंग की तरफ प्रवृत्त किया और अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ ब्लाॅगिंग को भी नये आयाम दिये। 'शब्द-शिखर'' (http://shabdshikhar.blogspot.in/) इनका प्रमुख ब्लॉग है, जो कि हिंदी के लोकप्रिय ब्लॉगों में गिना जाता है।  नारी विमर्श, बाल विमर्श एवं सामाजिक सरोकारों सम्बन्धी विमर्श में विशेष रुचि रखने वाली आकांक्षा यादव अग्रणी महिला ब्लॉगर हैं और इनकी रचनाओं में नारी-सशक्तीकरण बखूबी झलकता है। इनके ब्लॉग को अब तक लाखों लोगों ने पढा है और करीब सौ ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढा जाता है। आकांक्षा यादव निदेशक डाक सेवाएं  कृष्ण कुमार यादव की पत्नी हैं, जो कि चर्चित हिंदी ब्लॉगर और साहित्यकार हैं।  

गौरतलब है कि आकांक्षा यादव को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इससे पूर्व भी ब्लॉगिंग हेतु तमाम प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा  “अवध सम्मान“, हिंदी ब्लॉगिंग के दशक वर्ष में  “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति“ का सम्मान, नेपाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में “परिकल्पना  ब्लॉग विभूषण सम्मान“ से सम्मानित किया जा चुका है।  इसके अलावा विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डाॅक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘डाॅ. अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘ व ‘‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले फेलोशिप सम्मान‘, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ’भारती ज्योति’, साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, निराला स्मृति संस्थान, रायबरेली द्वारा मनोहरा देवी स्मृति सम्मान सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु दर्जनाधिक सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त हैं ।

रविवार, 1 मार्च 2015

तेज प्रताप यादव व राजलक्ष्मी के बहाने मुलायम-लालू राजनीति की नई पारी खेलने को तैयार

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी राजलक्ष्मी संग गुरुवार, 26 फरवरी को ब्याह रचाया। लालू और मुलायम अब एक-दूसरे के समधी हैं। दिल्ली के फाइव स्टार होटेल अशोक में हुई शाही शादी में लालू प्रसाद यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी और मुलायम सिंह यादव के पौत्र सांसद तेजप्रताप सिंह परिणय सूत्र में बंधे।  शादी में शामिल होने वालों में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, बिहार के सीएम नीतीश कुमार के अलावा पक्ष-विपक्ष के तमाम दिग्गज नेता शामिल थे।  इसमें कई बिजनसमेन, बॉलिवुड ऐक्टर, राज्यपाल के अलावा दूसरे क्षेत्रों के नामी लोग शामिल हुए।



( इस युगल को शानदार वैवाहिक जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ। आशा की जानी चाहिए कि रिश्तों का यह गठबंधन राजनीति में भी नए अध्याय आरम्भ करेगा - राम शिव मूर्ति यादव, यदुकुल)
https://www.facebook.com/ramshivmurti.yadav

रविवार, 22 फ़रवरी 2015

निराला जी की पत्नी की स्मृति में आकांक्षा यादव को मिला 'मनोहरा देवी सम्मान'

निराला स्मृति संस्थान, रायबरेली द्वारा युवा साहित्यकार और ब्लॉगर आकांक्षा यादव को मातृभाषा हिंदी काव्य साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय साहित्य सृजन के लिए निराला जयंती के पावन अवसर पर 21 फरवरी, 2015 को 'मनोहरा देवी सम्मान' से अलंकृत किया गया। यह सम्मान निराला जी की पत्नी की स्मृति में दिया जाता है।  उनकी अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके पतिदेव एवं  वरिष्ठ साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव, निदेशक डाक सेवाएं, इलाहाबाद परिक्षेत्र ने ग्रहण किया । इस अवसर पर पुष्पहार, शाल, प्रशस्ति-पत्र और पाँच हजार की नकद राशि देकर उन्हें सम्मानित किया गया। 

इस अवसर  पर निराला स्मृति संस्थान, रायबरेली  द्वारा  श्रीमती आकांक्षा यादव (इलाहाबाद) को 'मनोहरा देवी स्मृति सम्मान' के अलावा  श्री अनूप अशेष (सतना, म.प्र.)  को 'निराला सम्मान', डा. धनन्जय सिंह (गाजियाबाद)  को 'प्रजा वत्सल राजा डालदेव स्मृति सम्मान' एवं डा. संतलाल विश्वकर्मा (रायबरेली) को 'मुल्ला दाउद सम्मान' से एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित-विभूषित किया गया।  



समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं एडिशनल कमिश्नर, सेल टैक्स, बरेली  श्री कमलेश भट्ट कमल, अध्यक्षता डा. ओ.पी. सिंह एवं विशिष्ट अतिथि डा. चम्पा श्रीवास्तव, प्रोफेसर, हिंदी विभाग, फिरोज गाँधी पीजी कालेज, रायबरेली ने समारोह को गौरवान्वित किया। इस अवसर पर 'महाप्राण -2015' वार्षिकांक का लोकार्पण भी किया गया। इसके प्रधान संपादक श्री राजाराम भारतीय व संपादक श्री राम निवास पंथी हैं।  




सोमवार, 19 जनवरी 2015

थिंपू में हुआ अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ब्लॉगर सम्मेलन : कृष्ण कुमार यादव को 'परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान'

हिंदी साहित्य और ब्लाॅग पर संस्मरणात्मक सृजन के लिए चर्चित ब्लाॅगर व साहित्यकार एवं सम्प्रति इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव को 15-18 जनवरी 2015 के दौरान भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित चतुर्थ अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में ब्लाॅगिंग हेतु सर्वोच्च “परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान’’ से सम्मानित किया गया। श्री यादव को उक्त सम्मान भूटान चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के जनरल सेक्रेटरी श्री फूप श्रृंग एवं इंटरनेशनल स्कूल ऑफ भूटान तथा सार्क समिति ऑफ विमेन ऑर्गनाइजेशन  की अध्यक्ष श्रीमती थिनले लम्हा द्वारा दिया गया। सम्मान के तहत 25,000 रूपये की धनराशि, सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, श्रीफल और अंगवस्त्रम  देकर श्री कृष्ण कुमार यादव को सम्मानित किया गया। उक्त जानकारी सम्मलेन के संयोजक श्री रवीन्द्र प्रभात ने दी। 

राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साहित्यिक रचनाधर्मिता के साथ-साथ 7 पुस्तकों के लेखक एवं हिन्दी ब्लाॅगिंग व सोशल मीडिया को नये आयाम देनेवाले श्री कृष्ण कुमार यादव को इससे पूर्व भी शताधिक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। श्री यादव ने वर्ष 2008 में ब्लाॅग जगत में कदम रखा और विभिन्न विषयों पर आधारित दसियों ब्लाॅग का संचालन-सम्पादन करके कई लोगों को ब्लाॅगिंग की तरफ प्रवृत्त किया। कृष्ण कुमार यादव के दो व्यक्तिगत ब्लॉग हैं। इनमें “शब्द सृजन की ओर“ (http://kkyadav.blogspot.com) ब्लॉग सामयिक विषयों, मर्मस्पर्शी कविताओं व जानकारीपरक, शोधपूर्ण आलेखों से परिपूर्ण है; वहीं “डाकिया डाक लाया“ (http://dakbabu.blogspot.com) डाक सेवाओं की रोचक दुनिया को सहेजता है। इन ब्लॉग  को अब तक लाखों लोगों ने पढ़ा है और करीब सौ ज्यादा देशों में इन्हें देखा-पढ़ा जाता है।

     गौरतलब है कि श्री कृष्ण कुमार यादव यादव सिर्फ व्यक्तिशः नहीं बल्कि सपरिवार ब्लाॅगिंग के क्षेत्र में सशक्त दखल रखते हैं। उनकी सुपुत्री अक्षिता (पाखी) को जहाँ भारत सरकार द्वारा ब्लाॅगिंग के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं पत्नी आकांक्षा यादव भी अग्रणी महिला ब्लॉगर हैं। यादव दम्पति को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा “अवध सम्मान“, हिंदी ब्लॉगिंग के दशक वर्ष में सपत्नीक “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दम्पति“ का सम्मान एवं नेपाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय ब्लाॅगर सम्मेलन में भी सम्मानित किया जा चुका है।  

     
 सम्मेलन के दौरान वैश्विक परिप्रेक्ष्य विशेषकर सार्क देशों में हिन्दी के पठन-पाठ्न, हिन्दी साहित्य के प्रचार-प्रसार, न्यू मीडिया के रूप में ब्लॉगिंग के विभिन्न आयामों एवं बदलते दौर में सोशल मीडिया की भूमिका इत्यादि विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भूटान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव श्री फूब शृंग ने कहा कि भूमण्डलीकरण के इस दौर में विभिन्न देशों के साहित्य, संस्कृति एवं परिवेश को ब्लागिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से न सिर्फ महसूस किया जा सकता है बल्कि उसे विस्तार भी दिया जा सकता है। उन्होंने  भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं राष्ट्रपति की हालिया भूटान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भूटान में अंतर्राष्ट्रीय  ब्लागर सम्मेलन को भी उसी कड़ी  में देखने की जरूरत है। सार्क समिति के महिला विंग  की अध्यक्ष श्रीमती थिनले ल्हाम ने कहा कि नारी सशक्तीकरण पर आज विश्व भर में चर्चा हो रही है और ऐसे में सार्क देशों में ब्लागिंग से जुडी तमाम महिलाओं को देखना एक सुखद एहसास देता है। 

इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ और ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि ब्लॉगिंग  न सिर्फ देशों और भाषाओं के बीच दूरियाॅं कम करती है बल्कि यह विभिन्न प्लेटफार्म पर काम कर रहे लोगों के विचारों को एकाकार रूप में देखने की सहूलियत भी देती है । ब्लागिंग व सोशल मीडिया के समाजिक सरोकारों पर चर्चा करते हुए इसे उन्होंने  दूर दराज के इलाकों तक भी जोडने की बात कही। असम विश्वविद्यालय सिल्चर के भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर नित्यानन्द पाण्डेय  ने कहा कि हिन्दी को समृद्ध करने में ब्लागिंग का महत्वपूर्ण योगदान है और इसके माध्यम से दुनिया भर के लोग हिन्दी से जुड रहे हैं। वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज ने अपने उद्बोधन में हिंदी ब्लॉगिंग के विभिन्न पहलुओं की चर्चा करते हुए इसे पुस्तकाकार रूप में भी लिपिबद्ध करने की बात कही। 

सम्मेलन के संयोजक श्री रवीन्द्र प्रभात ने कहा कि भूटान में अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉग सम्मलेन आयोजित करने के पीछे उद्देश्य हिंदी संस्कृति को भूटानी संस्कृति के करीब लाना और हिंदी भाषा को यहाँ के वैश्विक वातावरण में प्रतिष्ठापित करना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का मूल उद्देश्य दक्षिण एशिया में ब्लॉग के विकास हेतु पृष्ठभूमि तैयार करना, हिंदी-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना, भाषायी सौहार्द्रता एवं सांस्कृतिक अध्ययन-पर्यटन का अवसर उपलब्ध कराना है। 

‘‘अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन‘‘ के दौरान  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से ब्लॉगर और साहित्यकार एवं निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव, हैदराबाद की सम्पत देवी मुरारका और रायपुर छतीसगढ़ के ललित शर्मा को  सर्वोच्च 'परिकल्पना सार्क शिखर सम्मान' से नवाजा गया। इस सम्मान के अंतर्गत उन्हें 25,000 की धनराशि, स्मृति चिन्ह, सम्मान-पत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। साथ ही महाराष्ट्र के औरंगाबाद की अनुवादक सुनीता प्रेम यादव को परिकल्पना सार्क सम्मान प्रदान किया गया। इस सम्मान के अंतर्गत उन्हें पाँच  हजार की धनराशि, स्मृति चिन्ह, सम्मान-पत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के जनपदों मसलन सुल्तानपुर के डॉ राम बहादुर मिश्र को परिकल्पना साहित्य भूषण सम्मान, बाराबंकी के  एडवोकेट रणधीर सिंह सुमन व डॉ विनय दास को क्रमशः परिकल्पना सोशल मीडिया सम्मान और परिकल्पना कथा सम्मान, लखनऊ की कुसुम वर्मा को परिकल्पना लोक-संस्कृति सम्मान, बहराइच के डॉ अशोक गुलशन को परिकल्पना हिन्दी गौरव सम्मान, रायबरेली से सूर्य प्रसाद शर्मा को परिकल्पना साहित्य सम्मान तथा हैदरगढ के ओम प्रकाश जयंत व विष्णु कुमार शर्मा को क्रमशः को परिकल्पना साहित्य श्री सम्मान व परिकल्पना सृजन श्री सम्मान तथा उन्नाव के विश्वंभरनाथ अवस्थी को परिकल्पना नागरिक सम्मान प्रदान किए गए। इसके अलावा इंदौर के प्रकाश हिन्दुस्तानी, रायपुर के गिरीश पंकज, अल्पना देशपांडे, अदिति देशपांडे, दिल्ली की सर्जना शर्मा और निशा सिंह, मुंबई से आलोक भारद्वाज, सिल्चर की डॉ शुभदा पाण्डेय आदि के साथ-साथ  देश-विदेश के लगभग तीस ब्लॉगर्स को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए परिकल्पना सम्मान से नवाजा गया। 

इस अवसर पर पांच पुस्तकों क्रमशः संपत देवी मुरारका की यात्रा वृत्त तृतीय भाग, कुसुम वर्मा की ह्रदय कँवल, सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर की संघर्षों का खेल, विष्णु कुमार शर्मा की दोहावली, अशोक गुलशन की क्या कहूँ किससे कहूँ और परिकल्पना समय पत्रिका के जनवरी अंक के विमोचन के साथ-साथ परिकल्पना कोश  वेबसाईट का लोकार्पण हुआ, वहीं रायपुर छत्तीसगढ़ की अल्पना देशपांडे और अदिति देशपांडे की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का लोकार्पण संपन्न हुआ।  इस अवसर पर कुसुम वर्मा के अवधी लोकगीतों की खुशबू में नहाई भूटान की एक शाम। डॉ राम बहादुर मिश्र के कुशल संचालन में सुर सरस्वती और संस्कृति की त्रिवेणी प्रवाहित करती काव्य संध्या और ब्लॉग पर हाशिए का समाज परिचर्चा में शामिल हुए भारत और भूटान के एक दर्जन से ज्यादा ब्लोगर्स। कार्यक्रम का  संचालन महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी श्रीमती सुनीता प्रेम यादव ने किया।

गुरुवार, 1 जनवरी 2015

नव वर्ष 2015 पर हार्दिक शुभकामनाएं

नए साल की बेला पर आप सबको हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनाएँ। 
जीवन के पथ पर नित नए मार्ग और नई उपलब्धियाँ प्रशस्त हों। 




नव वर्ष 2015 पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। 
आशा है वर्ष 2015 आप सभी के जीवन में ढेर सारी खुशियाँ और उल्लास लेकर आए !

बुधवार, 10 दिसंबर 2014

'चरवाहा' ने भी दी मंगलयान को उड़ान : चरवाहे से वैज्ञानिक तक का अमित यादव का सफर

उत्तर प्रदेश के  जौनपुर के एक गांव में गाय चराने वाला आज विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में विश्वभर में नाम कमा रहा है। प्रतिभा के दम पर ही उसने चरवाहा से मंगलयान का इंजन बनाने तक का सफर तय किया। 23 सितंबर को पहले प्रयास में ही सफलता पूर्वक मंगल पर जाने वाले यान के लिए दस से ज्यादा इंजन बनाने में सहयोग किया। इसकी चर्चा न्यूयार्क टाइम्स ने भी अपने छह अक्टूबर के अंक में संपादकीय पेज पर एक कार्टून बनाकर की है।

जौनपुर के खुटहन क्षेत्र के नेवादा गांव के अमित यादव का मन शुरुआती दिनों से ही पढ़ाई के साथ गाय चराने में लगता था। गाय चराने में व्यस्त अमित ने इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में भौतिक विज्ञान का एक प्रश्नपत्र देना ही भूल गए थे। तेज दिमाग के धनी अमित ने एक प्रश्नपत्र में अधिक नंबर प्राप्त कर पूरे विषय में पास हो गए। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद विश्वविद्यालय कानपुर से बीटेक, आइआइटी मुंबई से एमटेक की पढ़ाई पूरी की। 2007 में एलपीएससी इसरो तिरुअनंतपुरम केरल केंद्र में उनको पीएसएलवी प्रोग्राम में वैज्ञानिक सी के पद पर नियुक्त मिली। प्रमोशन मिलने के बाद अब वैज्ञानिक डी के पद पर तैनात हैं। इनका चयन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई के लिए भी हुआ था मगर अंतरिक्ष को जानने के जुनून और एपीजे अब्दुल कलाम की प्रेरणा के कारण इसरो जाना उचित समझा।

मंगलयान के चौथे इंजन पीएसएलवी में उनका अहम योगदान है। चंद्रयान, मंगलयान समेत कई और पीएसएलवी यान के लिए इंजन बनाने में मदद की है। अमित अपनी सफलताओं का श्रेय शिक्षक डा.बृजेश यदुवंशी व अपने खास मित्र ब्रह्मानंद यादव को देते हैं।

वैज्ञानिकों में भी चरवाहा के नाम से मशहूर
अमित ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। इसके बाद भी वह वैज्ञानिकों के बीच अपने पुराने शौक गाय चराने के लिए हमेशा जाने जाते हैं।

न्यूयार्क टाइम्स में भी चर्चा
दि न्यूयार्क टाइम्स ने छह अक्टूबर को संपादकीय पेज पर कार्टून प्रकाशित किया, जिसमें दिखाया गया कि ग्रामीण वेशभूषा का एक शख्स गाय लेकर एलीटिस्ट स्पेस क्लब का दरवाजा खटखटा रहा है और अंदर संभ्रांत से दिख रहे कुछ लोग बैठे हैं। यह कार्टून सिंगापुर के हेंग किम सॉन्थ ने भारत के अंतरिक्ष में सशक्त प्रयासों पर बनाया था। अखबार के संपादक एंड्रयू शेसेंथल ने हेंग का बचाव करते हुए लिखा कि अंतरिक्ष अभियान पर अब केवल अमीरों का ही कब्जा नहीं रह गया है, जिसका मतलब पश्चिमी देशों से था।