शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2009

अब गोमूत्र से बनेगी कोल्ड ड्रिंक

पहली नज़र में यह पढ़कर मुझे अजीब लगा कि जल्द ही गोमूत्र से बनने वाली कोल्ड ड्रिंक बाजार में उतरने वाली है। सबसे बड़ी बात है कि अन्य शीतल पेयों की तरह इसमें किसी तरह के रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। वैसे भी आज हर चीज में मिलावट आम बात हो गई है। खाने से लेकर दैनिक उपयोग की हर चीज में भी विभिन्न रसायनों को मिलाया जा रहा है। ऐसे में लोगों का रूझान प्राकृतिक चीजों की तरफ बढ़ता जा रहा है। गोमूत्र और गोबर से भी दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं का निर्माण किया जा रहा है। गोबर से मोस्कीटो क्वायल, डिस्टेंपर, नहाने का साबुन, फेस पाउडर, धूप स्टिक, हवन वाला बिस्कुट, पूजन लेप, गोमय कंडे मूर्तियाँ, गमले, दंत मंजन, अच्छी क्वालिटी का कागज, पानी, आग, ध्वनिरोधी और रेडिएशन मुक्त टाइल्स, नालीदार चादरें और जमीन पर बिछाने वाली चटाईयाँ बनाई जा रही हैं। गोमूलत्र का उपयोग भी फिनायल, नील, हैंडवाश, आटर शेव लोशन, बाम और कई अन्य दवाईयों को बनाने में किया जा रहा है। वैज्ञानिक आधार पर भी यह सिद्ध हो चुका है कि गोबर और गोमूत्र का उपयोग पूर्णतः सुरक्षित है। इसी कड़ी में अब जल्द ही गोमूत्र से बनी कोल्ड ड्रिंक भी बाजार में उपलब्ध होगी। वर्तमान में गौरक्षा विभाग की कानपुर गौशाला में कोल्ड ड्रिंक बनाई जा रही है। नागपुर और त्रिपुरा में भी जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सो अब कोक और पेप्सी को भूल जाइए। कोल्ड ड्रिंक पीते वक्त रसायनों से डरने की भी जरूरत नहीं है।

16 टिप्‍पणियां:

बाजीगर ने कहा…

वाह..अनुपम..मन को खूब भाया ये आईडिया.

डाकिया बाबू ने कहा…

पढ़कर अचरज तो होता है, पर आप कह रहें हैं तो मान लेते हैं.

Ratnesh ने कहा…

पाश्चात्य संस्कृति के हिमायतियों को इस पोस्ट से सीख लेनी चाहिए कि भारतीय परिवेश में गो-धन कितनी पुरानी और उपयोगी परम्परा रही है.इस महान परम्परा को दर्शाने के लिए साधुवाद !!

Yuva ने कहा…

...तो अब आज का युवा गो-मूत्र से बनी कोल्ड-ड्रिंक पिएगा...तथास्तु !!

Bhanwar Singh ने कहा…

बहुत खूब...आपकी हर पोस्ट बहुत सारगर्भित होती है.नई जानकारियां होती हैं.

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

तमाम वैज्ञानिक शोधों ने भी गो-धन की महत्ता प्रतिपादित की है. उस कड़ी में यह नया आयाम है.

Rashmi Singh ने कहा…

इस नई जानकारी के लिए धन्यवाद !

आकांक्षा~Akanksha ने कहा…

यह तो गज़ब हो गया. सुन्दर पोस्ट.

pankajrago ने कहा…

इस नई जानकारी के लिए धन्यवाद

KK Yadav ने कहा…

गोमूलत्र का उपयोग भी फिनायल, नील, हैंडवाश, आटर शेव लोशन, बाम और कई अन्य दवाईयों को बनाने में किया जा रहा है। वैज्ञानिक आधार पर भी यह सिद्ध हो चुका है कि गोबर और गोमूत्र का उपयोग पूर्णतः सुरक्षित है। इसी कड़ी में अब जल्द ही गोमूत्र से बनी कोल्ड ड्रिंक भी बाजार में उपलब्ध होगी।.....Nice & Interesting information.

BrijmohanShrivastava ने कहा…

इवतदा इश्क है .... ..क्या /आगे आगे देखिये होता है क्या

Yuva ने कहा…

***वैलेंटाइन डे की आप सभी को बहुत-बहुत बधाइयाँ***

Rashmi Singh ने कहा…

प्यार भरे इस सुन्दर दिवस की शुभकामनायें !!

KK Yadav ने कहा…

पतंगा बार-बार जलता है
दिये के पास जाकर
फिर भी वो जाता है
क्योंकि प्यार
मर-मिटना भी सिखाता है !
.....मदनोत्सव की इस सुखद बेला पर शुभकामनायें !!
'शब्द सृजन की ओर' पर मेरी कविता "प्रेम" पर गौर फरमाइयेगा !!

अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा…

यादव जी,
गाय सुरक्षित रहे बस यही हमारे जीवन का सबसे बड़ी सफलता है.
गोमूत्र के सन्दर्भ में आपकी रचना, आलेख सचमुच बहुत अच्चा लगा, जानकारियों से भरपूर. धन्यवाद.

प्रदीप मानोरिया ने कहा…

यथार्थ से परिचित कराने हेतु साधू वाद