गुरुवार, 9 दिसंबर 2010

फिल्म व ग्लैमर की दुनिया में यदुवंशी

ग्लैमर की दुनिया की बात ही निराली है। भगवान कृष्ण के वंशजों ने अभी तक तमाम क्षेत्रों में झण्डे गाड़े हैं पर अब फिल्मों और सौंदर्य के क्षेत्र में भी तमाम यदुवंशी दिख जाते हैं। फिलहाल हिंदी और भोजपुरी सिनेमा में तमाम यदुवंशी अपना जौहर दिखा रहे हैं। ग्लैमर की दुनिया अब यादवों के लिए अछूती नहीं रही। बॉलीवुड के जाने-माने हास्य कलाकार राजपाल यादव व रघुवीर यादव पहले से ही अभिनय के क्षेत्र में हैं। करीब डेढ़ सौ फिल्मों में शानदार अभिनय के दम पर 39 वर्षीय राजपाल यादव आज हिंदी सिनेमा की जानी-मानी शख्सियत हैं। रंगमंच पर अभिनय की ठोस बुनियाद के सहारे फिल्मी मनोरंजन दुनिया के सफर पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांँपुर से निकले राजपाल यादव लगभग हर तरह के किरदार में फिट नजर आते हैं। पहले खलनायकी में सफलता हासिल करने के बाद कॉमेडी में राजपाल यादव अपना लोहा मनवा चुके हैं। छोटा कद, हंसमुख व्यक्तित्व और जबरदस्त अभिनय राजपाल यादव की पहचान है। कॉमेडी के जरिए वे लोगों के दिलों पर राज कर रहे है। उनके लीड रोल्स की भी खासी चर्चा हुई है। गाँव से निकलकर मायानगरी मुंबई में अपनी सफलता का सिक्का जमाने वाले राजपाल यादव युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 1985 में फिल्म मैसी साहब के लिए दो अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार पाने वाले अभिनेता और लगान, दिल्ली 6, फिराक, डरना मना है, पीपली लाइव फिल्म जैसी फिल्मों में काम कर चुके जाने-माने बॉलीवुड अभिनेता और थिएटर कलाकार रघुबीर यादव बँंधी-बंँधाई जिंदगी से इत्तेफाक नहीं रखने वालों में से हैं और इसी कारण विभिन्न तरह की भूमिकाएं निभाते हैं। अब इस कड़ी में रंगमंच की दुनिया से फिल्मों में प्रवेश करने वाले गुड़गांँव के राजकुमार यादव का नाम भी जुड़ गया ह,ै जिन्होंने ’लव, सैक्स और धोखा’ नामक फिल्म के माध्यम से पदार्पण किया है।

अभिनय से परे भी तमाम यदुवंशी अपनी प्रतिभा का परचम फहरा रहे हैं। बालीवुड में बहुचर्चित सेक्स स्कैंडल में फंँसी मिस जम्मू अनारा गुप्ता के स्कैंडल और विवादित जीवन पर के।के. फिल्म्स क्रिएशन तले निर्माता-निर्देशक कृष्ण कुमार यादव ने मिस अनारा फिल्म बनाकर चर्चा बटोरी थी। पहले ’शब्द’ और फिर महानायक अमिताभ बच्चन और ऑस्कर विजेता अभिनेता बेन किंग्सले को लेकर निर्मित फिल्म ’तीन’ पत्ती की निर्देशक लीना यादव से लेकर संगीता अहीर (प्रोड्यूसर-अपने, वाह लाइफ हो तो ऐसी) तक फिल्मों का सफल निर्माण और निर्देशन कर रही हैं। ‘नन्हंे जैसलमेर‘ फिल्म में बाबी देओल के साथ 10 वर्षीय बाल अभिनेता द्विज यादव ने अपनी भूमिका से लोगों का ध्यान खींचा। यदुवंशियों का दबदबा दक्षिण भारत की फिल्मों में भी दिखता है। इनमें प्रमुख रूप से कासी (तमिल अभिनेता), पारूल यादव (तमिल अभिनेत्री), माधवी (अभिनेत्री), रमेश यादव (कन्नड़ फिल्म प्रोड्यूसर), नरसिंह यादव (तेलगू अभिनेता), अर्जुन सारजा (अभिनेता, निर्देशक-निर्माता), विजय यादव (तेलगू टी.वी.अभिनेता) जैसे तमाम चर्चित नाम दिखते हैं। पारुल यादव फिलहाल भाग्यविधाता और बाहुबलि जैसे हिन्दी धारावाहिकों में भी अभिनय कर रही हंै। इसके अलावा भी तमाम यदुवंशी विभिन्न धारावाहिकों में कार्य कर रहे हैं।

भोजपुरी फिल्मों में आजकल तमाम यदुवंशी सामने आने लगे हैं। भोजपुरी के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ चार साल में 50 लाख रू. की प्राइज वाले जुबली स्टार हैं। उनकी अब तक रिलीज 22 फिल्मों में से 2 गोल्डन जुबली, 4 सिल्वर जुबली, 13 सुपर हिट, 2 औसत और मात्र एक फ्लॉप रहीं। बचपन से फिल्मों के दीवाने रहे दिनेश लाल यादव रात को तीन किमी दूर वीडियो पर फिल्म देखने जाते थे, कुछ साल गायकी में संघर्ष करने के बाद 2003 में टी सीरीज के ‘निरहुआ सटल रहे‘ ने उन्हें लोकप्रियता की बुलंदियों पर पहुंचा दिया और ’निरहुआ’ उनके नाम के साथ चिपक गया। 2005 में फिल्म ‘हमका अहइसा वइसा न समझा‘ में उन्हें बतौर हीरो मौका मिला और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। दिनेश लाल यादव ‘निरूहा‘ ने भोजपुरी फिल्मों को विदेशों तक फैलाकर भारतीय संस्कृति का डंका दुनिया में बजाया है। बिरहा गायकी में अपना सिक्का जमा चुके विजय लाल यादव ने भी अभिनय के क्षेत्र में कदम रखते हुए कई फिल्मांे में काम किया है, बतौर मुख्य अभिनेता उनकी पहली ‘फिल्म बियाह-द फुल इंटरटेनमेंट‘ रही है। इस कड़ी में अब फिल्म ‘दिल तोहरे प्यार में पागल हो गइल‘ के माध्यम से एक नए अभिनेता सोम यादव (भदोही) का आगाज हुआ है। जी नाइन इंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक भी यदुवंश के ही कमलेश यादव और राजनारायण यादव हैं। इस फिल्म में सोम यादव के साथ नायिका रूप में हैं, अनारा गुप्ता जिसे फिल्म निर्माता के.के. यादव ने अपनी फिल्म अनारा के माध्यम से कास्ट किया था। इसी प्रकार भोजपुरी फिल्म ‘कबहू छूटे ना ई साथ‘ में अनिल यादव मुख्य भूमिका में हंै। ‘सुन सजना सुन’ में दिनेश अहीर स्पेशल भूमिका में हैं तो इस फिल्म के सह-निर्माता मुन्ना यादव हैं। ईधर दिल्ली में सेक्स रैकेट चलाने वाले बाबा शिवमूर्ति द्विवेदी पर बन रही फिल्म ‘सुहागन की कोख’ के निर्देशक राधेश्याम यादव हैं। गीतकार प्यारेलाल यादव भी तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं। पहली बार यदुवंश से मिस इण्डिया चुनी गई एकता चैधरी ने एक नजीर गढ़ी है। गौरतलब है कि वर्ष 2009 में मिस इंडिया यूनिवर्स चुनी गयी एकता चैधरी यदुवंशी हैं। यह पहला मौका था जब ग्लैमर की दुनिया में यदुवंश से कोई इस मुकाम पर पहुंचा। एकता चैधरी दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री चैधरी ब्रह्म प्रकाश की पौत्री और सिद्धार्थ चैधरी की सुपुत्री हैं। इसी प्रतियोगिता में फाइनल में स्थान पाकर आकांक्षा यादव भी चर्चा में रहीं और ‘मिस बोल्ड‘ के खिताब से नवाजी गईं। इससे पूर्व वर्ष 2008 में मनीषा यादव मिस इंडिया की चर्चित प्रतिभागी रही हैं। ज़ी.टी.वी. पर आयोजित सारेगामापा प्रतियोगिता में स्थान पाकर लखनऊ की पूनम यादव भी चर्चा में रहीं।

4 टिप्‍पणियां:

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

फिल्म व ग्लैमर की दुनिया में यदुवंशी खूब नाम कम रहे हैं, जानकर अच्छा लगा. तमाम नए नामों से परिचय भी हुआ.

Dr. Brajesh Swaroop ने कहा…

फिल्म व ग्लैमर की दुनिया में यदुवंशी खूब नाम कम रहे हैं, जानकर अच्छा लगा. तमाम नए नामों से परिचय भी हुआ.

SR Bharti ने कहा…

सभी बधाई के पात्र है. रघुबीर यादव और राजपाल यादव का अभिनय तो जाना-पहचाना है.

Bhanwar Singh ने कहा…

बहुत सुन्दर जानकारी मिली...आभार.