जातीय अस्मिता हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। कोई इसे छुपाकर प्रर्दशित करता है तो कोई इसी में रचनात्मकता तलाश लेता है। उत्तर प्रदेश में झांसी के रिटायर्ड शिक्षक रघुवीर सिंह यादव ने ऐसा ही कुछ रोचक कार्य किया है। उन्होंने यादव जाति के लोगों की 26 पीढ़ियों तक का इतिहास संजोकर रखा हुआ है। उनके पास क्षेत्र के करीब 70,000 यादवों का विवरण मौजूद है। यही नहीं, उन लोगों की 26 पीढ़ियों तक के गोत्र और वंशावली का विवरण भी हैै। सबसे मजेदार बात तो यह है कि रघुवीर यादव को जब भी कोई यादव मिलता है, तुरंत उसकी फोटो मांग लेते हैं या अपने कैमरे से खींच लेते हैं और फिर वंशावली की फाइल में संजो लेते हैं। वंशावली के लिए उन्होंने १०x10 फुट का जो सफेद कपड़ा बनाया है, वह अब पूरा भर गया है यानी उनका संग्रह निरंतर बढ़ रहा है। अपने इस शौक पर करीब पांच लाख रू0 खर्च कर चुके रघुबीर सिंह यादव का मानना है-‘‘मेरी सारी मेहनत अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि है। मैं चाहता हूँ कि उनके बारे में जानकारी जुटाकर मैं उनका ऋण चुका सकूँ।‘‘ इस अनूठे संग्रह एवं रघुवीर यादव की जिजीवषा पर ‘‘यदुकुल‘‘ उन्हें साधुवाद देता है।
मीरगंज रेलवे ढाला पर ओवरब्रिज निर्माण शुरू, बिना सूचना बदला रूट; दिनभर जाम
-
सहरसा पूर्णिया मुख्य मार्ग NH 107 का नया नंबर NH 231 कर दिया गया है।
मुरलीगंज–मधेपुरा मुख्य मार्ग पर मीरगंज रेलवे ढाला के समीप रेलवे ओवरब्रिज
(आरओबी) नि...
1 दिन पहले
9 टिप्पणियां:
अद्भुत ...कैसे करता होगा कोई ऐसा लाजवाब संग्रह...हैरान हूँ पढ़कर.
रघुबीर यादव जी का यह प्रयास सराहनीय है...
धन्य हैं आप रघुवीर सिंह .यादवों के लिए आप गौरव हैं मेरा प्रणाम.
achha laga.
सच में एक उन्नत समाज के निर्माण हेतु उस समाज को अपने अतीत की कमजोरियों और दृढ़ पक्ष के बारे में भली भांति परिचित होना चाहिए। सच में आप तो श्रीमान यादव समाज की धरोहर हो जिसने समाज को जगाने का सफल प्रयास किया है। **जय यादव जय माधव**।
bahut hi badiya............. badhai.
I feel proud to be born in this religion (YADAV)
I also proud to be born in Yadav religion
Jai yadav jai madhav
एक टिप्पणी भेजें