सोमवार, 18 मई 2009

543 में मात्र 19 यादव सांसद ??

पूरे देश में संपन्न चुनावों में 543 लोक सभा सीटों में से मात्र 19 यादव सांसद चुने गये हैं। उत्तर प्रदेश अकेले लोकसभा में सर्वाधिक 80 सांसद भेजता है। उत्तर प्रदेश को यादवी राजनीति के गढ़ के रूप में देखा जाता है, वहाँ इस लोकसभा चुनाव में निर्वाचित यादव सांसदों की संख्या मात्र 05 है। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव (मैनपुरी), उनके पुत्र अखिलेश यादव (कन्नौज एवं फिरोजाबाद), उनके भतीजे धर्मेन्द्र यादव (बदायूँ), रामकिशुन यादव (चन्दौली) एवं सपा से बगावत कर भाजपा का आजमगढ़ में पहली बार खाता खोलने वाले रमाकान्त यादव हैं।

बिहार भी यादवी राजनीति का गढ़ माना जाता है। वहाँ से लालू प्रसाद यादव स्वयं पाटलिपुत्र की सीट अपने पुराने मित्र रंजन प्रसाद यादव (जद यू) से हार चुके हैं तो सारण सीट ने उनका वरण किया है। शरद यादव मधोपुरा से सांसद निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा दिनेश चन्द्र यादव (जद यू, खगड़िया) और ओम प्रकाश यादव (निर्दलीय, सिवान), हुकुम देव यादव (भाजपा, मधुबनी), अर्जुन राय(जद यू,सीतामढ़ी)सहित 07 यादव सांसद बिहार में निर्वाचित हुए हैं। छत्तीसगढ़ में मधुसूदन यादव (भाजपा, राजनांदगांव), महाराष्ट्र में एच0 जी0 अहीर (भाजपा, चन्द्रपुर), सुरेश कलमाड़ी (कांग्रेस, पुणे), गुजरात में वी0 ए0 अहीर (कांग्रेस, जामनगर), मध्य प्रदेश में अरूण सुभाष चन्द्र यादव (कांग्रेस, खंडवा),हरियाणा में राव इन्द्रजीत सिंह (कांग्रेस, गुडगाँव), एवं आंध्र प्रदेश में अंजन कुमार यादव (कांग्रेस, सिकन्दराबाद) यादव प्रत्याशियों के रूप में निर्वाचित हुए हैं।

जिस यदुकुल की अच्छी-खासी जनसंख्या हो और उसके राजनेता भारत ही नहीं अन्य पडोसी देशों में प्रभावशाली पदों पर हों, वहां 543 में 19 सासदों की संख्या संतोषजनक नहीं कही जा सकती। जरुरत है कि यादव राजनेताओं के साथ-साथ यदुवंशी भी इस और ध्यान दें !!

(नोट-यदि किसी यादव सांसद का नाम भूलवश छूट गया हो तो अवश्य सूचित करने का कष्ट करें)

10 टिप्‍पणियां:

Navneet ने कहा…

Bihar se kam se kam 8 Yadav jeet ke aaye hain. Aapke 5 ke aalawa Hukumdev Yadav(Madhubani), Arjun Roy(Sitamarhi) and Dhaniklal Mandal(Jhanjharpur) hain. This is as my best knowledge might be some more.
Thanx
Navneet k.
Delhi.

युवा ने कहा…

Really its time for analysis.

युवा ने कहा…

@ Navneet !
झंझारपुर से तो जद यू के मंगनी लाल सांसद निर्वाचित हुए हैं, जैसा मैंने अख़बारों में पढ़ा है. एक बार फिर से चेक कर लें.

युवा ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Rashmi Singh ने कहा…

जरुरत है कि यादव राजनेताओं के साथ-साथ यदुवंशी भी इस और ध्यान दें !!
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सही कहा आपने...यदि जनता का ही सपोर्ट नहीं रहेगा तो नेता कहाँ जायेंगे...पर नेताओं को भी अपना चरित्र बदलना होगा.

बाजीगर ने कहा…

इस चुनाव में जब लालू जी ही निपट गए तो अन्य यादव बंधुओं का क्या कहा जाय.

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

धन्यवाद नवनीत जी! तदनुसार इस पोस्ट में संशोधन कर दिया गया है.संवाद बनाये रखें.

Ram Shiv Murti Yadav ने कहा…

(As said by Shekhar in Yadav Community on orkut)-
16 sansad..in 543...
its time to think the yadav political leaders specially like the lalu and mulayam.
par mera manana hai..ki iske liye yadav leader hi khud responsible hai... wo specially apne yadav caste ko convience nahi kar paye.
jo es baar ke election me accha perform nahi kar paye...kahi-kahi demolitation factor aur kahi political situation ne seat kam karne me apna yogdan diya....like in bihar and up congress ne sabhi seat par apna candidate khada kar diya..ye bhi ek wajah hai..is se bahut sa vote bat gaya...
but its time to think.... for yadav leaders...wats the reason behind it. and how they overcome frm this situation.

Navneet ने कहा…

Jhanjharpur se Mangli lal Mandal hi jite hain. Mere galat type hua tha. Sayad woh v Yadav hi hain as my best knowledge but not conformed.

Navneet ने कहा…

Jahn tak Bihar ke Yadubanshiyo ki bat hai woh ab etne mahatwakanchhi ho ye hain ki unhe ek karna muskil hain. Sabhi Yadav Neta or worker MLA MP Or Mantri hi bnana chahte hain. Yadavo ne lambe samay se Satta ko Bihar me dekha hai yahi karn hai woh ab v satta se dur rhna nhi chahte hain, JDU ko satta me dekh udhr hi chal dete hain. JDU ke Yadav candidate safal v hote hain RJD se jyada. Es Lokhsabha chunav me v JDU ke sayad sabhi Yadav candidate jeet gye, Vidhan sabha me v JDU ne 22 ticket diya tha 18 jeet ke aaye the jabki RJD me 40 diye to 22 jeet ke aaye. Yadav mato ka bivajan saubhavik ho gya.
Laluji ke es halat ka v yahi karan hai ki unke worker me koi dedication rha nhi hai. Kud Laluji Delhi me hi jame the koi sangathan bachha nhi tha grass root pe. Lekin abhi v 60% yadavo ka vote RJD ko jata hai agar Laluji thik se dhyan de to unki vapsi muskil nhi hai.