मुंबई में शिवाजी टर्मिनल पर आतंकवादियों से मुठभेड़ करने वाले कमांडो ग्रुप में शामिल गौरी शंकर यादव अब किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। मध्यप्रदेश के खंडवा जनपद के ग्राम नागचूंड के रहने वाले इस जांबाज सिपाही को जब शिवाजी टर्मिनल पर आतंकियों द्वारा गोलीबारी की जा रही थी तो वहाँ तैनात कमांडो ग्रुप को होटल ताज पहुँचने का एकाएक आदेश मिला। गौरीशंकर यादव अपने साथियों के साथ होटल ताज के लिए निकल पड़े, जहाँ अन्य फोर्स के जवानों से जानकारी लेकर तैयारी की गई। 51-51 कमांडरों के ग्रुप बनाए गये। श्री यादव जिस ग्रुप में शामिल थे,उसको आपरेशन टारनेडो नाम दिया गया। फिर शुरू हुआ आपरेशन ताज। गौरी शंकर यादव ने कहा कि होटल ताज पर आतंकियों से मुठभेड़ के समय हमारे साथी वहाँ पड़ी लाशों और गोलियों को देखकर कुछ देर के लिए ठिठक गए,यह सोचकर कि खून-खराबे के बिना इन आतंकियों पर काबू किया जा सके। पर अंततः वीरता का प्रदर्शन करते हुए इन कमांडों ने आतंकियों को मार गिराया। ऐसे जांबाजों की बहादुरी को 'यदुकुल' का सलाम !!
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11 घंटे पहले
8 टिप्पणियां:
अंततः वीरता का प्रदर्शन करते हुए इन कमांडों ने आतंकियों को मार गिराया। ऐसे जांबाजों की बहादुरी को हमारा भी सलाम !!
ऐसे युवा ही इतिहास रचते हैं.
डाकिया बाबू की तरफ से ऐसे वीरों को salute.
काश हमारे राजनेता इनसे सबक लेते.
We are proud of these brave commandos.
इस बहादुरी को नमन.
Really brave commandos.
Is jajbe ko salam.
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