बुधवार, 12 मई 2010

कुश्ती का जांबाज सितारा : नरसिंह यादव

सीनियर एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता में मुंबई के पहलवान नरसिंह यादव ने देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाकर यदुवंश के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन किया है। नरसिंह यादव ने 12 मई, 2010 को ईरान के पहलवान सईद रियाही को 74 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर स्वर्ण पदक जीता था।गौरतलब है कि ईरानी पहलवान काफी अच्छे माने जाते हैं। इस युवा पहलवान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मुंबई के कोच जगमाल सिंह और राष्ट्रीय कोच जगमिंदर सिंह को देते हुए कहा, एशियाई प्रतियोगिता एक बड़ी प्रतियोगिता है और इसमें स्वर्ण पदक जीतना मेरे लिए बड़ी बात है। मैं अपने इस स्वर्ण पदक को देश को समर्पित करता हूं। ईरानी प्रतिद्वंद्वी रियाही के बारे में नरसिंह ने कहा, मैंने उसके पिछले मुकाबलों में वीडियो देखे थे। उसके स्टाइल को भांपने की कोशिश की थी। नरसिंह के कोच साई सेंटर कांधीवली मुंबई के जगमाल सिंह ने अपने शिष्य की इस उपलब्धि पर कहा, जब नरसिंह 13 वर्ष का था, जब यह मेरे पास आया था। यह पिछले आठ वर्ष से मेरे पास अभ्यास कर रहा है।

नरसिंह यादव एक गरीब परिवार से है। उनके पिता दूध का काम करते हैं और छोटी डेयरी चलाते हैं, लेकिन नरसिंह ने अपनी कामयाबियों से अपने परिवार की स्थिति सुधार दी है। कोच ने कहा, नरसिंह जब 13 वर्ष की उम्र में मेरे पास आया था, तभी मैंने भांप लिया था कि यह प्रतिभाशाली बच्चा है। उन्होंने स्कूली खेलों, सब जूनियर, जूनियर और जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में पदक जीतकर खुद को साबित कर दिया था और अब तो उन्होंने सीनियर एशियाई चैम्पियपशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है। जगमाल ने बताया कि नरसिंह ने इस वर्ष बेलारूस में विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता को हराकर रजत जीता था। अब नरसिंह यादव को आगामी राष्ट्रमंडल तथा एशियाई खेलों में देश का नाम रोशन करना है।

नरसिंह यादव को इस गौरवमयी उपलब्धि पर यदुकुल की बधाई !!

4 टिप्‍पणियां:

Bhanwar Singh ने कहा…

नरसिंह यादव जी की इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई !!

Rashmi Singh ने कहा…

क्रिकेट में भले ही पिट रहे हैं, पर कुश्ती ने तो लाज बचा ली. नरसिंह जी को बधाई.

KK Yadava ने कहा…

अब नरसिंह यादव को आगामी राष्ट्रमंडल तथा एशियाई खेलों में देश का नाम रोशन करना है।
नरसिंह यादव को इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई !!

Shyama ने कहा…

बहुत खूब, जैसा नाम-वैसा काम..बधाई हो नरसिंह जी.